ईरान का स्पष्ट बयान: होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं, सुरक्षा नियम सख्त
सारांश
Key Takeaways
- होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है और नौवहन जारी है।
- युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सुरक्षा नियम सख्त किए गए हैं।
- ईरान ने आत्मरक्षा के तहत अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आक्रमणकारियों के जहाजों को रोका गया है।
- ईरान के वैध हितों का सम्मान होना चाहिए।
तेहरान, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इजरायल के निरंतर हमलों के मध्य, ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है और इस जलमार्ग में नौवहन जारी है। हालांकि, उसने बताया कि युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण कुछ आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने हमेशा नौवहन की स्वतंत्रता, समुद्री सुरक्षा और बचाव का सम्मान किया है। वह वर्षों से इन सिद्धांतों को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के कारण खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में एक खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसका प्रभाव क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा पर पड़ रहा है।
आत्मरक्षा के कानूनी अधिकार का हवाला देते हुए, ईरान ने कहा कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं कि आक्रमणकारी और उनके समर्थक इस स्ट्रेट का गलत उपयोग न कर सकें।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसने आक्रमणकारी जहाजों के गुजरने को अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार रोका है। उसने कहा कि अन्य देशों के या उनसे जुड़े गैर-दुश्मन जहाज, ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय में स्ट्रेट से सुरक्षित मार्ग बना सकते हैं, बशर्ते उन्होंने ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों में भाग न लिया हो और बताए गए सुरक्षा नियमों का पालन किया हो।
मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता की बहाली के लिए आवश्यक है कि ईरान विरोधी सैन्य हमले और धमकियां समाप्त हों, अमेरिका और इजरायल की अस्थिर करने वाली गतिविधियां रुकें, और ईरान के वैध हितों का पूरा सम्मान किया जाए।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर हमले किए, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई सैन्य अधिकारी मारे गए। ईरान ने भी प्रतिकूल हमले किए, जिसमें उसने खाड़ी के विभिन्न देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को लक्ष्य बनाया। वर्तमान में ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष जारी है।