बीपीएससी अनियमितताओं के खिलाफ पटना में प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़ने पर कई कार्यकर्ता हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में शनिवार, 29 अगस्त को राजधानी पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च निकाला। जेपी गोलंबर के पास पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई हुई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए लोक भवन की ओर बढ़ रहे थे। जिला प्रशासन ने पहले से ही गांधी मैदान से जेपी गोलंबर और लोक भवन तक के प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग की थी। बताया गया कि मौके पर प्रदर्शनकारियों की तुलना में पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक थी।
जेपी गोलंबर के निकट जब पुलिस ने मार्च को रोका, तो कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने और उन पर चढ़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों की माँगें
कार्यकर्ताओं ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा की न्यायिक जाँच और बीपीएससी अध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। इसके अलावा बिहार की सभी भर्तियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने और बीएसएससी प्लस-टू संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा सहित सभी लंबित परीक्षाओं को जल्द पूरा कराने की भी माँग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कथित अनियमितताओं के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनके साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।
व्यापक सामाजिक माँगें
परीक्षा विवाद से परे, प्रदर्शनकारियों ने अति पिछड़ा, दलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अत्याचार, शोषण, बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की माँग भी रखी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए ऑनलाइन प्राथमिकी की व्यवस्था तथा अत्याचार निवारण कानून को और प्रभावी बनाने की माँग भी की गई।
प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया
हिरासत में लिए जाने के बाद एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'यह प्रशासन की दमनकारी नीति है कि हम लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। हम अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।' कार्यकर्ताओं ने 'जय भीम' के नारे लगाते हुए कहा कि वे अपनी माँगें पूरी होने तक धरने पर डटे रहेंगे।
आगे की स्थिति
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब बीपीएससी परीक्षा विवाद पिछले कई महीनों से बिहार में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। गौरतलब है कि बीपीएससी की 70वीं परीक्षा को लेकर पहले भी विरोध-प्रदर्शन हो चुके हैं। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की स्थिति और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।