तेजस्वी यादव छात्रों को बना रहे मोहरा, अपनी राजनीति चमका रहे: बिहार मंत्री श्रवण कुमार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के ग्रामीण विकास एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने 24 अगस्त को पटना में छात्र आंदोलन और चीनी की बढ़ती कीमतों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के 25 अगस्त को सड़कों पर उतरने के ऐलान पर कड़ा पलटवार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव छात्रों के हित में नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए युवाओं को सड़कों पर उतार रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'वो छात्र के लिए नहीं, अपने लिए चिंता में है। राज्य के छात्रों, बेरोजगारों और नौजवानों की जो भी समस्या है, उसके प्रति सरकार गंभीर है और सरकार एक-एक सवालों का हल निकाल रही है।' उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के नेता बेचैन हैं और बच्चों का भविष्य दाँव पर लगाकर उन्हें सड़कों पर उतार रहे हैं।
छात्रों से अपील
श्रवण कुमार ने युवाओं को सावधान करते हुए कहा, 'मैं बच्चों से अपील करता हूँ कि इनके झाँसे में न पड़ें।' उन्होंने दावा किया कि रविवार को भी मुख्यमंत्री के हाथों रोजगार संबंधी कार्य संपन्न हुआ और हर विभाग नियुक्तियाँ कर रहा है। मंत्री के अनुसार, बिहार देश का पहला ऐसा राज्य है जहाँ सर्वाधिक सरकारी नौकरियों में नियुक्तियाँ की गई हैं।
गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का संकेत
श्रवण कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि जहाँ भी किसी गड़बड़ी का संदेह है, सरकार जाँच कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी भी अनियमितता में संलिप्त पाए जाएँगे, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चीनी की महँगाई पर सरकार का रुख
चीनी समेत कई वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर मंत्री ने कहा कि कीमतें घटती-बढ़ती रहती हैं और गन्ना उत्पादक किसानों के हितों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। सरकार ने चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त निर्देश जारी किए हैं। वहीं, जन जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सरकार से महँगाई पर लगाम लगाने की माँग की और कहा कि गरीब आदमी परेशान है।
क्या होगा आगे
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 25 अगस्त को प्रस्तावित सड़क आंदोलन और सरकार की जवाबी रणनीति के बीच बिहार की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। रोजगार और महँगाई के मुद्दे आने वाले दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का केंद्र बने रहने की संभावना है।