नकबा दिवस पर ममदानी के वीडियो पोस्ट से यहूदी समुदाय नाराज, UJA-फेडरेशन ने लगाया समय को लेकर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों पर नकबा दिवस के अवसर पर एक विवादित वीडियो साझा किया, जिसके बाद यहूदी संगठनों और स्थानीय नेताओं ने उनकी कड़ी आलोचना की। वीडियो शुक्रवार शाम 5 बजकर 40 मिनट पर पोस्ट किया गया — यहूदी शबात शुरू होने से ठीक कुछ देर पहले — जिसे लेकर आलोचकों ने समय को जानबूझकर चुना गया बताया।
नकबा दिवस और वीडियो की विषयवस्तु
'नकबा' एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ 'तबाही' होता है। यह शब्द 1947 से 1949 के बीच इज़रायल के गठन और उस दौरान 7 लाख से अधिक फिलिस्तीनियों के विस्थापन को संदर्भित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। ममदानी द्वारा साझा किए गए वीडियो में न्यूयॉर्क निवासी इनिया बुशनाक का इंटरव्यू शामिल था, जिन्हें मेयर ने 'नकबा सर्वाइवर' बताया। वीडियो में बुशनाक ने 1948 के युद्ध के दौरान अपने परिवार के यरुशलम छोड़ने की कहानी साझा की और दावा किया कि यहूदियों के आने के कारण उनके परिवार को वहाँ से जाने पर मजबूर होना पड़ा।
ममदानी की पोस्ट में क्या लिखा था
वीडियो के साथ ममदानी ने लिखा, 'आज नकबा डे है, जो 1947 से 1949 के बीच इज़रायल के गठन और उसके बाद 7 लाख से ज़्यादा फिलिस्तीनियों के विस्थापन की याद में मनाया जाने वाला वार्षिक दिन है।' वीडियो में यह भी दावा किया गया कि यहूदी मिलिशिया ने 400 से अधिक गाँवों को नष्ट किया और बड़े पैमाने पर हत्याएँ कीं। वीडियो का अंतिम संदेश था — 'फिलिस्तीनियों के लिए उनका विस्थापन और नकबा आज भी जारी है।'
गौरतलब है कि वीडियो में अरब देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के विभाजन प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने या पड़ोसी अरब देशों द्वारा नवगठित इज़रायल के विरुद्ध छेड़े गए युद्ध का कोई उल्लेख नहीं था — एक चूक जिसे आलोचकों ने एकतरफा ऐतिहासिक प्रस्तुति करार दिया।
यहूदी समुदाय की प्रतिक्रिया
न्यूयॉर्क के प्रमुख यहूदी संगठन UJA-फेडरेशन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'आपने इसे पोस्ट करने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजकर 40 मिनट का समय चुना, जब न्यूयॉर्क के यहूदी लोग शबात की मोमबत्तियाँ जलाने की तैयारी कर रहे थे। हमने इसे देखा।' आलोचकों ने न केवल वीडियो में कथित ऐतिहासिक तथ्यों की एकांगी प्रस्तुति पर सवाल उठाए, बल्कि पोस्ट के समय को भी जानबूझकर उकसावे वाला बताया।
ममदानी का पूर्व रुख
यह पहली बार नहीं है जब मेयर ममदानी की इज़रायल-फिलिस्तीन मसले पर टिप्पणियों को लेकर विवाद उठा हो। इससे पहले भी वह इज़रायल की नीतियों की आलोचना करते हुए फिलिस्तीन के समर्थन में बयान दे चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गाज़ा संघर्ष को लेकर अमेरिकी राजनीति में तनाव पहले से ही चरम पर है और न्यूयॉर्क जैसे बहुलतावादी शहरों में सामुदायिक संवेदनशीलताएँ अत्यंत गहरी हैं।
आगे क्या
अभी तक मेयर ममदानी के कार्यालय की ओर से यहूदी संगठनों की आलोचना पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद ममदानी के लिए न्यूयॉर्क के विविध मतदाता आधार के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को और पेचीदा बना सकता है।