भारत-थाईलैंड 'मैत्री-15': एएमएआर और मुए थाई से आतंकवाद रोधी अभ्यास तक, 170 जवान मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री-15' इस बार केवल हथियारों और रणनीतिक युद्धाभ्यास तक सीमित नहीं है — दोनों देशों के जवान एक-दूसरे की युद्धकला, नज़दीकी लड़ाई की तकनीक और आतंकवाद रोधी अभियानों का व्यावहारिक अनुभव साझा कर रहे हैं। यह अभ्यास 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरतथानी स्थित विभावदी रंगसित शिविर में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दोनों सेनाओं के 85-85 सैनिक, यानी कुल 170 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं।
मुए थाई बनाम एएमएआर: युद्धकला का आदान-प्रदान
अभ्यास के दौरान रॉयल थाई सेना ने अपनी विश्वप्रसिद्ध मुए थाई युद्धकला का प्रदर्शन किया। इसके जवाब में भारतीय सेना ने अपनी आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन (एएमएआर) के ज़रिए नज़दीकी मुकाबले और आत्मरक्षा की तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस सांस्कृतिक-सैन्य आदान-प्रदान में दोनों सेनाओं की शारीरिक क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और युद्ध के लिए तत्परता स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई।
मुख्य घटनाक्रम: क्या-क्या हुआ अभ्यास में
भारतीय सेना ने अपने वास्तविक परिचालन अनुभव को थाई जवानों के साथ साझा किया। संयुक्त अभ्यास में मोबाइल वाहन जाँच चौकी, घेराबंदी और तलाशी अभियान तथा आतंकी ठिकानों में प्रवेश जैसी वास्तविक परिस्थितियों का अनुकरण किया गया। अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए आपसी तालमेल, सामरिक सटीकता, सतर्कता और खतरे के सामने त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष ज़ोर दिया गया।
आईईडी पहचान और निष्क्रियकरण का संयुक्त प्रशिक्षण
आतंकवाद रोधी अभियानों में तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) एक गंभीर खतरा होते हैं। मैत्री-15 में दोनों सेनाओं ने ऐसे उपकरणों की पहचान और उनसे सुरक्षित तरीके से निपटने की प्रक्रियाओं का संयुक्त अभ्यास किया। जवानों ने संभावित विस्फोटक खतरे को पहचानने, स्थिति का आकलन करने और सुरक्षित व प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देने की तकनीकें आपस में साझा कीं।
भाग लेने वाले दल
भारतीय दल में गोरखा राइफल्स के सैनिक शामिल हैं, जबकि थाईलैंड की ओर से 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की 3वीं बटालियन भाग ले रही है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य कंपनी स्तर पर उग्रवाद और आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता और आपसी तालमेल को बढ़ाना है।
क्या होगा आगे
मैत्री-15 अभ्यास 31 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा। मुए थाई और एएमएआर के प्रदर्शन से लेकर आईईडी की पहचान, घेराबंदी-तलाशी और कमरों में कार्रवाई तक, यह अभ्यास दोनों सेनाओं को एक-दूसरे के युद्ध कौशल और परिचालन अनुभव को करीब से समझने का अवसर दे रहा है — जो भारत-थाईलैंड रक्षा साझेदारी को नई गहराई देता है।