बिहार की पंचायती राज संस्थाओं को मिली 1203 करोड़ की मदद
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत 4383.98 करोड़ रुपए जारी किए।
- बिहार की पंचायती राज संस्थाओं को 1203 करोड़ रुपए का टाइड अनुदान मिला।
- इस राशि का उपयोग ग्रामीण विकास और आधारभूत सेवाओं में किया जाएगा।
पटना, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को 15वें वित्त आयोग के तहत टाइड और अनटाइड अनुदान के रूप में 4,383.98 करोड़ रुपए की राशि जारी की है।
इसमें बिहार के त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को टाइड अनुदान की दूसरी किश्त के रूप में 1203.60 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पहली किश्त के रोके गए हिस्से से 2.09 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उन तीन ब्लॉक, पंचायतों और सात ग्राम पंचायतों के लिए भी जारी की गई है, जो अब पात्र हो गई हैं।
यहां उल्लेखनीय है कि 27 जनवरी को पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से शिष्टाचार मुलाकात की थी और विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा था।
15वीं वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान के तहत 803.79 करोड़ और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अवशेष 2622.65 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया गया है। साथ ही, राज्य की ग्राम पंचायतों में निर्मित पंचायत सरकार भवनों के संचालन और रख-रखाव के लिए वार्षिक वित्तीय सहायता भी मांगी गई थी।
उन्होंने राज्य के जिला पंचायत संसाधन केंद्रों में कंप्यूटर लैब को सुदृढ़ करने और ई-गवर्नेंस कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के बजट में वृद्धि की मांग की।
बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से राज्य की ग्राम पंचायतों में चल रहे जनकल्याणकारी कार्यों को नई गति मिलेगी। यह राशि स्वच्छता, ओडीएफ स्थिति के संरक्षण व सुरक्षित पेयजल जैसी आधारभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में अहम भूमिका निभाएगी।