25 अगस्त 2026
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पटना में टीआरई-4 एकल परीक्षा की मांग पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, वाटर कैनन और हिरासत

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पटना में टीआरई-4 एकल परीक्षा की मांग पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, वाटर कैनन और हिरासत

सारांश

पटना में टीआरई-4 एकल परीक्षा की मांग को लेकर छात्रों का मार्च गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक पहुँचा। पुलिस ने वाटर कैनन और हल्के बल प्रयोग से भीड़ को तितर-बितर किया, कई छात्र हिरासत में। छात्रों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से तत्काल निर्णय की माँग करते हुए आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

25 अगस्त 2026 को पटना में टीआरई-4 एकल परीक्षा की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया।
छात्रों का मार्च गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक पहुँचा; पुलिस ने वाटर कैनन और हल्के बल का प्रयोग किया।
कई प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिया गया; जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के.
शर्मा मौके पर पहुँचे।
छात्रों की मांगों में टीआरई-4 एकल परीक्षा, परीक्षाओं में देरी पर जवाबदेही और कथित पेपर लीक की जाँच शामिल है।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से तत्काल निर्णय की अपील की और आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी।

बिहार की राजधानी पटना में 25 अगस्त 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 की एकल परीक्षा कराने समेत अन्य मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। गांधी मैदान से शुरू हुआ छात्रों का मार्च डाकबंगला चौराहे तक पहुँचा, जहाँ पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया।

मुख्य घटनाक्रम

गांधी मैदान से निकला छात्रों का जुलूस जब डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ा, तो पुलिस ने पहले से ही बड़ी संख्या में बल तैनात कर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने इन सुरक्षा घेरों को पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद हल्के बल प्रयोग से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा गया और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।

प्रदर्शन के दौरान कई छात्र तिरंगा लेकर सड़क पर नारे लगाते और नृत्य करते नज़र आए। वाटर कैनन की बौछार के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मौके पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाज़ी जारी रखी।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थिति का जायज़ा लेने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा स्वयं डाकबंगला चौराहे पहुँचे। दोनों अधिकारियों ने पुलिस बल से स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ के नहीं हटने पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।

छात्रों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग टीआरई-4 की एकल परीक्षा कराने से जुड़ी है। इसके अलावा छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार देरी, परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और कथित पेपर लीक की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने की माँग की। छात्रों ने कहा कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) का नोटिफिकेशन वर्षों पहले जारी होने के बावजूद परीक्षा नहीं हो सकी।

प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी समय पर काम करती है, लेकिन छात्रों की परीक्षाओं के मामले में लगातार देरी और अव्यवस्था देखने को मिलती है। छात्रों ने कहा कि वे अपना अधिकार माँग रहे हैं और उनका प्रतिनिधिमंडल सरकार तक अपनी बात पहुँचाना चाहता है।

आम जनता पर असर

मंगलवार को पटना की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन के कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित रहा और पुलिस-प्रशासन को स्थिति सँभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र असंतोष लंबे समय से सुलग रहा है।

क्या होगा आगे

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तीव्र किया जाएगा। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और सरकार की प्रतिक्रिया पर अब सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कथित पेपर लीक और जवाबदेही के अभाव का विस्फोट है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BPSC या BSSC से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर छात्र सड़क पर उतरे हों — हर बार आश्वासन मिला, लेकिन ढाँचागत सुधार नहीं। वाटर कैनन और हिरासत से तात्कालिक भीड़ तो तितर-बितर हो जाती है, पर असंतोष की जड़ें और गहरी होती हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या सरकार केवल कानून-व्यवस्था की भाषा में जवाब देगी, या परीक्षा सुधार की ठोस समयसीमा सामने रखेगी।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीआरई-4 एकल परीक्षा क्या है और छात्र इसकी मांग क्यों कर रहे हैं?
टीआरई-4 बिहार की शिक्षक भर्ती परीक्षा का चौथा चरण है। छात्र माँग कर रहे हैं कि इसे एकल (एक ही) परीक्षा के रूप में आयोजित किया जाए, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता आए और देरी समाप्त हो।
25 अगस्त को पटना में क्या हुआ?
25 अगस्त 2026 को छात्रों ने गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहे तक मार्च किया। पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करने पर वाटर कैनन और हल्के बल का प्रयोग हुआ और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों की अन्य मांगें क्या हैं?
टीआरई-4 एकल परीक्षा के अलावा छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी समाप्त करने, कथित पेपर लीक की जाँच और BSSC अधिसूचना के बावजूद वर्षों से लंबित परीक्षाओं पर जवाबदेही तय करने की माँग कर रहे हैं।
प्रशासन ने प्रदर्शन पर क्या कदम उठाए?
जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा डाकबंगला चौराहे पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया। प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ नहीं हटने पर वाटर कैनन और हल्के बल का सहारा लिया गया।
आगे क्या होने की संभावना है?
छात्रों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से तत्काल निर्णय की अपील की है और चेतावनी दी है कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग की प्रतिक्रिया अब निर्णायक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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