तेजस्वी के पत्र पर मिथिलेश तिवारी का पलटवार: 'जो काम हो चुका, उसी पर चिट्ठी लिख रहे नेता प्रतिपक्ष'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार, 12 अगस्त को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा पलटवार किया। तिवारी ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े जिन मुद्दों पर तेजस्वी पत्र लिख रहे हैं, सरकार उन पर पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।
मुख्य आरोप और पलटवार
शिक्षा मंत्री ने कहा, 'नेता प्रतिपक्ष बहुत देर से चल रहे हैं। जो काम हम विभाग में कर देते हैं, उसी के लिए वे पत्र लिखते रहते हैं। उनको भी बधाई कि कम से कम कुछ शिक्षा विभाग का काम दिखाई दिया। जिस चीज के लिए उन्होंने पत्र लिखा है, वो सब पहले ही हमने किया हुआ है। इसीलिए उनके पत्र का कोई मतलब ही नहीं है।'
तिवारी ने तेजस्वी यादव और उनके पिता लालू प्रसाद यादव के शासनकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए न तेजस्वी ने और न उनके पिता ने कभी संस्कृत की चिंता की — जबकि दोनों तीन-तीन वर्षों तक उपमुख्यमंत्री रहे।
संस्कृत और उर्दू पर सरकार का रुख
मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संस्कृत और उर्दू दोनों भाषाओं के प्रति उचित ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'तेजस्वी, आप आराम से विदेश घूमिए। बिहार बहुत ही सुरक्षित हाथों में है।'
TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा पर स्थिति
शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 को लेकर तिवारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की तारीख और आयोजन का निर्णय बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से परीक्षा शीघ्र कराने का आग्रह किया गया है और पूरी तरह फुलप्रूफ व्यवस्था की जा रही है।
मंत्री ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आकर सड़क पर न उतरें। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अभ्यर्थियों को भड़का रहे हैं।
शिक्षक स्थानांतरण और ऐच्छिक आवेदन
शिक्षकों के स्थानांतरण पर तिवारी ने बताया कि जिन विद्यालयों में शिक्षक अधिशेष हैं, वहाँ से उन्हें ऐच्छिक स्थानांतरण का विकल्प दिया गया है। करीब एक लाख आवेदन अपेक्षित थे, जिनमें से 73 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिहार के शिक्षक 31 अक्टूबर तक अपनी समस्याएँ सरकार के सामने रख सकते हैं और उन्हें अनदेखा नहीं किया जाएगा।
झारखंड छात्र आंदोलन पर निशाना
झारखंड में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में तिवारी ने झारखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्र सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं, इसलिए झारखंड सरकार को इस मामले में सीबीआई जाँच की अनुशंसा करनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले हफ्तों में बीपीएससी की घोषणा और शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया इस बहस की दिशा तय करेगी।