16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार के 1520 विद्यालय भवनों के लिए मिथिलेश तिवारी ने केंद्र से माँगी वित्तीय सहायता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार के 1520 विद्यालय भवनों के लिए मिथिलेश तिवारी ने केंद्र से माँगी वित्तीय सहायता

सारांश

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर 1520 भवनविहीन विद्यालयों के निर्माण, 3818 आईसीटी लैब के लिए ₹91.63 करोड़ और छह डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने हेतु ₹50.80 करोड़ समेत कई माँगें रखीं। जोशी ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से नई दिल्ली में मुलाकात की।
1520 भूमिहीन एवं भवनविहीन विद्यालयों में नए भवन निर्माण के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता का आग्रह किया गया; इन स्थलों के लिए भूमि उपलब्ध है।
3818 आईसीटी लैब के लिए ₹91.63 करोड़ और 784 पूर्व-संचालित लैब के लिए ₹18.82 करोड़ की माँग रखी गई।
836 विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड, 525 विद्यालयों में शौचालय मरम्मत और 227 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण की भी माँग की गई।
छह जिलों के डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने हेतु ₹50.80 करोड़ और उल्लास कार्यक्रम को 2027-32 तक विस्तार देने की माँग भी उठाई गई।

बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर राज्य में विद्यालयी शिक्षा की आधारभूत संरचना, डिजिटल शिक्षा और गुणवत्ता सुधार के लिए केंद्र से व्यापक वित्तीय सहायता का आग्रह किया। जोशी ने तिवारी की सभी माँगों को ध्यानपूर्वक सुना और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

1520 भवनविहीन विद्यालयों की मुख्य माँग

तिवारी ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष सबसे प्रमुख माँग रखी कि बिहार के 1520 भूमिहीन एवं भवनविहीन विद्यालयों में नए भवनों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन विद्यालयों के लिए भूमि पहले ही चिह्नित कर ली गई है और भवन निर्माण होते ही लाखों छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएँ मिल सकेंगी।

डिजिटल शिक्षा और आईसीटी लैब के लिए फंड की माँग

शिक्षा मंत्री ने 3818 आईसीटी लैब के निर्बाध संचालन के लिए ₹91.63 करोड़ की आवर्ती राशि तथा लंबित गैर-आवर्ती राशि को शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया। इसके अलावा, पहले से संचालित 784 आईसीटी लैब के लिए ₹18.82 करोड़ की आवर्ती राशि की स्वीकृति भी माँगी गई। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार डिजिटल शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता दे रहा है।

पीएम श्री विद्यालयों और अन्य सुविधाओं की माँगें

तिवारी ने पीएम श्री विद्यालयों में 227 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, 525 विद्यालयों में जर्जर शौचालयों की मरम्मत, 836 विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड एवं इंटरैक्टिव लर्निंग पैनल की स्थापना तथा बैंड यूनिफॉर्म के लिए आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। गौरतलब है कि ये सुविधाएँ छात्रों की उपस्थिति और सीखने की गुणवत्ता दोनों पर सीधा असर डालती हैं।

विज्ञान प्रयोगशालाएँ, डायट और उल्लास कार्यक्रम

बैठक में 1275 विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक स्थलों को शीघ्र स्वीकृति देने की माँग भी उठाई गई। शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति के लिए फेसियल रिकॉगनेशन सिस्टम हेतु ₹8.29 करोड़ जारी करने का अनुरोध किया गया। तिवारी ने भोजपुर, गया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, समस्तीपुर और औरंगाबाद के छह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए ₹50.80 करोड़ की स्पिल ओवर राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने उल्लास कार्यक्रम की अवधि 2027-32 तक बढ़ाने की माँग भी रखी।

बैठक का महत्व और आगे की राह

यह बैठक केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में जोशी का पदभार ग्रहण करने के बाद तिवारी की पहली औपचारिक मुलाकात थी। तिवारी ने जोशी को बधाई दी और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अपनी पुस्तक 'वन्दे मातरम्' की प्रति भी भेंट की। केंद्र के आश्वासन के बाद अब यह देखना होगा कि बिहार की इन शैक्षणिक माँगों पर कितनी शीघ्रता से ठोस कदम उठाए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और केंद्र-राज्य वित्तपोषण की खींचतान इस क्षेत्र में पुरानी है। प्रह्लाद जोशी का 'त्वरित कार्रवाई का आश्वासन' एक परिचित राजनयिक वाक्यांश है — असली कसौटी यह होगी कि बजटीय आवंटन कब और कितना मिलता है। ₹91.63 करोड़ की आईसीटी माँग और ₹50.80 करोड़ की डायट स्पिल ओवर राशि दर्शाती है कि पहले स्वीकृत योजनाओं के लिए भी धन अटका हुआ है — यह केवल नई माँगों का मामला नहीं, बल्कि लंबित प्रतिबद्धताओं की वसूली का भी है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्र से क्या माँगा है?
मिथिलेश तिवारी ने 1520 भवनविहीन विद्यालयों में नए भवन निर्माण, 3818 आईसीटी लैब के लिए ₹91.63 करोड़, और छह डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने हेतु ₹50.80 करोड़ सहित कई वित्तीय माँगें केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के समक्ष रखीं।
बिहार के 1520 भवनविहीन विद्यालयों की स्थिति क्या है?
इन 1520 विद्यालयों के पास अपना कोई भवन नहीं था, लेकिन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है। केंद्र से वित्तीय सहायता मिलने पर भवन निर्माण शुरू हो सकेगा और छात्रों को उचित शैक्षणिक सुविधाएँ मिल सकेंगी।
आईसीटी लैब के लिए कितनी राशि माँगी गई है?
बिहार सरकार ने 3818 आईसीटी लैब के संचालन के लिए ₹91.63 करोड़ की आवर्ती राशि और लंबित गैर-आवर्ती राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, 784 पूर्व-संचालित लैब के लिए ₹18.82 करोड़ की अलग माँग भी रखी गई है।
उल्लास कार्यक्रम क्या है और इसे क्यों बढ़ाने की माँग है?
उल्लास एक केंद्र सरकार का साक्षरता एवं जीवन-संवर्धन कार्यक्रम है। बिहार सरकार ने इसकी अवधि 2027-32 तक बढ़ाने की माँग की है ताकि राज्य में साक्षरता अभियान की निरंतरता बनी रहे।
छह डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना क्या है?
भोजपुर, गया, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, समस्तीपुर और औरंगाबाद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को उन्नत शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए ₹50.80 करोड़ की स्पिल ओवर राशि जारी करने का आग्रह किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 26 मिनट पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले