ममता बनर्जी ने चुनावों से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की आशंका जताई
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कोलकाता, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को यह जताया कि चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर गिरफ्तार किया जा सकता है।
सीएम ने बीरभूम जिले के मुरारई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पास उन लोगों की गिरफ्तारी की योजनामैं एक-एक इंच के लिए लड़ूंगी। उन्होंने केवल टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का एक नेता बीरभूम से चुनाव लड़ रहा है, जिसने कोयला तस्करी से करोड़ों रुपये कमाए हैं। मैं नाम नहीं लूंगी पर भाजपा गुंडों की पार्टी है।
हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियां भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर स्पष्ट रूप से निशाना थीं। तृणमूल कांग्रेस ने पहले कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि चुनावों से पहले पार्टी के 800 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की जा सकती है और यह सब कथित तौर पर ईसीआई के निर्देशों के तहत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बिना इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) का नाम लिए आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्र सरकार, केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से उस एजेंसी को भी पश्चिम बंगाल में निष्क्रिय करने की कोशिश कर रही है।
वास्तव में, आई-पैक तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति के लिए पिछले कुछ वर्षों से कार्य कर रहा है।
सीएम ने कहा कि आपके पास काम करने के लिए कई एजेंसियां हैं, लेकिन मेरे पास सिर्फ एक है। फिर भी, आप उसे पश्चिम बंगाल से जाने के लिए कह रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में हेरफेर करने का काम सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास इस बारे में पक्की जानकारी है। जो लोग मतगणना के दौरान वहां मौजूद रहेंगे, उन्हें इस पर नजर रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को 100 वोट मिलते हैं, तो वे कंप्यूटर में केवल 5 ही दर्ज करेंगे। इसलिए, जब तक वोट कंप्यूटर में दर्ज नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी हार नहीं माननी चाहिए। आपको लड़ना होगा। यह लड़ाई हर हाल में जीतनी होगी।