ममता बनर्जी की कार पर हमले के बाद CM सुवेंदु अधिकारी बोले — पहले पुलिस को सूचित करें, सुरक्षा मिलेगी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 10 अगस्त को स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी — बशर्ते वह किसी भी दौरे से पहले पुलिस को समय पर सूचित करें। यह बयान नॉर्थ 24 परगना जिले के हलीशहर में ममता बनर्जी की कार पर हुए कथित हमले के ठीक एक दिन बाद आया है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कांचरापाड़ा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मृत कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं। उनके साथ लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सदस्य डोला सेन भी मौजूद थे। रास्ते में उनके काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा।
आरोप है कि उनकी गाड़ी पर जूते, कीचड़, ईंटें और पत्थर फेंके गए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि यदि कार की खिड़कियाँ खुली होतीं, तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी या उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित उपद्रवियों पर इस हमले का आरोप लगाया।
सीएम अधिकारी की प्रतिक्रिया
सोमवार को मुख्यमंत्री अधिकारी स्वयं हलीशहर में बिरजू केओट के घर पहुँचे। वहाँ से निकलते समय उन्होंने मीडिया से कहा, 'आप कल बिना पुलिस को बताए आईं। लोगों में गुस्सा था। जैसे ही हमारे विधायक को इस बारे में पता चला, उन्होंने पुलिस को सूचित करके कार्रवाई की। मेरी गुजारिश है कि अब से आप जहाँ भी जाएँ, समय पर पुलिस को सूचित करें।'
उन्होंने आगे कहा, 'कोलकाता पुलिस के सीपी या राज्य के डीजीपी को बताएँ, जिसे भी आप चाहें। हमारी पुलिस आपकी सुरक्षा का ध्यान रखेगी।' अधिकारी ने यह भी जोड़ा, 'सुरक्षा में कहीं कोई लापरवाही नहीं है। पुलिस हमेशा एक ही जगह पर नहीं होती — उन्हें भी कुछ समय दिया जाना चाहिए।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी स्वयं कभी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते थे। बाद में वह BJP में शामिल हो गए और 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर विधायक बने। अब वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तनाव किसी से छुपा नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ लगातार सामने आती रही हैं। विपक्षी नेताओं की सुरक्षा का सवाल राज्य की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
आम जनता और विपक्ष पर असर
ममता बनर्जी के समर्थकों ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया है और राज्य सरकार से जवाब माँगा है। TMC ने आरोप लगाया है कि BJP शासन में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा रही। वहीं, सत्तारूढ़ BJP का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री को यदि सुरक्षा चाहिए, तो प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
क्या होगा आगे
इस घटना की जाँच स्थानीय पुलिस कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रकरण आगामी चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। ममता बनर्जी की अगली राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नज़र बनी रहेगी।