बिहार शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी की धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कोचिंग नियमावली पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने 9 जून 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। इस बैठक में बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता, लंबित शैक्षणिक समस्याओं के समाधान और राज्य में केंद्र की भागीदारी बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। तिवारी ने इस मुलाकात को सार्थक बताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है।
बैठक में क्या हुई चर्चा
मंत्री मिथलेश तिवारी ने बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी तमाम समस्याएँ केंद्रीय मंत्री के सामने रखीं। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान ने न केवल सभी मुद्दों को ध्यान से सुना, बल्कि तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने अधिकारियों को बिहार दौरे का निर्देश दिया, ताकि ज़मीनी समस्याओं का निदान किया जा सके।
तिवारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने स्वयं बिहार आने की इच्छा जताई है और राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े कदम उठाने के प्रति उनका उत्साह स्पष्ट दिखा। उन्होंने कहा, 'मुझे यह विश्वास हो चुका है कि आने वाले दिनों में बिहार में लोगों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने में हम जरूर सफल होंगे।'
पटना कोचिंग विवाद पर मंत्री की प्रतिक्रिया
बैठक के अलावा, मंत्री मिथलेश तिवारी ने पटना में खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहे कोचिंग विवाद पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि जिन संस्थानों की पहचान पढ़ाई से होनी चाहिए थी, वे अब आपसी विवादों के कारण चर्चा में हैं।
तिवारी ने दावा किया कि यह पूरा प्रकरण राज्य सरकार को बदनाम करने की एक सुनियोजित साजिश थी, जो अब विफल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन ने ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला कर लिया है।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी विवाद में न पड़ें और अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि इस तरह के झगड़ों में शामिल होने से उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
तीन महीने में लागू होगी बिहार कोचिंग नियमावली
मंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार बिहार राज्य कोचिंग नियमावली तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसे आगामी तीन महीनों में लागू किया जाएगा। इस नियमावली में सभी कोचिंग संस्थानों को शामिल किया जाएगा और एक विस्तृत आचार संहिता भी बनाई जाएगी, जो यह तय करेगी कि संस्थानों को क्या करना है और क्या नहीं।
गौरतलब है कि पटना कोचिंग हब देश के सबसे बड़े प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों में से एक है, और यहाँ के विवाद का असर लाखों छात्रों पर पड़ता है। एक नियामक ढाँचे की माँग लंबे समय से उठती रही है।
PM मोदी के 12 वर्ष पर तिवारी का बयान
मंत्री मिथलेश तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि इन वर्षों में प्रधानमंत्री ने आम जनता, विशेष रूप से गरीबों के हितों को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण जनता में उनके प्रति विश्वास बना हुआ है।
तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और जन-संवाद के ज़रिए इन योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है।
आगे की राह
केंद्रीय अधिकारियों के शीघ्र बिहार दौरे और कोचिंग नियमावली के तीन महीने में लागू होने की घोषणा के साथ, यह बैठक बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि केंद्र और राज्य के बीच यह समन्वय ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी परिणाम दे पाता है।