29 अगस्त 2026
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बीपीएससी अनियमितताओं के खिलाफ पटना में प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़ने पर कई कार्यकर्ता हिरासत में

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बीपीएससी अनियमितताओं के खिलाफ पटना में प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़ने पर कई कार्यकर्ता हिरासत में

सारांश

बीपीएससी परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ पटना में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी का राजभवन मार्च उस वक्त हिंसक हो उठा जब प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की — पुलिस से हाथापाई के बाद कई कार्यकर्ता हिरासत में, माँगें बरकरार।

मुख्य बातें

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने 29 अगस्त को पटना में बीपीएससी अनियमितताओं के खिलाफ राजभवन मार्च निकाला।
जेपी गोलंबर पर पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाथापाई हुई, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।
प्रमुख माँगों में बीपीएससी 70वीं परीक्षा की न्यायिक जाँच, बीपीएससी अध्यक्ष पर कार्रवाई और बिहार भर्तियों में 85% डोमिसाइल नीति शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने दलित, अति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई और SC/ST के लिए ऑनलाइन एफआईआर की माँग भी रखी।
कार्यकर्ताओं ने माँगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की घोषणा की।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में शनिवार, 29 अगस्त को राजधानी पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च निकाला। जेपी गोलंबर के पास पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई हुई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए लोक भवन की ओर बढ़ रहे थे। जिला प्रशासन ने पहले से ही गांधी मैदान से जेपी गोलंबर और लोक भवन तक के प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग की थी। बताया गया कि मौके पर प्रदर्शनकारियों की तुलना में पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक थी।

जेपी गोलंबर के निकट जब पुलिस ने मार्च को रोका, तो कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने और उन पर चढ़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शनकारियों की माँगें

कार्यकर्ताओं ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा की न्यायिक जाँच और बीपीएससी अध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। इसके अलावा बिहार की सभी भर्तियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने और बीएसएससी प्लस-टू संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा सहित सभी लंबित परीक्षाओं को जल्द पूरा कराने की भी माँग उठाई गई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कथित अनियमितताओं के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनके साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।

व्यापक सामाजिक माँगें

परीक्षा विवाद से परे, प्रदर्शनकारियों ने अति पिछड़ा, दलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अत्याचार, शोषण, बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की माँग भी रखी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए ऑनलाइन प्राथमिकी की व्यवस्था तथा अत्याचार निवारण कानून को और प्रभावी बनाने की माँग भी की गई।

प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया

हिरासत में लिए जाने के बाद एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'यह प्रशासन की दमनकारी नीति है कि हम लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। हम अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।' कार्यकर्ताओं ने 'जय भीम' के नारे लगाते हुए कहा कि वे अपनी माँगें पूरी होने तक धरने पर डटे रहेंगे।

आगे की स्थिति

यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब बीपीएससी परीक्षा विवाद पिछले कई महीनों से बिहार में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। गौरतलब है कि बीपीएससी की 70वीं परीक्षा को लेकर पहले भी विरोध-प्रदर्शन हो चुके हैं। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की स्थिति और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये प्रदर्शन और तेज़ होने की आशंका है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में बीपीएससी के खिलाफ प्रदर्शन क्यों हुआ?
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में यह प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन कथित गड़बड़ियों से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारियों ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा की न्यायिक जाँच, बीपीएससी अध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बिहार की सभी भर्तियों में 85% डोमिसाइल नीति और बीएसएससी सहित सभी लंबित परीक्षाओं को जल्द पूरा कराने की माँग की है। SC/ST के लिए ऑनलाइन एफआईआर और अत्याचार निवारण कानून को मजबूत करने की माँग भी उठाई गई।
29 अगस्त को पटना में क्या हुआ?
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से राजभवन मार्च शुरू किया। जेपी गोलंबर पर पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाथापाई हुई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
बीपीएससी 70वीं परीक्षा विवाद क्या है?
बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर उम्मीदवार और सामाजिक संगठन लंबे समय से न्यायिक जाँच की माँग कर रहे हैं। यह विवाद बिहार में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं का क्या होगा?
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की संख्या और उनके खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के बारे में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कार्यकर्ताओं ने माँगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस
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