ईरान का कड़ा संदेश: आक्रामक पक्षों की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं होगा — इस्माइल बाघेई
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 24 अगस्त 2026 को तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी हाल में आक्रामक पक्षों की तय शर्तों पर युद्ध समाप्त नहीं होने देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के बीच परस्पर विरोधी दावे सामने आ रहे हैं।
बाघेई का मुख्य बयान
प्रवक्ता बाघेई ने कहा, 'हम निश्चित रूप से युद्ध शुरू करने वाले पक्ष नहीं रहे हैं, लेकिन हम युद्ध का अंत आक्रामक पक्षों की शर्तों पर नहीं होने देंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए पूरी तरह दृढ़ है और आक्रामक पक्षों की अत्यधिक माँगों के सामने कभी नहीं झुकेगा।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दावे को नकारा
बाघेई ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज किया जिसमें कहा गया था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और वहाँ से रोज़ाना लाखों बैरल तेल का आवागमन हो रहा है। उन्होंने इस दावे को 'मनोवैज्ञानिक और मीडिया युद्ध का हिस्सा' करार दिया। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है और इस पर किसी भी तरह के व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा पड़ता है।
अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान-विरोधी अभियान पर कड़ी आलोचना
बाघेई ने वाशिंगटन के नए घोषित ईरान-विरोधी आर्थिक ऑपरेशन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि तेहरान अमेरिकी प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए अपनी सभी बहुपक्षीय क्षमताओं का भरपूर उपयोग करेगा। उनके अनुसार, यह प्रतिबंध मुक्त व्यापार और राष्ट्रीय संप्रभुता पर सीधा हमला है। साथ ही उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को 'आक्रामक कार्रवाई' की संज्ञा दी।
तीसरे देशों को कड़ी चेतावनी
ईरानी प्रवक्ता ने उन देशों को भी आगाह किया जो अमेरिका के ईरान-विरोधी अभियानों में किसी भी रूप में सहयोग कर रहे हैं। बाघेई ने कहा कि यदि कोई देश अपनी भूमि, सैन्य अड्डों या संसाधनों को ईरान के विरुद्ध आक्रामक कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराता है, तो ईरान को उस हमले के स्रोत पर जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार होगा।
यूरोप में अमेरिकी ठिकानों पर संभावित निशाने की रिपोर्ट
पश्चिमी मीडिया की कुछ रिपोर्टों में कथित तौर पर कहा गया है कि यदि युद्ध दोबारा भड़का, तो ईरान यूरोप में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। बाघेई ने इस संदर्भ में अपनी स्थिति दोहराते हुए स्पष्ट किया कि ईरान आत्मरक्षा के अपने अधिकार का पूरी तरह उपयोग करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय किसी भी बड़े संघर्ष की आशंका से सतर्क है।