बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का ऐलान: BPSC TRE-4 में 33,388 पद, 5 सितंबर को Google के साथ MOU
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 2 सितंबर को पटना में कई अहम घोषणाएँ कीं — जिनमें बीपीएससी टीचर रिक्रूटमेंट एग्जाम (TRE-4) के तहत 33,388 पदों पर भर्ती, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर Google के साथ प्रशिक्षण समझौते (MOU) पर हस्ताक्षर, और परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन शामिल हैं। तिवारी ने युवाओं से सीधे कहा कि उन्हें आंदोलन नहीं, केवल आवेदन करने की ज़रूरत है।
Google के साथ MOU और डिजिटल प्रशिक्षण
शिक्षा मंत्री ने बताया कि Google के वरिष्ठ अधिकारी मंगलवार को उनसे मिले और बिहार के स्कूलों में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने की इच्छा जताई। इसी के मद्देनज़र 5 सितंबर — शिक्षक दिवस — को Google के साथ एक गैर-वित्तीय (non-financial) MOU पर हस्ताक्षर किए जाएँगे। तिवारी ने कहा, "अब मुगल का नहीं, गूगल का जमाना है।" उन्होंने यह भी बताया कि बिहार पहले ही सात प्रमुख संस्थानों के साथ नॉन-फाइनेंशियल MOU कर चुका है और Google इस श्रृंखला का अगला पड़ाव है।
BPSC TRE-4 और लाइब्रेरियन भर्ती
तिवारी ने स्पष्ट किया कि सरकार ने युवाओं से 20,000 पदों का वादा किया था, लेकिन उसके बदले बीपीएससी के ज़रिए 33,388 पदों पर भर्ती निकाली गई है। उन्होंने कहा कि ज़रूरत पड़ने पर पदों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। BPSC TRE-4 के साथ-साथ लाइब्रेरियन पोस्ट के लिए भी परीक्षा आयोजित होनी है। मंत्री ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा में शामिल हों और आंदोलन का रास्ता छोड़ें।
शिक्षक तबादला नीति में राहत
शिक्षा विभाग ने ऐच्छिक ट्रांसफर नीति के तहत शिक्षकों को 30 विकल्प देने का प्रावधान किया है। हालाँकि, जिन शिक्षकों की नौकरी में केवल 2 वर्ष शेष हैं, उनके लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई है — यदि वे तबादला नहीं चाहते, तो विभाग उन्हें बाध्य नहीं करेगा। तिवारी ने कहा कि ऐसे शिक्षक यदि चाहें तो तबादला ले सकते हैं, अन्यथा विभाग उनके ट्रांसफर पर विचार नहीं करेगा।
शिक्षक प्रमोशन और विशेषज्ञ समिति
जिन शिक्षकों का प्रमोशन अटका हुआ है, उनकी समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई होगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक सिटिंग जज की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की है। तिवारी ने इसे बड़ा कदम बताया और कहा कि इसका उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और युवाओं की हर शंका दूर करना है।
युवाओं के लिए संदेश
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं के लिए दरवाज़ा और दिल — दोनों खोलकर बैठी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ने युवाओं से जो भी वादे किए हैं, वे सभी पूरे किए जा रहे हैं। यह घोषणाएँ ऐसे समय में आई हैं जब बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों में बेचैनी और आंदोलन की प्रवृत्ति देखी जा रही थी। आने वाले दिनों में Google MOU के क्रियान्वयन और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें बिहार की शिक्षा व्यवस्था की दिशा तय करेंगी।