पटना में छात्र आंदोलन: TRE-4 निगेटिव मार्किंग के खिलाफ लोकभवन मार्च, पुलिस से टकराव
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजधानी पटना में 25 अगस्त 2026 को विभिन्न छात्र संगठनों का आंदोलन उग्र रूप ले लिया, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र लोकभवन मार्च के लिए सड़कों पर उतर आए और पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 में निगेटिव मार्किंग समाप्त करने की माँग को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया जब सोमवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही।
मुख्य घटनाक्रम
डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और आयकर गोलंबर सहित लोकभवन जाने वाले प्रमुख मार्गों पर प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया। डाकबंगला चौराहे पर भारी लोहे की चादरों से विशेष बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार इन बैरिकेड्स के पास जुटते रहे और लोकभवन की ओर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने वाटर कैनन और वज्र वाहन की टीम को भी मौके पर तैयार रखा। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों की मांगें
छात्र संगठनों की प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं — TRE-4 में निगेटिव मार्किंग समाप्त करना और परीक्षा एकल चरण में कराना। इसके अलावा छात्र BSSC इंटर स्तरीय परीक्षा की तिथि घोषित करने, 70वीं BPSC परीक्षा का पेपर रद्द करने और दारोगा भर्ती की जाँच कराने की भी माँग कर रहे हैं। छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास घेराव की घोषणा पहले ही कर रखी थी।
सरकार की प्रतिक्रिया
सोमवार को सरकार के निर्देश पर शिक्षा सचिव, पटना के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ दो से तीन घंटे तक वार्ता की। कई मुद्दों पर सहमति बनी, परंतु TRE-4 की निगेटिव मार्किंग हटाने और एकल परीक्षा कराने जैसी प्रमुख माँगों पर दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। वार्ता विफल होने के बाद छात्रों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया।
आम जनता पर असर
पटना के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर बड़े पैमाने पर पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग के कारण आम नागरिकों को यातायात में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि यह आंदोलन ऐसे समय में तेज हुआ है जब बिहार में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से ही छात्रों में असंतोष व्याप्त है।
क्या होगा आगे
पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। छात्र संगठनों की ओर से आंदोलन जारी रखने के संकेत मिल रहे हैं। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच अगले दौर की वार्ता की संभावना पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।