एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, PM मोदी 5 नवंबर को पैरा-एथलीट्स से करेंगे मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 नवंबर 2026 को शाम 4:30 बजे IST नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एशियन पैरा गेम्स 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल से मुलाकात करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। यह आयोजन उस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव है, जिसमें भारतीय पैरा-एथलीट्स ने गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
भारत का रिकॉर्ड मेडल प्रदर्शन
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में 97 भारतीय पैरा-एथलीट्स ने कुल 114 मेडल जीते — जिनमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज शामिल हैं। यह भारत का इस प्रतियोगिता में अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन है।
इससे पहले 2023 के हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में भारत ने 111 मेडल (29 गोल्ड, 21 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज) जीते थे, जो उस समय का सर्वश्रेष्ठ था। इस बार के प्रदर्शन ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
खेलवार प्रदर्शन की झलक
भारत ने पैरा एथलेटिक्स में सर्वाधिक 65 मेडल हासिल किए, जिनमें 22 गोल्ड, 19 सिल्वर और 24 ब्रॉन्ज शामिल हैं। पैरा आर्चरी और पैरा बैडमिंटन में भारत को प्रत्येक खेल में 3-3 गोल्ड मेडल मिले।
शूटिंग में भारत ने 2 गोल्ड सहित कुल 5 मेडल अपने नाम किए। समग्र मेडल टैली में भारत चौथे स्थान पर रहा। चीन 435 मेडल के साथ शीर्ष पर, जापान 186 मेडल के साथ दूसरे, उज्बेकिस्तान 145 मेडल के साथ तीसरे और साउथ कोरिया 100 मेडल के साथ पाँचवें स्थान पर रहा।
PM मोदी की सराहना और संबोधन
इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पैरा-एथलीट्स की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा था, 'एशियन पैरा गेम्स 2026 में हमारे पैरा-एथलीट्स ने क्या शानदार कामयाबी हासिल की है। रिकॉर्ड 114 मेडल के साथ, यह गेम्स में भारत का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। यह पूरे देश के लिए बहुत गर्व और खुशी का मौका है। मैं हमारे दल के हर सदस्य को उनके जबरदस्त इरादे के लिए बधाई देता हूं।'
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा-स्पोर्ट्स में अपनी संस्थागत क्षमता तेज़ी से बढ़ा रहा है, और पैरा-एथलीट्स को मुख्यधारा के खेल प्रशिक्षण अवसंरचना से जोड़ने की पहल जारी है।
कार्यक्रम में कौन-कौन होगा शामिल
5 नवंबर के इस विशेष कार्यक्रम में पैरा-एथलीट्स और उनके कोच के साथ-साथ भारतीय पैरालंपिक समिति और भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल संघों के प्रतिनिधि, तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अधिकारी भी भाग लेंगे।
यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के सम्मान का अवसर है, बल्कि पैरा-स्पोर्ट्स नीति और भविष्य की तैयारियों पर सरकार की प्रतिबद्धता का सार्वजनिक प्रदर्शन भी है। आगामी अंतरराष्ट्रीय पैरा-स्पोर्ट्स स्पर्धाओं को देखते हुए यह संवाद भारतीय पैरा-एथलीट्स के मनोबल के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।