4 नवंबर 2026
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झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: 15 साल पुराने सरकारी वाहन होंगे स्क्रैप, नीलामी प्रक्रिया शुरू

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झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: 15 साल पुराने सरकारी वाहन होंगे स्क्रैप, नीलामी प्रक्रिया शुरू

सारांश

झारखंड सरकार ने 15 साल पुराने सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिवहन सचिव राजीव रंजन ने बुधवार को रांची में बैठक कर नोडल अधिकारियों को वाहनों की पहचान और MSTC व GeM पोर्टल पर नीलामी के निर्देश दिए। स्क्रैपिंग से जगह, रखरखाव खर्च और राजस्व — तीनों पर असर पड़ेगा।

मुख्य बातें

झारखंड परिवहन विभाग ने 15 साल या उससे अधिक पुराने सरकारी वाहनों को स्क्रैप करने की प्रक्रिया 4 नवंबर 2026 को शुरू की।
परिवहन सचिव राजीव रंजन ने रांची के प्रोजेक्ट भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर वाहन पहचान और निस्तारण के निर्देश दिए।
वाहनों की जानकारी पहले MSTC और GeM पोर्टल पर दर्ज होगी, फिर नीलामी और अंत में RVSF केंद्र में स्क्रैपिंग होगी।
केवल उम्र नहीं, वाहन की वर्तमान स्थिति और निर्धारित नियम भी स्क्रैपिंग का आधार बनेंगे।
स्क्रैपिंग से सरकारी परिसरों में जगह , रखरखाव खर्च में बचत और सरकारी राजस्व में वृद्धि अपेक्षित।

झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी दफ्तरों और पुलिस थानों में वर्षों से धूल फाँक रहे पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों को व्यवस्थित रूप से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को रांची के प्रोजेक्ट भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्देश दिए। 15 साल या उससे अधिक पुराने सरकारी वाहनों को MSTC और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर नीलामी के बाद पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) केंद्रों में भेजा जाएगा।

क्यों उठाया गया यह कदम

राज्यभर के सरकारी परिसरों और पुलिस थानों में दुर्घटनाग्रस्त या पूरी तरह खराब हो चुकी गाड़ियाँ लंबे समय से खड़ी हैं। इनका न कोई उपयोग है, न मरम्मत संभव है — फिर भी ये कीमती जगह घेरती रहती हैं। परिवहन सचिव राजीव रंजन के अनुसार, इन वाहनों को हटाने से सरकारी परिसरों में जगह खाली होगी और अनुपयोगी गाड़ियों के रखरखाव पर होने वाला अनावश्यक खर्च भी बचेगा। इसके साथ ही, यह कदम पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा।

स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया

वाहन हटाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी। सबसे पहले संबंधित विभाग को ऐसे वाहनों की जानकारी MSTC और GeM पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके बाद नीलामी आयोजित की जाएगी। नीलामी की प्रक्रिया पूरी होते ही वाहनों को RVSF केंद्र भेजा जाएगा, जहाँ उन्हें केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नष्ट किया जाएगा।

गौरतलब है कि केवल 15 साल पुराना होना स्वतः स्क्रैपिंग का आधार नहीं बनेगा। प्रत्येक वाहन की वर्तमान स्थिति और निर्धारित नियमों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सरकारी खजाने को भी होगा फायदा

स्क्रैपिंग से प्राप्त राशि और उससे जुड़े कर सीधे सरकारी खजाने में जमा होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैप नीति को पूरे देश में लागू किया जा रहा है और राज्य सरकारों से भी अपने पुराने वाहन बेड़े को इस नीति के तहत लाने की अपेक्षा है।

नोडल अधिकारियों को दिए निर्देश

बैठक में MSTC और RVSF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। सचिव राजीव रंजन ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग में ऐसे वाहनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करें। यदि किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई आए, तो परिवहन विभाग से सहायता लेने का भी प्रावधान किया गया है। आने वाले हफ्तों में सभी विभागों द्वारा वाहनों की सूची तैयार किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — राज्य के सरकारी विभागों में नौकरशाही जड़ता और वाहन रिकॉर्ड की अपूर्णता इस प्रक्रिया को धीमा कर सकती है। पुलिस थानों में पड़े दुर्घटनाग्रस्त वाहन अक्सर न्यायिक मामलों से जुड़े होते हैं, जिनसे उन्हें हटाने में अतिरिक्त कानूनी जटिलता आती है — इस पहलू पर अभी स्पष्टता नहीं है। GeM और MSTC पोर्टल पर पारदर्शी नीलामी से राजस्व तो मिलेगा, पर बिना मजबूत निगरानी तंत्र के यह प्रक्रिया कागजों तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड सरकार के पुराने वाहन स्क्रैप करने की योजना क्या है?
झारखंड परिवहन विभाग ने 15 साल या उससे अधिक पुराने सरकारी वाहनों को MSTC और GeM पोर्टल पर नीलामी के बाद पंजीकृत RVSF केंद्रों में स्क्रैप करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह कदम केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार उठाया जा रहा है।
क्या 15 साल पुराना हर सरकारी वाहन स्वतः स्क्रैप हो जाएगा?
नहीं। केवल उम्र के आधार पर कोई वाहन स्क्रैप नहीं किया जाएगा। प्रत्येक वाहन की वर्तमान स्थिति और निर्धारित नियमों की समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वाहन स्क्रैपिंग की प्रक्रिया कैसे होगी?
संबंधित विभाग पहले पुराने वाहनों की जानकारी MSTC और GeM पोर्टल पर दर्ज करेगा, फिर नीलामी होगी। नीलामी पूरी होने के बाद वाहन RVSF केंद्र भेजे जाएँगे, जहाँ उन्हें नियमानुसार नष्ट किया जाएगा।
इस योजना से सरकार को क्या फायदा होगा?
परिवहन सचिव राजीव रंजन के अनुसार, पुराने वाहनों को हटाने से सरकारी परिसरों में जगह खाली होगी, रखरखाव खर्च बचेगा और स्क्रैपिंग से प्राप्त राशि व कर सरकारी खजाने में जमा होंगे। इसके अतिरिक्त पर्यावरण और सड़क सुरक्षा को भी लाभ मिलेगा।
इस प्रक्रिया में तकनीकी समस्या आने पर क्या होगा?
परिवहन सचिव ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तकनीकी कठिनाई की स्थिति में संबंधित विभाग परिवहन विभाग से सहायता ले सकता है। MSTC और RVSF के प्रतिनिधियों ने बैठक में अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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