'प्रगति 2026': मेघालय के उमरोई में 12 देशों की सेनाओं का आतंकवादरोधी संयुक्त अभ्यास जारी
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के उमरोई में भारतीय सेना की अगुवाई में 'प्रगति 2026' बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास पूरे जोश के साथ जारी है, जिसमें 12 मित्र देशों की सेनाएं अर्ध-पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों का संयुक्त प्रशिक्षण ले रही हैं। 28 मई 2026 को भारतीय सेना ने इस अभ्यास की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि यह अभ्यास रणनीतिक समन्वय और साझा सुरक्षा उद्देश्यों की भावना के साथ संचालित हो रहा है।
भाग लेने वाले देश और अभ्यास का स्वरूप
इस महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय अभ्यास में भारत के अलावा भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सैन्य टुकड़ियां सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। यह अभ्यास मुख्य रूप से अर्ध-पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित है, जो वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के अत्यंत निकट है।
मुख्य प्रशिक्षण गतिविधियाँ
अभ्यास के दौरान विभिन्न देशों के सैनिक संयुक्त ड्रिल, सामरिक अभ्यास और मिशन-उन्मुख प्रशिक्षण गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। इन गतिविधियों का प्रमुख उद्देश्य भाग लेने वाली सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, संचालन क्षमता और संयुक्त अभियानों में सहयोग को सुदृढ़ करना है। सेना के अनुसार, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में किया जा रहा यह प्रशिक्षण सैनिकों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करता है।
सामरिक और कूटनीतिक महत्व
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, तेज़ी से बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में यह अभ्यास सामूहिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि 'प्रगति 2026' न केवल सामरिक समन्वय को मज़बूत करता है, बल्कि आपदा प्रबंधन, आतंकवाद-रोधी अभियानों और मानवीय सहायता कार्यों में भी देशों के बीच बेहतर सहयोग सुनिश्चित करता है। यह अभ्यास भारत की 'आर्मी टू आर्मी' संबंधों को प्रगाढ़ करने की नीति का भी हिस्सा है।
क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता
संयुक्त प्रशिक्षण और साझा अनुभवों के माध्यम से भाग लेने वाले देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता, रक्षा सहयोग तथा सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उमरोई में जारी यह अभ्यास भारत की साझा सुरक्षा और साझा समृद्धि की नीति को भी सशक्त संदेश दे रहा है। एक्सरसाइज 'प्रगति' सेनाओं के बीच शांति, स्थिरता, सुरक्षा और सहयोगात्मक विकास के प्रति साझा संकल्प का प्रतीक बनकर उभरी है।