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क्या ममता बनर्जी 2011 से गलत मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतती आ रही हैं?: अग्निमित्रा पॉल

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क्या ममता बनर्जी 2011 से गलत मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतती आ रही हैं?: अग्निमित्रा पॉल

सारांश

क्या ममता बनर्जी वास्तव में 2011 से गलत मतदाताओं का सहारा लेकर चुनाव जीतने की रणनीति अपना रही हैं? भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल के आरोपों के बाद यह सवाल उठता है। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा का आरोप सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता टीएमसी का विरोध मतदाता सूची की स्वच्छता की आवश्यकता

कोलकाता, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा शासित पश्चिम बंगाल में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके चलते राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने मंगलवार को पत्रकारों के सामने टीएमसी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने 2011 से गलत मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतने का खेल खेला है।

पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का टीएमसी लगातार विरोध कर रही है। अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आयोग किस प्रकार कार्य करेगा, यह उनका विषय है, हमारा नहीं। हम चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में एक स्वच्छ मतदाता सूची हो। 2011 से 2025 तक ममता बनर्जी जिस तरह से गलत मतदाताओं के सहारे जीतती आई हैं, वह सबके सामने प्रमाणित हो चुका है।"

सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची में गड़बड़ी वाले नामों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "हमारा विषय यह है कि निर्वाचन आयोग ने पूरे पश्चिम बंगाल में फॉर्म 7 जमा करने के विषय में बोला था, जिसमें एक व्यक्ति एक से ज्यादा बार फॉर्म 7 जमा कर सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद टीएमसी ने कैसे बाधा डाली कि हम फॉर्म 7 नहीं दे पाएं। आसनसोल दक्षिण में हमारा फॉर्म 7 जला दिया गया, बीएलए-1, बीएलए-2 चाहे महिला-पुरुष हों, उन पर हमले हुए। चुनाव आयोग को इस हिंसा पर ध्यान देना चाहिए। हमें केवल निष्पक्ष चुनाव चाहिए। यह कैसे किया जाएगा, वह आयोग तय करे।"

अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने डीजी को अवैध कामों की सीरिज देखने का आदेश दिया है। वही डीजी जो मुख्यमंत्री के साथ ईडी की रेड में शामिल था और फोन चोरी करके आया, आप उसी को लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपते हैं। यह आदेश ठीक उसी तरह है जैसे बिल्ली से कहा जाए, मछली पर पहरा दें। इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग को ध्यान देना चाहिए। हमारा एक उद्देश्य है कि हम बंगाल की मतदाता सूची में किसी भी अवैध रोहिंग्या, डुप्लीकेट और मृत वोटरों के नाम को नहीं रहने देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। अग्निमित्रा पॉल के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग को आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की पहचान है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ममता बनर्जी चुनाव में धोखाधड़ी कर रही हैं?
भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल के अनुसार, ममता बनर्जी ने 2011 से गलत मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतने का प्रयास किया है।
सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है?
सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।
टीएमसी का आरोप क्या है?
टीएमसी का कहना है कि पुनरीक्षण में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
क्या चुनाव निष्पक्ष होंगे?
चुनाव आयोग को इस मामले में निष्पक्षता बनाए रखने की आवश्यकता है।
भाजपा का इस मुद्दे पर क्या रुख है?
भाजपा ने टीएमसी पर गलत मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतने का आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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