पश्चिम बंगाल भाजपा ने सीईओ को पत्र लिखकर कोलकाता पुलिस के तीन अधिकारियों के हटाने की मांग की

Click to start listening
पश्चिम बंगाल भाजपा ने सीईओ को पत्र लिखकर कोलकाता पुलिस के तीन अधिकारियों के हटाने की मांग की

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों में भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर कोलकाता पुलिस के तीन अधिकारियों को हटाने की मांग की है। आरोप है कि ये अधिकारी चुनावी निष्पक्षता के खिलाफ काम कर रहे हैं।

Key Takeaways

  • भाजपा ने चुनावी निष्पक्षता की मांग की है।
  • तीन पुलिस अधिकारियों को हटाने की मांग की गई है।
  • आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने का आरोप।
  • चुनाव कार्यक्रम 15 मार्च 2026 को घोषित किया गया।
  • मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा।

कोलकाता, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच चुनावी निष्पक्षता को लेकर विवाद बढ़ गया है। इसी संदर्भ में विपक्षी पार्टी भाजपा के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को एक पत्र लिखा।

सुवेंद्रु अधिकारी ने पत्र में उल्लेख किया कि कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास, इंस्पेक्टर बिजितास्वा राउत (आईसी) और सब-इंस्पेक्टर राहुल अमीन अली शाह (एसआई) को पक्षपाती बताते हुए तत्काल उनके पद से हटाने और राज्य से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।

पत्र में यह आरोप लगाया गया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद इन पुलिस अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल पुलिस कल्याण समिति के राज्य सम्मेलन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना 'संरक्षक' बताते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की जीत सुनिश्चित करने की अपील की। इस आरोप के समर्थन में एक वीडियो भी संलग्न किया गया है। सुवेंद्रु अधिकारी का कहना है कि ये अधिकारी पुलिस बल को टीएमसी के पक्ष में प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता के खिलाफ है।

इससे पहले 9 मार्च 2026 को ईसीआई की पूर्ण पीठ के समक्ष और 22 मार्च 2026 को एक अलग पत्र के माध्यम से शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2021 के चुनावों में भी इनका तबादला मतदान संपन्न होने के बाद किया गया था, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ। पत्र में इन अधिकारियों की पदोन्नति, सेवा विस्तार और कालीघाट पुलिस स्टेशन से जुड़े मामलों का भी उल्लेख है।

शांतनु सिन्हा बिस्वास की सेवानिवृत्ति 31 अगस्त 2025 को होनी थी, लेकिन इसे दो वर्ष बढ़ा दिया गया। ईसीआई ने उन्हें 2021 में आर्थिक अपराध निदेशालय में ट्रांसफर किया था, फिर भी वे कालीघाट से कार्यरत रहे। सुवेंद्रु अधिकारी ने ईसीआई से अनुरोध किया है कि इन अधिकारियों को चुनाव समाप्ति तक राज्य से बाहर रखा जाए ताकि कानून-व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे।

चुनाव-पूर्व सुझाव पत्र के साथ कुल 18 चुनावी सुधार सुझाव भी संलग्न किए गए हैं, जैसे कि मतदान प्रक्रिया को वर्तमान में प्रस्तावित 7-8 लंबे चरणों के बजाय कम समय में केवल एक या अधिकतम दो चरणों में पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, पिछले तीन चुनावों, अर्थात् 2019 लोकसभा, 2021 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर जिन अधिकारियों का तबादला किया गया था, उनका पुनः स्थानांतरण किया जाए।

अन्य सुझावों में सभी संवेदनशील बूथों की पहचान की जाए जहां पिछले तीन चुनावों के दौरान मतदान के समय या उसके बाद हिंसा हुई थी और जहां 85 प्रतिशत या उससे अधिक मतदान दर्ज किया गया था। राज्य पुलिस पर अत्यधिक निर्भरता कम करते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की पर्याप्त संख्या में और पहले से तैनाती की जाए।

इसके अलावा सीएपीएफ के नोडल अधिकारी को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे बल की आवाजाही सुनिश्चित करें और यह भी सुनिश्चित करें कि सीएपीएफ कर्मी स्थानीय लोगों से किसी भी प्रकार की मेहमाननवाजी स्वीकार न करें। सामान्य पर्यवेक्षकों और पुलिस पर्यवेक्षकों को चुनाव से काफी पहले तैनात किया जाए, ताकि वे अपने क्षेत्र को अच्छी तरह जान सकें और स्वतंत्र मूल्यांकन कर सकें।

साथ ही बड़े बहुमंजिला आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र अनिवार्य रूप से उसी भवन के अंदर स्थापित किए जाएं, जैसा कि निर्वाचन आयोग के मानदंडों में प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल पुलिस कल्याण संगठन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाए और इसके सभी कार्यालयों तथा परिचालन क्षेत्रों को सील कर दिया जाए।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में, 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना 4 मई को होगी।

Point of View

NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

सुवेंदु अधिकारी ने पत्र में किन अधिकारियों को हटाने की मांग की है?
सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास, इंस्पेक्टर बिजितास्वा राउत और सब-इंस्पेक्टर राहुल अमीन अली शाह को हटाने की मांग की है।
पत्र में क्या आरोप लगाए गए हैं?
पत्र में आरोप लगाया गया है कि ये अधिकारी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और टीएमसी के पक्ष में काम कर रहे हैं।
चुनाव कार्यक्रम कब घोषित किया गया है?
भारत निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है।
मतदान कब होगा?
पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा।
मतगणना कब होगी?
मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
Nation Press