बिहार विधानसभा मानसून सत्र: शिक्षा, ट्रांसफर नीति और कंप्यूटर शिक्षा पर सरकार ने दिया समाधान का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में 21 जुलाई 2026 को पटना में शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की ट्रांसफर नीति, स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा, बुनियादी ढाँचे की कमी और विधायक विकास निधि जैसे अहम मुद्दे ज़ोरदार तरीके से उठाए गए। सरकार की ओर से मंत्रियों ने इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा विधायक देवेश कांत सिंह ने सदन में स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी व्यवस्थागत खामियों और रुकावटों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को लेकर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और उन्होंने इन मामलों को सरकार के संज्ञान में लाया है। देवेश कांत ने कहा कि सरकार के जवाब से वह संतुष्ट हैं और उन्हें विश्वास है कि इन समस्याओं का समाधान जल्द होगा।
मंत्री संजय कुमार सिंह ने सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का सदन में अपनी माँगें और समस्याएँ रखना पूरी तरह उचित है। उन्होंने कहा, 'यदि सदस्य अपनी चिंताओं को सदन में नहीं रखेंगे तो उनका समाधान संभव नहीं होगा।' सरकार अपने सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुनती है और उन्हीं के आधार पर निर्णय लेती है।
विकास निधि की चुनौती
मंत्री संजय कुमार सिंह ने ग्रामीण विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि की व्यावहारिक दिक्कतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई बार ₹15 लाख की निर्धारित राशि में केवल आंशिक कार्य ही पूरा हो पाता है, जिससे आगे का काम ठप हो जाता है। इसका खामियाजा विधायकों को भुगतना पड़ता है क्योंकि जनता उनसे जवाब माँगती है। ऐसे में इन मुद्दों को सदन में उठाना ज़रूरी है ताकि सरकार वस्तुस्थिति को समझते हुए आवश्यक कदम उठा सके।
कंप्यूटर और एआई शिक्षा पर चिंता
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने बिहार के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले कई सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध कराए थे, लेकिन वर्तमान में अधिकांश कंप्यूटर अनुपयोगी हो चुके हैं। तिवारी ने कहा कि आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है और ऐसे में स्कूलों-कॉलेजों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा को मज़बूत करना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि संबंधित मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि कंप्यूटर शिक्षा को बेहतर बनाया जाएगा और एआई आधारित शिक्षा शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की योजना
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों की ट्रांसफर नीति पर स्पष्ट किया कि सरकार इसे निश्चित रूप से लागू करेगी। उन्होंने बताया कि इसी महीने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को शिक्षकों की नई भर्ती के लिए अनुरोध भेजा जाएगा, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके।
स्कूलों के बुनियादी ढाँचे पर मिथिलेश तिवारी ने बताया कि सरकार उन सभी स्कूलों की सूची तैयार कर रही है जिनके पास अपनी ज़मीन या भवन नहीं है। सूची तैयार होने के बाद वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से भवन निर्माण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 15 अगस्त तक राज्य के उन सभी हाई स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएँ शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है जहाँ कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षा के स्तर और डिजिटल पहुँच को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सरकार के ये आश्वासन ज़मीन पर कितने साकार होते हैं, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।