25 अगस्त 2026
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ममता बनर्जी का सुवेंदु अधिकारी पर बड़ा आरोप: 'घर से बाहर न निकलने देने' की धमकी दी

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ममता बनर्जी का सुवेंदु अधिकारी पर बड़ा आरोप: 'घर से बाहर न निकलने देने' की धमकी दी

सारांश

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CM सुवेंदु अधिकारी पर सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'घर से बाहर न निकलने देने' की कथित धमकी का आरोप लगाया। उन्होंने राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से सवाल पूछते हुए इसे संवैधानिक लोकतंत्र पर हमला बताया।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 24 अगस्त 2026 को सुवेंदु अधिकारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित तौर पर धमकी दी।
कथित धमकी: 'मैं पक्का करूंगा कि आप घर से बाहर न निकल पाएं' — बनर्जी के अनुसार अधिकारी के शब्द।
बनर्जी ने भारत के राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश से संवैधानिक सवाल पूछा।
उन्होंने इसे BJP की विपक्ष-दमन नीति का हिस्सा बताया।
अधिकारी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चेयरपर्सन और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 24 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। बनर्जी का कहना है कि अधिकारी ने एक सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर उन्हें खुलेआम धमकी दी कि वे यह 'पक्का करेंगे' कि बनर्जी अपने घर से बाहर न निकल सकें। यह आरोप पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए टकराव की शुरुआत का संकेत देता है।

क्या है पूरा मामला

बनर्जी ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक सरकारी दफ्तर में बैठकर सार्वजनिक रूप से यह वक्तव्य दिया कि वे 'पक्का करेंगे' कि ममता बनर्जी घर से बाहर न निकल पाएं। उन्होंने इस बयान को संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए कहा, 'शब्द बिल्कुल साफ थे: मैं पक्का करूंगा कि आप घर से बाहर न निकल पाएं।'

बनर्जी ने इस संदर्भ में भारत के राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश और आम जनता से सवाल किया कि क्या भारत के संविधान में ऐसे भारत की परिकल्पना की गई थी।

संवैधानिक सवाल और विपक्ष की चिंता

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की रक्षा की शपथ लेने वाले एक मौजूदा मुख्यमंत्री का यह बयान मुख्य विपक्षी दल की नेता की स्वतंत्रता को सीमित करने की 'खुली धमकी' है। उन्होंने पूछा, 'आखिर इसका क्या मतलब है? नजरबंदी? डराना-धमकाना? राजनीतिक उत्पीड़न? एक संवैधानिक लोकतंत्र में किसे आजादी से घूमने-फिरने का हक है, यह तय करने का अधिकार आपको किसने दिया?'

बनर्जी ने यह भी कहा कि शायद अधिकारी उन्हें उन लोगों जैसा समझ रहे हैं जो तानाशाही के आगे झुक जाते हैं, और यह उनकी 'बहुत बड़ी गलतफहमी' है।

भारतीय जनता पार्टी पर निशाना

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने इस विवाद को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा कि यह मामला ममता बनर्जी से बड़ा है — यह उस भारत के बारे में है जिसे, उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनाना चाहती है, 'जहां राजनीतिक विरोधियों को धमकाया जाता है, असहमति के लिए सजा दी जाती है, और संवैधानिक अधिकार सत्ता में बैठे लोगों द्वारा दी जाने वाली रियायतें बन जाते हैं।'

उन्होंने इसे 'विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश' करार दिया।

बनर्जी की चेतावनी

बयान के अंत में बनर्जी ने कहा, 'इतिहास एक अहम सबक सिखाता है: सत्ता कुछ समय के लिए डरा-धमका सकती है, लेकिन अहंकार का जवाब आखिरकार जनता ही देती है। उनका अहंकार जोरदार है। उनकी हताशा उससे भी ज्यादा जोरदार है। उनके दिन गिने-चुने हैं।'

गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में अधिकारी की प्रतिक्रिया और इस विवाद का राजनीतिक असर देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो TMC के लिए सहानुभूति जुटाने की आजमाई हुई रणनीति है। लेकिन असली सवाल यह है कि अधिकारी का वह बयान किस संदर्भ में था और क्या उसे सचमुच धमकी के रूप में पढ़ा जाना चाहिए — यह स्वतंत्र सत्यापन के बिना स्पष्ट नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज बनर्जी के आरोपों को प्रमुखता दे रही है, लेकिन अधिकारी का पक्ष और प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा संदर्भ अभी सामने नहीं आया है। पश्चिम बंगाल में जब भी चुनावी मौसम करीब आता है, इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप तेज हो जाते हैं — यह चक्र नया नहीं है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी पर क्या आरोप लगाया है?
ममता बनर्जी का आरोप है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर यह धमकी दी कि वे 'पक्का करेंगे' कि बनर्जी अपने घर से बाहर न निकल सकें। बनर्जी ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
ममता बनर्जी ने इस मामले में किससे न्याय माँगा है?
बनर्जी ने भारत के राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश और आम जनता से सवाल किया कि क्या संविधान में ऐसे भारत की कल्पना की गई थी जहाँ एक मुख्यमंत्री विपक्षी नेता की आवाजाही की स्वतंत्रता को सीमित करने की धमकी दे सके।
क्या सुवेंदु अधिकारी ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
24 अगस्त 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ममता बनर्जी ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
बनर्जी ने कहा कि यह विवाद सिर्फ उनके बारे में नहीं, बल्कि उस भारत के बारे में है जिसे BJP बनाना चाहती है — जहाँ राजनीतिक विरोधियों को धमकाया जाता है, असहमति के लिए सजा दी जाती है और संवैधानिक अधिकार सत्ता की मर्जी पर निर्भर हो जाते हैं।
यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में क्यों अहम है?
पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच तीखा राजनीतिक संघर्ष चल रहा है। मुख्य विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पर कथित धमकी का आरोप लोकतांत्रिक मानदंडों और संवैधानिक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल उठाता है, जो राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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