तृणमूल कांग्रेस का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप: पिछली रणनीतियों से प्रशासन पर कब्जा
सारांश
Key Takeaways
- तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- चुनाव आयोग के कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं।
- ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर मजबूत स्थिति में माना जा रहा है।
- महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कोलकाता, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता जय प्रकाश मजूमदार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में टीएमसी को निशाना बना रहा है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन और पुलिस पर पीछे के दरवाजे से कब्जा कर लिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नामांकन के बारे में कहा, "ममता दीदी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि 294 सीटों पर वही असली चेहरा हैं। विभिन्न सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार होने पर भी, चुनाव का मतलब ममता बनर्जी ही हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी एक अनडिस्प्यूटेड यानी बिना किसी चुनौती वाली उम्मीदवार हैं। स्थानीय लोग उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं और उन्हें जमीन से जुड़ा नेता समझते हैं। इस कारण, भवानीपुर में ममता बनर्जी रिकॉर्ड वोटों से जीतेंगी।
जय प्रकाश मजूमदार ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग लगातार तृणमूल कांग्रेस को निशाना बना रहा है और पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन और पुलिस पर पीछे के दरवाजे से कब्जा कर लिया है।
उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग ऐसे तरीके से की गई हैं, जिससे भाजपा को फायदा हो। मजूमदार का आरोप है कि जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, वे भाजपा के निर्देश पर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अगर राज्य में किसी प्रकार की हिंसा या घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग को लेनी होगी।
उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि भाजपा का टारगेट पश्चिम बंगाल है और इसी के तहत रणनीति बनाई जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की जनता इन सब चीजों को समझती है और चुनाव के नतीजों में इसका जवाब देगी।
महिला आरक्षण बिल पर बात करते हुए मजूमदार ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा अब महिला आरक्षण की बात कर रही है, जबकि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में पंचायत और नगर निकाय स्तर पर पहले से ही 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दे रखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार को यह कदम उठाने में इतने साल क्यों लग गए?
उन्होंने भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि 12 साल से सत्ता में रहने के बावजूद अब जाकर महिला आरक्षण की बात करना केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है।