30 जुलाई 2026
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क्या ममता बनर्जी पर आई-पैक में छापेमारी को प्रभावित करने का आरोप सही है?

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क्या ममता बनर्जी पर आई-पैक में छापेमारी को प्रभावित करने का आरोप सही है?

सारांश

कोयला घोटाले में ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगे हैं। क्या भाजपा की गिरफ्तारी की मांग राजनीतिक प्रभाव का नतीजा है? जानिए पूरी कहानी इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

छापेमारी में ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगे हैं।
भाजपा ने ममता की गिरफ्तारी की मांग की है।
ईडी का आरोप है कि ममता ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की।
टीएमसी नेताओं पर पहले भी छापेमारी हो चुकी है।
राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है।

कोलकाता, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कोयला घोटाले से जुड़े मामले में कोलकाता में स्थित आई-पैक के दफ्तर में ईडी ने गुरुवार को तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ईडी की जांच को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है, जिससे एक नया राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले में ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री पर ईडी की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

उन्होंने कहा कि कोयला घोटाले में पहले भी टीएमसी नेताओं के घरों पर छापेमारी हुई थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने उस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन आई-पैक के ऑफिस में हुई छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया और जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया, क्योंकि इस मामले में ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम आ रहा है।

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा कि एक सरकारी संस्था द्वारा चलाए जा रहे रेड के दौरान मुख्यमंत्री का वहां पहुंचना और सबूत छीन लेना, यह पहले कभी नहीं हुआ।

भाजपा नेता ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे एक व्यक्ति का सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप करना और सबूतों को छीन लेना अत्यंत निंदनीय है। वे किसे बचाना चाहते हैं? वे हवाला मामलों और घोटालों में शामिल लोगों को बचाना चाहते हैं। समाज को इस तरह की उम्मीद अपने मुख्यमंत्री से नहीं होती। आज का दिन पश्चिम बंगाल के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने ठान लिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में टीएमसी का सफाया कर देंगे।

वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा पर ईडी का दुरुपयोग करने का आरोप है। अगर किसी मामले में जांच की वास्तव में आवश्यकता थी, तो पहले कुछ क्यों नहीं किया गया? अब जब चुनाव नजदीक आ रहे हैं और आईपीएसी चुनाव प्रचार संबंधी मामलों पर सलाह ले रही है, हमारी सारी चुनाव प्रचार योजना आई-पैक के साथ है।

ज्ञात हो कि ईडी का आरोप है कि गुरुवार को एजेंसी द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में दाखिल होकर भौतिक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने साथ ले गईं।

मुख्यमंत्री का काफिला फिर आई-पैक कार्यालय परिसर की ओर बढ़ा, जहां से ममता बनर्जी, उनके सहयोगियों और राज्य पुलिस कर्मियों ने जबरन भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटा दिए। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप पीएमएलए के तहत चल रही जांच में बाधा उत्पन्न हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी का मुख्य कार्य क्या होता है?
ईडी का कार्य आर्थिक अपराधों की जांच करना और धन शोधन के मामलों की जांच करना है।
क्या ममता बनर्जी ने सबूतों को छिपाने की कोशिश की?
ईडी के आरोपों के अनुसार, ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान सबूतों को हटाने का प्रयास किया।
भाजपा की मांग क्या है?
भाजपा ने ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है।
क्या यह मामला चुनावी प्रभाव डाल सकता है?
हां, यह मामला आगामी चुनावों में राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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