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ममता बनर्जी को पसंद के PSO नहीं मिलेंगे — CM सुवेंदु अधिकारी का TMC आरोपों पर कड़ा जवाब

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ममता बनर्जी को पसंद के PSO नहीं मिलेंगे — CM सुवेंदु अधिकारी का TMC आरोपों पर कड़ा जवाब

सारांश

पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद पहला बड़ा टकराव — CM सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के 14 साल पुराने PSO बदले, TMC सांसदों ने इसे सुरक्षा हटाने की साज़िश बताया, और मुख्यमंत्री ने साफ कह दिया: पसंद के PSO किसी को नहीं मिलते।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने 18 जून को ममता बनर्जी के उन दो PSO को बदला जो 2011 से उनके साथ थे।
TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन , सागरिका घोष और महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा हटाने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी और सहयोगियों ने नए PSO को कालीघाट आवास में प्रवेश नहीं करने दिया।
CM अधिकारी ने TMC के छह विधायकों को स्पष्ट किया कि पुराने PSO वापस नहीं होंगे।
सरकार का कहना है कि 'जेड प्लस' सुरक्षा कवर और सुरक्षाकर्मियों की संख्या पूर्ववत है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 19 जून 2025 को स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को किसी भी स्थिति में अपनी पसंद के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) नहीं मिल सकते। यह बयान उन आरोपों के जवाब में आया जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन सांसदों ने बुधवार की रात ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर लगाए थे।

मुख्य घटनाक्रम

कोलकाता पुलिस ने 18 जून को उन दो PSO को बदल दिया जो 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से उनके साथ थे। नए सुरक्षाकर्मी कालीघाट रोड स्थित उनके आवास पर पहुँचे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया।

इसके बाद TMC के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन और सागरिका घोष, तथा लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने अपने-अपने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिये पश्चिम बंगाल सरकार पर ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था हटाने का आरोप लगाया।

TMC विधायकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात

19 जून को TMC विधायक दल के उस मूल गुट के छह विधायकों ने मुख्यमंत्री अधिकारी से मुलाकात की, जो ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव व उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रति निष्ठावान रहे हैं। इन विधायकों ने अनुरोध किया कि पुराने PSO को वापस ममता बनर्जी की सुरक्षा टीम में शामिल किया जाए।

घटनाक्रम से परिचित एक सूत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विधायकों को स्पष्ट कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में ममता बनर्जी को अपनी पसंद के PSO नहीं दिए जाएँगे।

सरकार की प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा हटाने या कम करने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को पहले की तरह 'जेड प्लस' सुरक्षा कवर मिल रहा है और सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी पूर्ववत है।

अधिकारी ने तर्क दिया, 'मेरे PSO भी स्थायी नहीं हैं। वह अपनी पसंद के PSO चाहती हैं। किसी भी सरकारी कामकाज की व्यवस्था में कोई अपनी पसंद का व्यक्ति नहीं पा सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के सुरक्षाकर्मी भी स्थायी नहीं होते।

आम जनता और राजनीतिक हलकों पर असर

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद TMC और नई राज्य सरकार के बीच तनाव पहले से ही बना हुआ है। गौरतलब है कि PSO की तैनाती और बदलाव का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है, और विपक्षी दल इसे राजनीतिक दबाव का औज़ार मानते हैं।

क्या होगा आगे

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ममता बनर्जी नए PSO को स्वीकार करेंगी या इस मामले को कानूनी या संवैधानिक मंच पर ले जाएँगी। TMC नेतृत्व ने इस मुद्दे को राज्य सरकार द्वारा विपक्ष को दबाने की कोशिश करार दिया है, जबकि सरकार इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय और तरीका राजनीतिक संदेश से भरपूर है। 2011 से साथ रहे सुरक्षाकर्मियों को हटाना महज़ रोटेशन नहीं लगता — यह सत्ता-परिवर्तन के बाद नई सरकार का पहला सीधा व्यक्तिगत हस्तक्षेप है। TMC का सोशल मीडिया पर तत्काल प्रतिक्रिया देना यह दर्शाता है कि विपक्ष इसे जन-भावना से जोड़ने की कोशिश में है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार इस मुद्दे को प्रशासनिक मानक के रूप में स्थापित कर पाएगी, या यह विपक्षी उत्पीड़न की बड़ी कहानी का हिस्सा बन जाएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी के PSO क्यों बदले गए?
कोलकाता पुलिस ने 18 जून को ममता बनर्जी के उन दो PSO को बदला जो 2011 से उनके साथ थे। राज्य सरकार ने इसे नियमित प्रशासनिक फेरबदल बताया है, जबकि TMC ने इसे राजनीतिक दबाव का हिस्सा करार दिया है।
क्या ममता बनर्जी की सुरक्षा हटाई गई है?
नहीं। CM सुवेंदु अधिकारी के अनुसार ममता बनर्जी को पहले की तरह 'जेड प्लस' सुरक्षा कवर मिल रहा है और सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी वही है। केवल PSO का बदलाव किया गया है।
TMC सांसदों ने क्या आरोप लगाए?
TMC के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन और सागरिका घोष, तथा लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था हटा रही है।
क्या ममता बनर्जी को अपनी पसंद के PSO मिल सकते हैं?
CM अधिकारी ने स्पष्ट मना किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था में कोई भी — चाहे प्रधानमंत्री हों या मुख्यमंत्री — अपनी पसंद का सुरक्षाकर्मी नहीं पा सकता।
इस विवाद में अभिषेक बनर्जी की क्या भूमिका है?
अभिषेक बनर्जी, जो TMC के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे हैं, सीधे इस विवाद में शामिल नहीं दिखे। हालाँकि, उनके प्रति निष्ठावान TMC विधायकों ने ही CM से मिलकर पुराने PSO वापस लाने का अनुरोध किया।
राष्ट्र प्रेस
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