क्या बिहार विधानमंडल सदस्यों ने विकासात्मक योजनाओं पर 3633 करोड़ रुपए खर्च किए?

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क्या बिहार विधानमंडल सदस्यों ने विकासात्मक योजनाओं पर 3633 करोड़ रुपए खर्च किए?

सारांश

बिहार विधानमंडल के सदस्यों ने विकासात्मक योजनाओं पर भारी निवेश किया है। पिछले पांच वर्षों में 3633 करोड़ रुपए खर्च कर 72,206 योजनाएं पूर्ण की गई हैं। क्या इससे राज्य में विकास की रफ्तार बढ़ेगी? जानिए इस रिपोर्ट में!

Key Takeaways

  • 5088 करोड़ रुपए की योजनाओं की अनुशंसा की गई है।
  • 3633 करोड़ रुपए खर्च कर 72,206 योजनाएं पूर्ण की गई हैं।
  • वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रति सदस्य की अनुशंसा राशि 4 करोड़ रुपए है।
  • विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जा रही है।
  • राज्य के विकास से जुड़े आंकड़ों का संग्रह किया जा रहा है।

पटना, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत बिहार विधानमंडल के सदस्यों ने पिछले पांच से छह वर्षों में 5088 करोड़ रुपए की विभिन्न स्तर की कई योजनाओं की अनुशंसा की। इनमें 3633 करोड़ रुपए खर्च कर 72,206 योजनाएं पूर्ण की गई हैं, जबकि 17,621 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। 17वीं विधानसभा और बिहार विधान परिषद सदस्य के (वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक) कार्यकाल के दौरान विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की अनुशंसा की गई।

वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रति विधानमंडल सदस्य की अनुशंसा के लिए अनुमान्यता राशि 3 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष कर दी गई है।

यह जानकारी योजना एवं विकास विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दी। वे बुधवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित विभागीय प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों और इनकी उपलब्धियों का लेखाजोखा प्रस्तुत किया गया। मंत्री ने कहा कि राज्य के विकास से जुड़े आंकड़ों का संग्रह किया जा रहा है। सभी विभागों से इससे संबंधित जानकारी मांगी गई है। इसे संग्रहित करके रखा जाएगा और योजना विकास विभाग के साथ ही बिहार सांख्यिकी निदेशालय के ऑनलाइन पोर्टल पर सभी आंकड़े नियमित अपडेट किए जाएंगे। इस मौके पर विभागीय प्रधान सचिव मयंक बड़बडे, निदेशक रणजीत कुमार, और अन्य मौजूद थे।

विभागी उपलब्धियों के तहत यह जानकारी दी गई कि संसद सदस्यों की स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत 18वीं लोकसभा के सांसदों की अनुशंसा पर नवंबर 2025 तक 2456 स्वीकृत योजनाओं के मुकाबले 1108 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिस पर 117 करोड़ 64 लाख रुपए का व्यय आया है। इसी तरह 17वीं लोकसभा के अंतर्गत सांसदों की अनुशंसा पर 13,093 योजनाओं में से 12,190 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इस पर 621 करोड़ 90 लाख रुपए का खर्च किया गया। इसी तरह राज्यसभा के सांसदों की अनुशंसा पर वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक स्वीकृत 3,792 योजनाओं के मुकाबले 2,914 योजनाएं पूर्ण हैं, जिस पर 261 करोड़ 95 लाख रुपए का खर्च आया है। 868 ऐसी योजनाएं हैं, जिनका कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत 2 अक्टूबर 2016 से 31 दिसंबर 2025 तक 12वीं या समकक्ष परीक्षा पास कुल 8,76,473 आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है। इस पर 1267 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इस योजना के तहत 1 अक्टूबर 2025 से स्नातक (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय) पास युवक या युवतियों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत 31,006 आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है, जिस पर 3 करोड़ 10 लाख रुपए का खर्च आया है।

लोक वित्त समिति के समक्ष वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 586 योजनाओं की अनुशंसा की गई, जिसकी लागत राशि 1,38,811 करोड़ रुपए है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक कुल 357 योजनाओं की अनुशंसा की गई, जिसकी लागत राशि 1,68,870 करोड़ रुपए है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2023-24 में षष्ठम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा एवं राज्य योजना मद की राशि से दो हजार पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इनके अंतर्गत 1978 भवनों के निर्माण के लिए निविदा प्रकाशित की जा चुकी है, जिसमें 1960 का निपटारा किया जा चुका है। इसके अलावा ई-किसान भवन योजना के तहत 210 स्वीकृत योजनाओं में 186 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।

राज्य में मंदिर और कब्रिस्तान की घेराबंदी का काम तेजी से चल रहा है। बिहार मंदिर चाहरदीवारी निर्माण योजना के तहत 654 योजनाओं में 538 योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। कब्रिस्तान घेराबंदी योजना के तहत स्वीकृत 4289 योजनाओं में 3893 योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।

वर्तमान मूल्य पर वित्तीय वर्ष 2024-25 का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में वार्षिक वृद्धि दर 13.09 प्रतिशत है, जबकि स्थिर मूल्य (2011-12) पर वार्षिक वृद्धि दर 8.64 प्रतिशत है। वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2024-25 का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद 76,490 रुपये था, जबकि स्थिर मूल्य (2011-12) पर 40,973 रुपये है।

Point of View

यह स्पष्ट होता है कि विकास की गति और योजनाओं की गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देना आवश्यक है। यह आवश्यक है कि राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाए।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

बिहार विधानमंडल सदस्यों ने कितने रुपए खर्च किए?
बिहार विधानमंडल सदस्यों ने पिछले पांच वर्षों में विकासात्मक योजनाओं पर 3633 करोड़ रुपए खर्च किए।
कितनी योजनाएं पूर्ण हुई हैं?
इनमें 72,206 योजनाएं पूर्ण की गई हैं।
कितनी योजनाएं प्रगति पर हैं?
17,621 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है।
किस योजना के तहत यह जानकारी दी गई?
यह जानकारी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए प्रति सदस्य की अनुशंसा राशि क्या है?
वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रति विधानमंडल सदस्य की अनुशंसा राशि 4 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष कर दी गई है।
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