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तेजस्वी के पत्र पर मिथिलेश तिवारी का पलटवार: 'जो काम हो चुका, उसी पर चिट्ठी लिख रहे नेता प्रतिपक्ष'

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तेजस्वी के पत्र पर मिथिलेश तिवारी का पलटवार: 'जो काम हो चुका, उसी पर चिट्ठी लिख रहे नेता प्रतिपक्ष'

सारांश

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने तेजस्वी यादव के शिक्षा विभाग संबंधी पत्र को बेमानी करार दिया — कहा, 'जो काम हो चुका, उसी पर चिट्ठी लिख रहे हैं।' TRE-4 परीक्षा, शिक्षक स्थानांतरण और झारखंड छात्र आंदोलन पर भी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया।

मुख्य बातें

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 12 अगस्त को तेजस्वी यादव के शिक्षा विभाग संबंधी पत्र को 'निरर्थक' बताया।
तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव ने सत्ता में रहते हुए कभी संस्कृत की चिंता नहीं की।
शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 की तारीख का निर्णय बीपीएससी करेगा; सरकार ने शीघ्र परीक्षा का आग्रह किया है।
शिक्षक ऐच्छिक स्थानांतरण के लिए करीब एक लाख में से 73 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
शिक्षक 31 अक्टूबर तक अपनी समस्याएँ सरकार के समक्ष रख सकते हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन पर तिवारी ने सीबीआई जाँच की अनुशंसा की माँग की।

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार, 12 अगस्त को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा पलटवार किया। तिवारी ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े जिन मुद्दों पर तेजस्वी पत्र लिख रहे हैं, सरकार उन पर पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।

मुख्य आरोप और पलटवार

शिक्षा मंत्री ने कहा, 'नेता प्रतिपक्ष बहुत देर से चल रहे हैं। जो काम हम विभाग में कर देते हैं, उसी के लिए वे पत्र लिखते रहते हैं। उनको भी बधाई कि कम से कम कुछ शिक्षा विभाग का काम दिखाई दिया। जिस चीज के लिए उन्होंने पत्र लिखा है, वो सब पहले ही हमने किया हुआ है। इसीलिए उनके पत्र का कोई मतलब ही नहीं है।'

तिवारी ने तेजस्वी यादव और उनके पिता लालू प्रसाद यादव के शासनकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए न तेजस्वी ने और न उनके पिता ने कभी संस्कृत की चिंता की — जबकि दोनों तीन-तीन वर्षों तक उपमुख्यमंत्री रहे।

संस्कृत और उर्दू पर सरकार का रुख

मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संस्कृत और उर्दू दोनों भाषाओं के प्रति उचित ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'तेजस्वी, आप आराम से विदेश घूमिए। बिहार बहुत ही सुरक्षित हाथों में है।'

TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा पर स्थिति

शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 को लेकर तिवारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की तारीख और आयोजन का निर्णय बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से परीक्षा शीघ्र कराने का आग्रह किया गया है और पूरी तरह फुलप्रूफ व्यवस्था की जा रही है।

मंत्री ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आकर सड़क पर न उतरें। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अभ्यर्थियों को भड़का रहे हैं।

शिक्षक स्थानांतरण और ऐच्छिक आवेदन

शिक्षकों के स्थानांतरण पर तिवारी ने बताया कि जिन विद्यालयों में शिक्षक अधिशेष हैं, वहाँ से उन्हें ऐच्छिक स्थानांतरण का विकल्प दिया गया है। करीब एक लाख आवेदन अपेक्षित थे, जिनमें से 73 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिहार के शिक्षक 31 अक्टूबर तक अपनी समस्याएँ सरकार के सामने रख सकते हैं और उन्हें अनदेखा नहीं किया जाएगा।

झारखंड छात्र आंदोलन पर निशाना

झारखंड में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में तिवारी ने झारखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्र सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं, इसलिए झारखंड सरकार को इस मामले में सीबीआई जाँच की अनुशंसा करनी चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले हफ्तों में बीपीएससी की घोषणा और शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया इस बहस की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 73 हजार स्थानांतरण आवेदनों का निपटारा किस समयसीमा में होगा। संस्कृत-उर्दू की राजनीति दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक मुद्दा है, लेकिन यह असली शिक्षा संकट — शिक्षकों की कमी, भर्ती में देरी — से ध्यान हटाने का जोखिम भी उठाती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिथिलेश तिवारी ने तेजस्वी यादव के पत्र को क्यों निरर्थक बताया?
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव ने शिक्षा विभाग से जुड़े जिन मुद्दों पर पत्र लिखा, सरकार उन पर पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उनके अनुसार, पत्र का कोई व्यावहारिक मतलब नहीं बचता।
बिहार में TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा कब होगी?
परीक्षा की तारीख और आयोजन का निर्णय बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) करेगा। सरकार ने परीक्षा शीघ्र कराने का आग्रह किया है और फुलप्रूफ व्यवस्था का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।
बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया क्या है?
जिन विद्यालयों में शिक्षक अधिशेष हैं, वहाँ से शिक्षकों को ऐच्छिक स्थानांतरण का विकल्प दिया गया है। करीब एक लाख आवेदन अपेक्षित थे, जिनमें से 73 हजार आवेदन सरकार को प्राप्त हो चुके हैं।
शिक्षा मंत्री ने तेजस्वी यादव पर संस्कृत को लेकर क्या आरोप लगाए?
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव और उनके पिता लालू प्रसाद यादव दोनों उपमुख्यमंत्री रहे, लेकिन सत्ता में रहते हुए उन्होंने कभी संस्कृत की चिंता नहीं की। अब विपक्ष में रहते हुए इस विषय पर उपदेश देना उचित नहीं है।
झारखंड छात्र आंदोलन पर बिहार के शिक्षा मंत्री का क्या कहना है?
तिवारी ने झारखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की सीबीआई जाँच की माँग को देखते हुए झारखंड सरकार को इसकी अनुशंसा करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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