बिहार TRE-4 विज्ञापन जारी: छात्र नेता दिलीप कुमार की एक परीक्षा और नो निगेटिव मार्किंग की मांग बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 18 अगस्त 2026 को शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) का बहुप्रतीक्षित विज्ञापन जारी कर दिया, जिससे अभ्यर्थियों में राहत की लहर है। हालांकि, पटना के गर्दनीबाग में जारी 'छात्र न्याय सत्याग्रह' के नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी शेष मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं और आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन जारी होना — एक साल के संघर्ष का नतीजा
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि TRE-4 का विज्ञापन जारी होना पिछले करीब एक साल से चले आ रहे संघर्ष की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि छात्र न्याय सत्याग्रह शुरू होने के मात्र चार घंटे बाद ही यह विज्ञापन सामने आया।
दिलीप कुमार ने कहा, 'TRE-4 का बहुप्रतीक्षित विज्ञापन जारी हुआ है, इसे लेकर थोड़ी खुशी जरूर है। पिछले एक साल से छात्र इसके लिए संघर्ष कर रहे थे। इस दौरान कई बार छात्रों और मुझे लाठियां खानी पड़ीं, थाने ले जाया गया, जेल भेजा गया और मेरे परिवार से भी पूछताछ की गई।'
मुख्य मांगें — एक परीक्षा और नकारात्मक अंक व्यवस्था का विरोध
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि TRE-4 की परीक्षा पूर्व के चरणों — TRE-1, TRE-2 और TRE-3 — की तरह एकल परीक्षा के माध्यम से आयोजित की जाए। दिलीप कुमार के अनुसार, पुराने पैटर्न को ही इस चरण में भी अपनाया जाना चाहिए।
इसके अलावा, छात्र नेताओं ने TRE-4 में नकारात्मक अंक व्यवस्था (Negative Marking) लागू न करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार और आयोग प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा जैसी नई प्रक्रिया लागू करना चाहते हैं, तो इसे TRE-5 से लागू किया जाए — न कि उस भर्ती में जिसमें पहले ही काफी देरी हो चुकी है।
व्यापक मांगें — भर्ती पारदर्शिता से लेकर परीक्षा सुधार तक
छात्र नेता ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल शिक्षक भर्ती तक सीमित नहीं है। उनकी अन्य मांगों में शामिल हैं:
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की परीक्षा तिथि की घोषणा; संविदा कर्मियों के अनुभव-आधारित लाभ को समाप्त करना; ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन; और पुस्तकालयाध्यक्षों की भर्ती निकालना।
इसके साथ ही, दरोगा, सिपाही और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद प्रश्न पुस्तिका और OMR शीट की कार्बन कॉपी अभ्यर्थियों को दी जाए, 10 से 15 दिनों के भीतर उत्तर कुंजी जारी हो, और परिणाम के साथ कटऑफ व सभी अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक किए जाएं।
चेतावनी — शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग फिर उठ सकती है
दिलीप कुमार ने चेतावनी दी कि यदि शेष मांगें पूरी नहीं हुईं तो शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग एक बार फिर उठाई जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब गर्दनीबाग में छात्र न्याय सत्याग्रह जारी है और बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्र वर्ग में व्यापक असंतोष बना हुआ है।
गौरतलब है कि यह आंदोलन केवल TRE-4 की घोषणा से समाप्त नहीं होगा — छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, छात्र न्याय सत्याग्रह जारी रहेगा।