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क्या पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान हिंसा हुई? सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की

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क्या पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान हिंसा हुई? सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की

सारांश

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के एसआईआर के दौरान हिंसा के आरोपों के बीच, सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह लोकतंत्र के लिए खतरा है? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है।
अपराधियों को खुली छूट दी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी हो रही है।
चुनाव आयोग को हस्तक्षेप करना चाहिए।
पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता चिंता का विषय है।

कोलकाता, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में वोटर सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। जहां एक ओर चुनाव आयोग की निगरानी में यह प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी है। इसी बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि राज्य में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुली अवहेलना की जा रही है। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें चुनावी प्रक्रियाओं और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिखर चुकी है और अपराधियों को खुली छूट दी जा रही है। उनके अनुसार, उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार ब्लॉक स्थित इटाहार हाई स्कूल में एसआईआर की सुनवाई के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई।

उन्होंने बताया कि सुनवाई के समय बदमाशों की एक हिंसक भीड़ वहां पहुंची और जमकर तोड़फोड़ की। स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और पूरी प्रक्रिया को बाधित कर दिया गया।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सबसे चौंकाने वाली और शर्मनाक बात यह रही कि दिनदहाड़े एक महिला एईआरओ पर बेरहमी से हमला किया गया। उनका कहना है कि यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था कितनी खराब स्थिति में पहुंच चुकी है।

सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस और प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बने रहे और गुंडों को बिना किसी रोक-टोक के उत्पात मचाने दिया गया। उनके अनुसार, यदि चुनावी प्रक्रिया में लगे अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मतदाता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने और अपराधियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।

सुवेंदु अधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग से इस पूरे मामले में तात्कालिक हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। सभी पक्षों को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में एसआईआर का क्या मुद्दा है?
पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हिंसा और राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है।
सुवेंदु अधिकारी ने किस पर आरोप लगाए?
सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या चुनाव आयोग ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया दी है?
सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से तात्कालिक हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन आयोग की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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