4 अगस्त 2026
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पटना में छात्रों का सीएम आवास मार्च: बैरिकेड तोड़ने पर वाटर कैनन, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

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पटना में छात्रों का सीएम आवास मार्च: बैरिकेड तोड़ने पर वाटर कैनन, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

सारांश

पटना में हज़ारों छात्रों ने पेपर लीक और रोज़गार की माँग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया। बैरिकेड तोड़ने की कोशिश पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाई और कई को हिरासत में लिया। छात्र संगठनों ने माँगें न मानने पर आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

4 अगस्त 2026 को पटना में हज़ारों छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला।
एनएसयूआई समेत कई छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से जेपी गोलंबर से मार्च का आह्वान किया।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया; कई प्रदर्शनकारी हिरासत में।
माँगों में पेपर लीक की निष्पक्ष जाँच, भर्ती अनियमितताओं पर रोक, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और रोज़गार सुधार शामिल।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और सांसद पप्पू यादव ने प्रदर्शन को समर्थन दिया।
छात्र संगठनों ने माँगें न मानने पर आंदोलन और व्यापक बनाने की चेतावनी दी।

बिहार की राजधानी पटना में 4 अगस्त 2026 को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, रोज़गार और शिक्षा सुधार की माँगों को लेकर हज़ारों छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला, जो उस समय उग्र हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) समेत कई छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर हज़ारों छात्र जेपी गोलंबर से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियाँ लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए आगे बढ़े।

पुलिस ने पहले से ही जेपी गोलंबर, आयकर गोलंबर और डाकबंगला चौराहे सहित कई स्थानों पर बैरिकेडिंग तैनात कर रखी थी। जैसे ही छात्रों ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और वाटर कैनन से पानी की तेज़ बौछार की गई।

प्रदर्शनकारियों की माँगें

छात्र संगठनों ने कई अहम माँगें रखी हैं। इनमें भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर रोक, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जाँच, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए पर्याप्त रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराना शामिल हैं।

इसके अलावा सीवान में हालिया छात्र आंदोलन के दौरान घायल छात्र को मुआवज़ा, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी माँग की गई। जेपी गोलंबर से डाकबंगला चौराहे तक यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।

राजनीतिक समर्थन

प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिला। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे और छात्रों की माँगों का समर्थन किया। वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी छात्र आंदोलन के समर्थन में पेपर लीक और रोज़गार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

गांधी मैदान थाना क्षेत्र समेत मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। मौके पर वाटर कैनन और अन्य सुरक्षा संसाधन पहले से तैयार रखे गए थे।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने या बैरिकेडिंग तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन ने बताया कि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

आगे क्या होगा

छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है और सीवान में भी हाल ही में इसी तरह का आंदोलन हो चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पेपर लीक और रोज़गार के खोखले वादों ने युवाओं को बार-बार सड़कों पर उतारा है। सवाल यह है कि क्या सरकार इसे महज़ कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर वाटर कैनन से सुलझाएगी, या माँगों की जड़ में जाकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगी। राजनीतिक दलों का मंच पर आना स्वाभाविक है, लेकिन असली जवाबदेही परीक्षा तंत्र में सुधार से ही तय होगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में छात्रों ने 4 अगस्त को मार्च क्यों निकाला?
छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जाँच, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने, शिक्षा सुधार और रोज़गार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की माँग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। सीवान में घायल छात्र को मुआवज़े और गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की माँग भी शामिल थी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल क्यों किया?
जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने जेपी गोलंबर, आयकर गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर लगाई गई पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया गया।
पटना छात्र प्रदर्शन में किन संगठनों ने भाग लिया?
पटना विश्वविद्यालय से जुड़े एनएसयूआई (राष्ट्रीय छात्र संगठन) समेत कई छात्र संगठनों ने मिलकर इस मार्च का आह्वान किया। प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिला — बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और सांसद पप्पू यादव प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे।
क्या पटना छात्र आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?
छात्र संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। यह बिहार में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे व्यापक असंतोष का हिस्सा है, जो सीवान जैसे अन्य ज़िलों में भी उभर चुका है।
पटना में प्रदर्शन के दौरान कितने छात्रों को हिरासत में लिया गया?
प्रशासन ने बताया कि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, हालाँकि सटीक संख्या का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
राष्ट्र प्रेस
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