10 अगस्त 2026
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ममता बनर्जी की कार पर हमले के बाद CM सुवेंदु अधिकारी बोले — पहले पुलिस को सूचित करें, सुरक्षा मिलेगी

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ममता बनर्जी की कार पर हमले के बाद CM सुवेंदु अधिकारी बोले — पहले पुलिस को सूचित करें, सुरक्षा मिलेगी

सारांश

ममता बनर्जी की कार पर कथित हमले के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सुरक्षा का भरोसा दिया — लेकिन शर्त रखी कि पहले पुलिस को सूचित करें। यह बयान राज्य में BJP-TMC के बढ़ते राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में आया है।

मुख्य बातें

सोमवार, 10 अगस्त को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, बशर्ते वह पहले से पुलिस को सूचित करें।
रविवार को नॉर्थ 24 परगना के हलीशहर / कांचरापाड़ा में ममता बनर्जी की कार पर कथित तौर पर जूते, कीचड़, ईंटें और पत्थर फेंके गए।
ममता बनर्जी TMC कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं; उनके साथ सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन भी थे।
ममता बनर्जी ने BJP समर्थित उपद्रवियों पर हमले का आरोप लगाया; सरकार ने प्रोटोकॉल न मानने को जिम्मेदार बताया।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और मीडिया से बात की।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 10 अगस्त को स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी — बशर्ते वह किसी भी दौरे से पहले पुलिस को समय पर सूचित करें। यह बयान नॉर्थ 24 परगना जिले के हलीशहर में ममता बनर्जी की कार पर हुए कथित हमले के ठीक एक दिन बाद आया है।

मुख्य घटनाक्रम

रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कांचरापाड़ा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मृत कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं। उनके साथ लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सदस्य डोला सेन भी मौजूद थे। रास्ते में उनके काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा।

आरोप है कि उनकी गाड़ी पर जूते, कीचड़, ईंटें और पत्थर फेंके गए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि यदि कार की खिड़कियाँ खुली होतीं, तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी या उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित उपद्रवियों पर इस हमले का आरोप लगाया।

सीएम अधिकारी की प्रतिक्रिया

सोमवार को मुख्यमंत्री अधिकारी स्वयं हलीशहर में बिरजू केओट के घर पहुँचे। वहाँ से निकलते समय उन्होंने मीडिया से कहा, 'आप कल बिना पुलिस को बताए आईं। लोगों में गुस्सा था। जैसे ही हमारे विधायक को इस बारे में पता चला, उन्होंने पुलिस को सूचित करके कार्रवाई की। मेरी गुजारिश है कि अब से आप जहाँ भी जाएँ, समय पर पुलिस को सूचित करें।'

उन्होंने आगे कहा, 'कोलकाता पुलिस के सीपी या राज्य के डीजीपी को बताएँ, जिसे भी आप चाहें। हमारी पुलिस आपकी सुरक्षा का ध्यान रखेगी।' अधिकारी ने यह भी जोड़ा, 'सुरक्षा में कहीं कोई लापरवाही नहीं है। पुलिस हमेशा एक ही जगह पर नहीं होती — उन्हें भी कुछ समय दिया जाना चाहिए।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी स्वयं कभी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते थे। बाद में वह BJP में शामिल हो गए और 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर विधायक बने। अब वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तनाव किसी से छुपा नहीं है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ लगातार सामने आती रही हैं। विपक्षी नेताओं की सुरक्षा का सवाल राज्य की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।

आम जनता और विपक्ष पर असर

ममता बनर्जी के समर्थकों ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया है और राज्य सरकार से जवाब माँगा है। TMC ने आरोप लगाया है कि BJP शासन में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा रही। वहीं, सत्तारूढ़ BJP का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री को यदि सुरक्षा चाहिए, तो प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

क्या होगा आगे

इस घटना की जाँच स्थानीय पुलिस कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण आगामी चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। ममता बनर्जी की अगली राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक राजनीतिक संदेश भी छुपा है — कि विपक्ष को भी सत्ता के प्रोटोकॉल के दायरे में रहना होगा। जिस राज्य में राजनीतिक हिंसा की शिकायतें दोनों दलों की ओर से लगातार आती रही हैं, वहाँ एक पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा को 'पूर्व-सूचना' की शर्त से जोड़ना जवाबदेही से ध्यान भटकाने का जोखिम उठाता है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य पुलिस तंत्र, जो अब नई सरकार के अधीन है, विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में निष्पक्षता बरत रहा है — और इसकी जाँच किसी स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी की कार पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह कथित हमला रविवार को पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के हलीशहर/कांचरापाड़ा इलाके में हुआ। ममता बनर्जी TMC कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं, तभी उनकी कार पर कथित तौर पर जूते, कीचड़, ईंटें और पत्थर फेंके गए।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की सुरक्षा पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होगी, लेकिन उन्हें किसी भी दौरे से पहले पुलिस — कोलकाता पुलिस के सीपी या राज्य के डीजीपी — को समय पर सूचित करना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस जरूरत के हिसाब से उचित सुरक्षा का इंतजाम करेगी।
ममता बनर्जी ने हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
ममता बनर्जी ने BJP समर्थित उपद्रवियों पर इस हमले का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यदि कार की खिड़कियाँ खुली होतीं, तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी या उनकी जान भी जा सकती थी।
इस घटना की जाँच कौन कर रहा है?
इस घटना की जाँच स्थानीय पुलिस कर रही है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि घटना के समय उनके विधायक को जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया और स्थिति को संभाला गया।
सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
सुवेंदु अधिकारी पहले तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते थे। बाद में वह BJP में शामिल हुए और 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर विधायक बने। अब वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं।
राष्ट्र प्रेस
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