बिहार TRE-4.0 आवेदन प्रक्रिया स्थगित: BPSC ने 32,388 शिक्षक पदों की भर्ती की तारीख टाली, नई तिथि जल्द
सारांश
मुख्य बातें
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 31 अगस्त 2026 को घोषणा की कि विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण TRE-4.0 के लिए 1 सितंबर 2026 से निर्धारित ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत बिहार शिक्षा विभाग के अंतर्गत 32,388 पदों पर नियुक्ति होनी थी। आयोग ने स्थगन का कारण 'प्रक्रियात्मक बदलाव' बताया है और संशोधित तिथियाँ शीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया है।
स्थगन की पृष्ठभूमि
यह निर्णय ऐसे समय आया है जब पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में शिक्षक अभ्यर्थी TRE-4.0 की परीक्षा संरचना, परीक्षा के स्वरूप और नकारात्मक अंकन जैसे मुद्दों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे थे। गौरतलब है कि हाल ही में आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल और बिहार सरकार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी।
उस बातचीत के बाद TRE-4.0 को एकल चरण में आयोजित करने और प्रत्येक अभ्यर्थी को एकल परिणाम देने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी थी, लेकिन अब आवेदन प्रक्रिया स्थगित होने से हजारों अभ्यर्थी पुनः असमंजस में हैं।
पद-वितरण का विवरण
TRE-4.0 के अंतर्गत कुल 32,388 रिक्त पदों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
3,847 पद प्राथमिक शिक्षकों के लिए, 8,563 पद माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए, 3,877 पद माध्यमिक शिक्षकों के लिए और 16,101 पद वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षकों के लिए निर्धारित हैं। यह भर्ती बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक-रिक्तियों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख माँगें
अभ्यर्थियों ने परीक्षा को लेकर कई माँगें रखी थीं, जिनमें एकल चरण में परीक्षा आयोजित करना और एक अभ्यर्थी को एक ही परिणाम देना सबसे प्रमुख थीं। नकारात्मक अंकन की व्यवस्था को लेकर भी अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष था। सरकार के साथ हुई वार्ता में इन बिंदुओं पर आंशिक सहमति बनने की बात कही गई थी।
आगे क्या होगा
BPSC ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन संख्या 14/2026 से संबंधित संशोधित आवेदन तिथि जल्द घोषित की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र बनाए रखें और नई तिथि की घोषणा होने पर ही पंजीकरण तथा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संशोधित परीक्षा प्रारूप अभ्यर्थियों की माँगों को किस हद तक प्रतिबिंबित करता है।