भारत-कंबोडिया युद्धाभ्यास 'सिनबैक्स-2' संपन्न, अब मेघालय में 12 देशों के साथ 'प्रगति' की बारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-कंबोडिया युद्धाभ्यास 'सिनबैक्स-2' संपन्न, अब मेघालय में 12 देशों के साथ 'प्रगति' की बारी

सारांश

'सिनबैक्स-टू 2026' महज एक द्विपक्षीय अभ्यास नहीं — यह दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की बढ़ती सामरिक उपस्थिति की अगली कड़ी है। कंबोडिया में 280 जवानों के संयुक्त प्रशिक्षण के तुरंत बाद मेघालय में 12 देशों वाला 'प्रगति' — यह संयोग नहीं, रणनीति है।

मुख्य बातें

भारत-कंबोडिया संयुक्त युद्धाभ्यास 'सिनबैक्स-टू 2026' 4 से 16 मई 2026 तक कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत में आयोजित हुआ।
भारतीय दल में 120 जवान (मुख्यतः मराठा लाइट इन्फैंट्री ) और कंबोडियाई दल में रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 जवान शामिल थे।
ड्रोन, मोर्टार, स्नाइपर, काउंटर-टेरर ऑपरेशन और जंगल व अर्ध-शहरी अभियानों का संयुक्त प्रशिक्षण हुआ।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार अभ्यास ने दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत किया।
बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'प्रगति' 18 से 31 मई 2026 तक मेघालय के उमरोई में होगा, जिसमें 12 देश भाग लेंगे।

भारत और कंबोडिया के बीच संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास 'सिनबैक्स–टू 2026' 16 मई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 4 मई से शुरू हुए इस 13 दिवसीय अभ्यास में दोनों देशों के जवानों ने आतंकवाद-रोधी अभियान, ड्रोन संचालन, मोर्टार और स्नाइपर प्रशिक्षण सहित अनेक सामरिक कौशलों का अभ्यास किया। यह आयोजन कंबोडिया की सैन्य कूटनीति में भारत की बढ़ती साझेदारी का प्रमाण माना जा रहा है।

अभ्यास का स्थान और संरचना

यह युद्धाभ्यास कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत स्थित टेको सेन फ्नोम थॉम म्रीस प्रॉव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। भारतीय दल में 120 जवान शामिल थे, जिनमें से अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की बटालियन से थे। कंबोडियाई पक्ष से रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 जवानों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण के मुख्य क्षेत्र

दोनों देशों के सैनिकों ने जंगल एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संयुक्त ऑपरेशन, काउंटर-टेरर मिशन और विशेष रणनीतिक कौशल पर मिलकर काम किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों के आदान-प्रदान से जमीनी स्तर पर अंतर-संचालन क्षमता को मजबूती मिली है। इस अभ्यास का मूल उद्देश्य अपरंपरागत माहौल में सैन्य अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाना था।

द्विपक्षीय संबंधों पर असर

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 'सिनबैक्स-टू 2026' ने भारत और कंबोडिया के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी सैन्य कूटनीति को व्यापक आधार देने की दिशा में सक्रिय है। गौरतलब है कि 'सिनबैक्स' श्रृंखला भारत की उस रणनीतिक पहल का हिस्सा है जो आसियान क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत रूप देने पर केंद्रित है।

अब 'प्रगति' की तैयारी

कंबोडिया अभ्यास के ठीक बाद भारतीय सेना बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास 'प्रगति' की मेजबानी करने जा रही है। यह अभ्यास 18 से 31 मई 2026 तक मेघालय के उमरोई स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित होगा। इसमें 12 मित्र देशों की सैन्य टुकड़ियाँ भाग लेंगी। 'रिजॉल्यूट, रिलेंटलेस एंड यूनाइटेड' थीम पर आधारित यह अपनी श्रृंखला का पहला संस्करण है।

क्या होगा 'प्रगति' में

भारतीय सेना के अनुसार, 'प्रगति' के दौरान भाग लेने वाले देशों के सैनिक आधुनिक युद्ध कौशल, काउंटर-टेरर ऑपरेशन, संयुक्त रणनीति और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। पूर्वोत्तर भारत में आयोजित यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ भारत की बहुपक्षीय सैन्य कूटनीति को भी मजबूती प्रदान करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि छिटपुट कार्यक्रम की तरह। दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति के बीच कंबोडिया जैसे देश के साथ संस्थागत अभ्यास श्रृंखला शुरू करना रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हालाँकि, इन अभ्यासों की वास्तविक परिचालन उपयोगिता तब सिद्ध होगी जब संयुक्त प्रोटोकॉल और खुफिया-साझाकरण ढाँचे भी विकसित हों — जो अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हैं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिनबैक्स-टू 2026 युद्धाभ्यास क्या है?
यह भारत और कंबोडिया के बीच 4 से 16 मई 2026 तक आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत में हुआ। इसमें काउंटर-टेरर ऑपरेशन, ड्रोन, मोर्टार और स्नाइपर प्रशिक्षण शामिल था।
सिनबैक्स अभ्यास में कितने जवान शामिल थे?
भारतीय दल में 120 जवान थे, जिनमें अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट से थे। कंबोडियाई पक्ष से रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 जवानों ने भाग लिया।
'प्रगति' अभ्यास कब और कहाँ होगा?
बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास 'प्रगति' 18 से 31 मई 2026 तक मेघालय के उमरोई स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित किया जाएगा। इसमें 12 मित्र देशों की सैन्य टुकड़ियाँ हिस्सा लेंगी।
'प्रगति' अभ्यास की थीम और उद्देश्य क्या है?
'रिजॉल्यूट, रिलेंटलेस एंड यूनाइटेड' थीम पर आधारित यह अपनी श्रृंखला का पहला संस्करण है। इसका उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के बीच आधुनिक युद्ध कौशल, काउंटर-टेरर ऑपरेशन और आपदा राहत अभियानों में सहयोग को मजबूत करना है।
सिनबैक्स अभ्यास भारत-कंबोडिया संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस अभ्यास ने दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ किया है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की सैन्य कूटनीति को संस्थागत रूप देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले