बिहार STET 2026 अभ्यर्थी TRE-4 के लिए कर सकेंगे आवेदन, प्रवेश पत्र केवल उत्तीर्णों को मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 14 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अब बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के लिए 'अपीयरिंग' श्रेणी में आवेदन कर सकेंगे। हालाँकि, TRE-4 का प्रवेश पत्र केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को जारी किया जाएगा जो STET 2026 उत्तीर्ण करेंगे।
नई व्यवस्था क्या है
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि BPSC पहले TRE-4 का विज्ञापन जारी करेगा, ताकि STET में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को भी आवेदन का अवसर मिल सके। इसके बाद STET 2026 का परिणाम घोषित होगा और केवल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही TRE-4 की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। इस प्रकार दोनों परीक्षाओं की प्रक्रिया एक-दूसरे के साथ समन्वित रूप से चलेगी।
STET आवेदन और परीक्षा की तैयारी
STET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 से शुरू होनी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) को परीक्षा शीघ्र आयोजित कराने का आग्रह किया गया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों की लगातार माँग थी कि TRE-4 से पहले STET परीक्षा आयोजित की जाए, इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है।
संस्थाओं के बीच समन्वय
TRE-4 का विज्ञापन जारी करने की जिम्मेदारी BPSC की है, जबकि STET परीक्षा की तारीख तय करने और उसे आयोजित कराने की जिम्मेदारी BSEB की है। शिक्षा विभाग ने BSEB अध्यक्ष त्यागराजन से BPSC के साथ समन्वय करने का आग्रह किया था। दोनों संस्थाओं के बीच इस विषय पर बातचीत हो चुकी है और सहमति बन गई है।
मुख्यमंत्री की सहमति और परीक्षा कैलेंडर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की भी सहमति ली जा चुकी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस नई प्रक्रिया से परीक्षा कैलेंडर में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। TRE-4 की परीक्षा तिथि घोषित करने का अधिकार BPSC के पास है और राज्य सरकार ने BPSC से आग्रह किया है कि वह STET परिणाम के साथ समन्वय रखते हुए तारीख तय करे।
आगे की राह
शिक्षा मंत्री के अनुसार, STET 2026 का परिणाम अति शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा ताकि TRE-4 में अनावश्यक विलंब न हो। सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर प्रक्रिया पूरी करने और सुचारू रूप से परीक्षाएँ आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक समावेशी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।