क्या जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को पत्र लिखा और न्यूयॉर्क मेयर से मुलाकात की?

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क्या जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को पत्र लिखा और न्यूयॉर्क मेयर से मुलाकात की?

सारांश

क्या न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को पत्र लिखा? जानें उनकी मुलाकात का पूरा सच और उमर के पिता का बयान। यह मामला क्या दर्शाता है, और इसमें क्या उम्मीदें हैं?

Key Takeaways

  • जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को पत्र लिखा।
  • उमर खालिद पिछले पांच वर्षों से जेल में हैं।
  • सैयद कासिम रसूल इलियास ने समर्थन और मदद की उम्मीद जताई।
  • यह मामला भारत में मुसलमानों के हालात को उजागर करता है।
  • जोहरान की मुलाकात ने उमर के परिवार को हौसला दिया है।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद उमर खालिद को न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने एक पत्र भेजा है। यह पत्र तब जारी हुआ, जब जोहरान ने 1 जनवरी को न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ ली। पत्र के सामने आने के बाद उनके पिता ने कहा कि हमने उनसे मुलाकात की थी और उन्होंने हमें सहायता का आश्वासन दिया था।

एआईएमपीएलबी के प्रवक्ता और उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि उनकी मुलाकात 9 तारीख को न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी से हुई थी। उन्होंने कहा कि वे न्यूयॉर्क में थे और उनसे मिलने का समय मांगा, जिसे ममदानी ने स्वीकार किया। यह मुलाकात लगभग 25 मिनट तक चली।

उन्होंने बताया कि जोहरान ने उमर खालिद के नाम से एक पत्र लिखा था। इसके लिए उन्होंने उनका धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी बताया कि दो साल पहले ममदानी ने उमर की जेल डायरी को पढ़कर सुनाया था, जिसके लिए भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।

सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि जोहरान ममदानी ने उमर खालिद की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक प्रतिभाशाली युवा, जिसने सीएए और एनआरसी के खिलाफ संघर्ष किया और आदिवासियों व दलितों के मुद्दे उठाए, बिना ट्रायल और जमानत के पांच साल तक जेल में रहना बहुत ही दुखद है। उन्होंने कहा कि ममदानी ने पूछा कि वे इस मामले में क्या कर सकते हैं, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि बस दुआ कीजिए

उमर खालिद के पिता ने बताया कि जोहरान ममदानी ने आश्वासन दिया है कि वे अपनी ओर से हर संभव मदद करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेसमैन से मिलने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि वे दो कांग्रेसमैन से मिले, जिन्होंने इस मामले में मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने एक पत्र लिखा, जो अब वायरल हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उमर खालिद के मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी और जमानत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि चाहे जोहरान ममदानी से मुलाकात हो या कांग्रेसमैन से, इन सब से उन्हें हौसला मिला है और यह एक महत्वपूर्ण बात है।

उमर खालिद की जमानत को लेकर उनके पिता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जो बहस हुई, उसमें वे भी शामिल थे। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट में बहस हुई है, इस बार उमर खालिद और उनके साथियों को जमानत मिल जाएगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क में वही भूमिका निभा रहे हैं, जो राहुल गांधी भारत में निभाते हैं, तो सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि वे ऐसी कोई तुलना नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि ममदानी ने आम लोगों के मुद्दे उठाए और उन्होंने शून्य से शुरुआत की। उनके समर्थन में न तो उनकी पार्टी थी और न ही पार्टी के बड़े नेता।

उन्होंने कहा कि जोहरान ममदानी के समर्थन में युवा आगे आए। उन्होंने कई मुद्दे उठाए और वहां के वोटरों की समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने अपनी पहचान भी नहीं छिपाई। इन्हीं कारणों से उन्हें फायदा मिला। भारत के नेताओं को भी इससे सीख लेनी चाहिए। लोग देखते हैं कि आप चुनाव में क्या कहते हैं और क्या करते हैं। हमारे देश में भी महंगाई और बेरोजगारी जैसे जटिल मुद्दों को उठाया जाना चाहिए।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे चाहते हैं कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करें, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो ऐसी कोई इच्छा जताई है और न ही कोई अनुरोध किया है। यह देश का आंतरिक मामला है और इसे देश के भीतर ही सुलझाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत में मुसलमानों के प्रति अपनाया जा रहा रवैया चिंता का विषय है। भेदभाव देखने को मिल रहा है, घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और मुस्लिम युवाओं को फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है। वहीं, मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ये सब चीजें भारत की अच्छी छवि नहीं बनाती हैं।

न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी को उमर खालिद के बारे में कैसे पता चला और क्या वे कभी उनसे मिले हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि उमर खालिद के पास पासपोर्ट नहीं है और वे किसी से मिले भी नहीं हैं। उमर पिछले पांच वर्षों से जेल में बंद हैं। आज दुनिया एक वैश्विक गांव बन गई है। किसी भी देश में उठने वाला मुद्दा पूरी दुनिया में सुनाई देता है। स्वाभाविक रूप से, उमर की आवाज लंबे समय से सोशल मीडिया पर गूंज रही है, देश में भी और विदेशों में भी। उन्होंने बताया कि दो-तीन साल पहले दुनिया के शीर्ष 200 बुद्धिजीवियों ने पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई थी। जोहरान ममदानी के चुनाव के दौरान कही गई बातें भी भारत में सुनी गईं, इसमें कोई अजीब बात नहीं है।

बांग्लादेशी खिलाड़ी को क्रिकेट टीम में शामिल करने पर देवकीनंदन ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि इस पर शाहरुख खान को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिकेट इसी तरह चलता है, खिलाड़ियों को साइन किया जाता है और वे खेलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच मैच हुआ था। इसका विरोध जरूर हुआ, लेकिन मैच खेला गया। खेल और राजनीति को आपस में नहीं जोड़ना चाहिए।

Point of View

बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक व्यक्ति के मुद्दे को उठाया जा सकता है। जोहरान ममदानी का समर्थन उमर खालिद के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत के भीतर मुसलमानों के प्रति हो रही भेदभाव की ओर भी इशारा करता है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

जोहरान ममदानी कौन हैं?
जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के मेयर हैं जिन्होंने हाल ही में उमर खालिद को पत्र लिखा।
उमर खालिद किस मामले में जेल में हैं?
उमर खालिद दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद हैं।
जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के लिए क्या किया?
जोहरान ने उमर के लिए एक पत्र लिखा और उनके मामले में समर्थन का आश्वासन दिया।
उमर खालिद के पिता का क्या कहना है?
उमर के पिता ने ममदानी के समर्थन को महत्वपूर्ण बताया और निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद जताई।
क्या इस मामले में राजनीतिक प्रभाव है?
यह मामला भारत में मुसलमानों के अधिकारों और भेदभाव के मुद्दे को उठाता है।
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