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केंद्र ने असम में ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत करने हेतु 299 करोड़ रुपए की राशि का ऐलान किया

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केंद्र ने असम में ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत करने हेतु 299 करोड़ रुपए की राशि का ऐलान किया

सारांश

केंद्र सरकार ने असम में ग्रामीण स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थानों को सशक्त बनाने के लिए 299 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी करने की घोषणा की है। यह अनुदान 15वें वित्त आयोग के तहत प्रदान किया गया है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने असम में 299 करोड़ रुपए का अनुदान जारी किया।
यह राशि 15वें वित्त आयोग के तहत है।
पंचायती राज संस्थानों और ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए उपयोग होगी।
स्वच्छता और पेयजल आपूर्ति के लिए भी उपयोग की जाएगी।
अनुदान का लाभ राज्य की सभी पंचायतों को मिलेगा।

नई दिल्ली, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने रविवार को ऐलान किया कि उसने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान के तहत असम में पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को सशक्त बनाने के लिए 299 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की है।

पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, इस धनराशि में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अप्रतिबंधित अनुदान की दूसरी किस्त, 256.60 करोड़ रुपए, शामिल है।

इस राशि का लाभ असम की सभी 27 जिला पंचायतों (डीपी), 182 ब्लॉक पंचायतों (बीपी), और 2,192 ग्राम पंचायतों (जीपी) को मिलेगा।

असम की तीन स्वायत्त जिला परिषदों (एडीसी), बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी), कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी), और दीमा हसाओ स्वायत्त परिषद (डीएचएसी) को भी वित्तीय सहायता दी जाएगी।

इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अप्रतिबंधित अनुदान की पहली किस्त में 42.70 करोड़ रुपए की रोकी गई राशि को इन तीनों एडीसी को जारी कर दिया है।

भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से, पंचायती राज संस्थानों और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग से अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है। ये निधियां बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा रिलीज की जाती हैं।

आवंटित अनुदानों की अनुशंसा की जाती है और वित्तीय वर्ष में दो किश्तों में प्रदान की जाती हैं।

मंत्रालय के अनुसार, वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के तहत स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए अप्रतिबंधित अनुदान का उपयोग किया जाएगा।

इन अनुदानों का उपयोग स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति बनाए रखने जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है, जिसमें घरेलू अपशिष्ट, मानव मल और मल कीचड़ का प्रबंधन और उपचार शामिल है।

इसके अलावा, इन अनुदानों का उपयोग पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण के लिए भी किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ बनाएगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र ने असम के लिए कितनी राशि जारी की है?
केंद्र ने असम में ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए 299 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की है।
यह राशि किस आयोग के तहत जारी की गई है?
यह राशि 15वें वित्त आयोग के अनुदान के तहत जारी की गई है।
इस अनुदान का लाभ किन संस्थाओं को मिलेगा?
इस अनुदान का लाभ असम की सभी जिला पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों, और ग्राम पंचायतों को मिलेगा।
क्या इस राशि का उपयोग अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है?
हाँ, इस राशि का उपयोग स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, और जल संचयन जैसे कार्यों के लिए किया जा सकता है।
केंद्र सरकार ने किस मंत्रालय के जरिए यह अनुदान जारी किया है?
यह अनुदान पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के माध्यम से जारी किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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