16 सितंबर 2026
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गौतमबुद्धनगर में 650 से अधिक पुराने वाहन जब्त, परिवहन विभाग का सघन प्रवर्तन अभियान जारी

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गौतमबुद्धनगर में 650 से अधिक पुराने वाहन जब्त, परिवहन विभाग का सघन प्रवर्तन अभियान जारी

सारांश

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने के लिए गौतमबुद्धनगर परिवहन विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी के आदेशों पर 650 से अधिक पुराने वाहन जब्त कर स्क्रैपिंग केंद्रों को सुपुर्द कर दिए। 10 वर्ष से पुराने डीजल और 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों पर यह प्रतिबंध सख्ती से लागू है।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर में परिवहन विभाग ने अब तक 650 से अधिक वाहन जब्त कर अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों को सुपुर्द किए।
सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी के आदेशों के तहत दिल्ली-एनसीआर में 10 वर्ष से पुराने डीजल और 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध।
प्रतिबंधित वाहनों को सड़क पर चलाना और सार्वजनिक स्थानों पर पार्क करना — दोनों नियमों का उल्लंघन।
जब्त वाहन मालिकों को स्क्रैप मूल्य के साथ सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट मिलेगा, जिससे नए वाहन पर रोड टैक्स छूट मिल सकती है।
वाहन मालिक एनओसी लेकर वाहन उस राज्य या ज़िले में स्थानांतरित कर सकते हैं जहाँ आयु सीमा प्रतिबंध नहीं है।
परिवहन विभाग ने प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रखने की घोषणा की है।

गौतमबुद्धनगर में परिवहन विभाग ने 16 सितंबर 2026 तक 650 से अधिक वाहनों को जब्त कर अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों को सुपुर्द कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में यह सघन प्रवर्तन अभियान दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। जब्त वाहनों में कार, एसयूवी और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं।

मुख्य घटनाक्रम

परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने गौतमबुद्धनगर के प्रमुख चौराहों, एक्सप्रेसवे, मुख्य मार्गों और आंतरिक सड़कों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान निर्धारित आयुसीमा पूरी कर चुके वाहनों की जाँच की गई और नियम उल्लंघन करते पाए गए 650 से अधिक वाहन जब्त किए गए।

जब्त वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र को सुपुर्द कर दिया गया है, जहाँ निर्धारित नियमों के तहत स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

क्या हैं नियम और प्रतिबंध

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। ऐसे वाहनों को सड़क पर चलाना ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर पार्क करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित वाहनों का संचालन करते पाए जाने पर नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

वाहन मालिकों के लिए राहत और विकल्प

विभाग के अनुसार, जब्त वाहनों के मालिकों को नियमानुसार स्क्रैप मूल्य दिया जाएगा। साथ ही उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (जमा प्रमाणपत्र) भी प्रदान किया जाएगा, जिसका उपयोग नया वाहन खरीदते समय रोड टैक्स में छूट और वाहन निर्माता की ओर से उपलब्ध अतिरिक्त लाभ लेने के लिए किया जा सकेगा।

जिन वाहन मालिकों के वाहन जल्द ही निर्धारित आयु सीमा पूरी करने वाले हैं, उनके लिए परिवहन विभाग ने एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का विकल्प भी बताया है। ऐसे वाहन मालिक एनओसी प्राप्त कर वाहन को ऐसे राज्य या ज़िले में स्थानांतरित कर सकते हैं, जहाँ यह आयु सीमा प्रतिबंध लागू नहीं है।

आम जनता पर असर

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर सर्दियों के आगमन से पहले ही चिंताजनक बना रहता है। गौरतलब है कि पुराने वाहन वायु प्रदूषण के प्रमुख कारकों में से एक माने जाते हैं।

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि यदि उनके पास निर्धारित आयुसीमा से अधिक पुराना वाहन है, तो वे स्वयं आगे आकर उसे स्क्रैप कराएँ और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएँ।

क्या होगा आगे

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गौतमबुद्धनगर में यह प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। विभिन्न प्रवर्तन टीमें जनपद के अलग-अलग इलाकों में नियमित जाँच अभियान चलाती रहेंगी, और नियम उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एनसीआर में अनुमानित लाखों की संख्या में चल रहे प्रतिबंधित वाहनों के मुकाबले यह कितनी बड़ी है। सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी के आदेश वर्षों पुराने हैं, फिर भी प्रवर्तन की गति आमतौर पर सर्दी नज़दीक आने पर ही तेज़ होती है — जो दर्शाता है कि यह नीतिगत प्राथमिकता कम और मौसमी दबाव अधिक है। वाहन मालिकों को स्क्रैप मूल्य और रोड टैक्स छूट देने की व्यवस्था सकारात्मक कदम है, लेकिन इसका व्यापक प्रचार-प्रसार न होने से अधिकांश लोग इन सुविधाओं से अनजान रहते हैं। जब तक स्वैच्छिक स्क्रैपिंग को आर्थिक रूप से आकर्षक नहीं बनाया जाता, तब तक केवल जब्ती अभियान पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में कितने वाहन जब्त किए गए और क्यों?
गौतमबुद्धनगर में परिवहन विभाग ने अब तक 650 से अधिक वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी के आदेशों के तहत दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने के लिए की जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में कौन से पुराने वाहन प्रतिबंधित हैं?
दिल्ली-एनसीआर में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसे वाहनों को सार्वजनिक स्थानों पर पार्क करना भी नियम उल्लंघन माना जाता है।
जब्त वाहन के मालिक को क्या मिलेगा?
जब्त वाहन के मालिक को नियमानुसार स्क्रैप मूल्य दिया जाएगा और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (जमा प्रमाणपत्र) प्रदान किया जाएगा। इस प्रमाणपत्र से नया वाहन खरीदने पर रोड टैक्स में छूट और वाहन निर्माता की ओर से अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
क्या पुराने वाहन को किसी दूसरे राज्य में ले जाया जा सकता है?
हाँ, परिवहन विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेकर वाहन को ऐसे राज्य या ज़िले में स्थानांतरित किया जा सकता है जहाँ आयु सीमा प्रतिबंध लागू नहीं है। इसके लिए वाहन मालिक को निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन करना होगा।
यह प्रवर्तन अभियान कब तक चलेगा?
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गौतमबुद्धनगर में यह प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विभिन्न प्रवर्तन टीमें जनपद के अलग-अलग इलाकों में नियमित जाँच करती रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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