भारत-कंबोडिया संयुक्त सैन्य अभ्यास 'सिनबैक्स-II 2026': 120 भारतीय जवान काउंटर-टेररिज्म ट्रेनिंग के लिए रवाना

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भारत-कंबोडिया संयुक्त सैन्य अभ्यास 'सिनबैक्स-II 2026': 120 भारतीय जवान काउंटर-टेररिज्म ट्रेनिंग के लिए रवाना

सारांश

भारतीय सेना के 120 जवान 'सिनबैक्स-II 2026' के लिए कंबोडिया पहुँचे — यह अभ्यास 4 से 17 मई तक कंम्पोंग स्पेयू के कैंप बेसिल में होगा। काउंटर-टेररिज्म, ड्रोन संचालन और स्नाइपर रणनीतियों पर केंद्रित यह द्विपक्षीय अभ्यास भारत की दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती सैन्य कूटनीति का अहम संकेत है।

Key Takeaways

भारतीय सेना के 120 सैन्यकर्मी (अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री से) 3 मई 2026 को कंबोडिया रवाना हुए। अभ्यास 4 से 17 मई 2026 तक कंम्पोंग स्पेयू प्रांत के कैंप बेसिल में आयोजित होगा। रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 कार्मिक इस अभ्यास में भाग लेंगे। प्रशिक्षण में काउंटर-टेररिज्म , ड्रोन संचालन , मोर्टार और स्नाइपर रणनीतियाँ शामिल हैं। अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय आठ के ढाँचे के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा।

भारतीय सेना का 120 सैन्यकर्मियों का एक दल 3 मई 2026 को भारत-कंबोडिया संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास 'सिनबैक्स-II 2026' में भाग लेने के लिए कंबोडिया रवाना हुआ। यह अभ्यास 4 मई से 17 मई 2026 तक कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत स्थित टेको सेन फ्नोम थॉम म्रीस प्रॉव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र (कैंप बेसिल) में आयोजित किया जाएगा। इसमें काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस, जंगल एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अभियानों पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।

अभ्यास की संरचना और भागीदारी

भारतीय दल में अधिकांश जवान मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। वहीं कंबोडिया की ओर से रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 कार्मिकों का एक विशेष सैन्य दल इस अभ्यास में शामिल होगा। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय आठ के ढाँचे के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा।

मुख्य प्रशिक्षण क्षेत्र

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों के जवान आतंकवाद-रोधी अभियानों की वर्तमान कार्य-प्रक्रियाओं पर काम करेंगे, जो संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के दौरान शांति-रक्षक बलों द्वारा अपनाई जाती हैं। इसके अलावा ड्रोन संचालन, मोर्टार तथा स्नाइपर रणनीतियों सहित विशेष कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अर्ध-शहरी परिदृश्य में शत्रुतापूर्ण बलों के विरुद्ध सर्वोत्तम पद्धतियाँ साझा करना भी इस अभ्यास का अहम हिस्सा होगा।

सिनबैक्स का उद्देश्य और महत्व

सिनबैक्स का मुख्य उद्देश्य कंपनी स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण के माध्यम से सब-कन्वेंशनल (अपरंपरागत) वातावरण में सैन्य अभियानों को अधिक प्रभावी बनाना है। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह अभ्यास दोनों देशों के दलों के बीच अंतर-संचालन क्षमता, समन्वय तथा परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करेगा। गौरतलब है कि यह 'सिनबैक्स' श्रृंखला का द्वितीय संस्करण है, जो भारतीय सेना और रॉयल कंबोडियन आर्मी के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का प्रतीक है।

भारत की व्यापक रक्षा कूटनीति में भूमिका

यह अभ्यास ऐसे समय में आया है जब भारत दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी सैन्य कूटनीति को सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस आज के बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि 'सिनबैक्स-II 2026' भारत और कंबोडिया के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करेगा तथा वैश्विक शांति एवं स्थिरता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।

यह संयुक्त अभ्यास आपसी विश्वास और सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक ठोस कदम है, और आने वाले समय में दोनों देशों के रक्षा संबंधों की नींव और मज़बूत होने की उम्मीद है।

Point of View

बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति का संकेत है — ऐसे समय में जब इस क्षेत्र में चीन का प्रभाव लगातार गहरा हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय आठ के तहत इसे आयोजित करना यह दर्शाता है कि भारत अपनी सैन्य साझेदारियों को बहुपक्षीय शांति ढाँचे से जोड़ना चाहता है। हालाँकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये अभ्यास केवल प्रतीकात्मक कूटनीति बनकर न रह जाएँ — वास्तविक अंतर-संचालन क्षमता और दीर्घकालिक रक्षा समझौते ही इस सहयोग की असली कसौटी होंगे।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

भारत-कंबोडिया संयुक्त सैन्य अभ्यास 'सिनबैक्स-II 2026' क्या है?
'सिनबैक्स-II 2026' भारतीय सेना और रॉयल कंबोडियन आर्मी के बीच एक द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास है, जो 4 से 17 मई 2026 तक कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत में आयोजित होगा। इसमें काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस, ड्रोन संचालन और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अभियानों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अभ्यास में भारत की ओर से कितने जवान शामिल हैं?
भारत की ओर से 120 सैन्यकर्मी इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं, जिनमें अधिकांश मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। कंबोडिया की ओर से रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 कार्मिक शामिल होंगे।
सिनबैक्स अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य कंपनी स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण के ज़रिए अपरंपरागत वातावरण में सैन्य अभियानों को प्रभावी बनाना है। साथ ही दोनों देशों के बीच अंतर-संचालन क्षमता, समन्वय और परिचालन तालमेल को मज़बूत करना भी इसका लक्ष्य है।
यह अभ्यास कहाँ आयोजित किया जाएगा?
यह अभ्यास कंबोडिया के कंम्पोंग स्पेयू प्रांत स्थित टेको सेन फ्नोम थॉम म्रीस प्रॉव रॉयल कंबोडियन एयर फोर्स प्रशिक्षण केंद्र (कैंप बेसिल) में आयोजित होगा।
यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के किस ढाँचे के तहत होगा?
यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय आठ के ढाँचे के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह उन आतंकवाद-रोधी प्रक्रियाओं के अनुरूप होगा जिनका सामना संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में किया जाता है।
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