बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बोले — छात्रों की सभी मांगें पूरी, संवाद के द्वार खुले
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 25 अगस्त 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि छात्रों की लगभग सभी मांगों का समाधान राज्य सरकार कर चुकी है और आगे भी संवाद के सभी रास्ते खुले हैं। यह बयान उस दिन आया जब पटना में विभिन्न मांगों को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया।
सरकार का पक्ष: आंदोलन नहीं, नीति से मिला समाधान
शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि यह कहना उचित नहीं होगा कि छात्र आंदोलन के दबाव में सरकार ने मांगें मानी हैं। उनके अनुसार, बिहार सरकार की नीति शुरू से ही युवाओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की रही है। उन्होंने कहा, 'छात्र अपनी समस्याएं लेकर आए और सरकार ने उनका समाधान किया।' यदि किसी छात्र की कोई समस्या अभी भी शेष है, तो वह सरकार से सीधे संवाद कर सकता है।
तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार
विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए मंत्री तिवारी ने कहा कि जिस व्यक्ति ने कभी बोर्ड परीक्षा नहीं दी, वह परीक्षा व्यवस्था पर सुझाव देने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि तेजस्वी यादव पहले बिहार सरकार के किसी स्कूल में दाखिला लें, दसवीं की परीक्षा पास करें और उसके बाद परीक्षा सुधारों पर राय दें। तिवारी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं और यही कारण है कि इस आंदोलन को व्यापक छात्र समर्थन नहीं मिल सका।
राहुल गांधी पर भी हमला
शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर युवाओं को गुमराह कर आंदोलन खड़ा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि देश का युवा स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानता है और अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है। तिवारी के अनुसार, राहुल गांधी के 'संवाद का समय' अब बीत चुका है और कितना भी प्रयास किया जाए, देश का युवा उनके साथ खड़ा नहीं होगा।
मोदी और युवाओं का संवाद
मंत्री तिवारी ने कहा कि युवा भारत का भविष्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में छात्र राजनीति एक बड़े चुनावी मुद्दे के रूप में उभर रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों की हर समस्या सुनने और उसका समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आगे क्या होगा
शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद यह देखना होगा कि छात्र संगठन सरकार के दावों से संतुष्ट होते हैं या आंदोलन जारी रखते हैं। बिहार सरकार ने संवाद का रास्ता खुला रखने की बात कही है, लेकिन विपक्ष इसे चुनावी प्रबंधन करार दे रहा है। आने वाले दिनों में छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।