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ट्रंप का ईरान के खिलाफ 'आर्थिक युद्ध': वैश्विक नेताओं को फोन कर संबंध तोड़ने का आग्रह

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ट्रंप का ईरान के खिलाफ 'आर्थिक युद्ध': वैश्विक नेताओं को फोन कर संबंध तोड़ने का आग्रह

सारांश

ट्रंप का ईरान के खिलाफ 'आर्थिक युद्ध' अब सिर्फ प्रतिबंधों तक सीमित नहीं — वे खुद फोन उठाकर दुनियाभर के नेताओं से तेहरान से नाता तोड़ने को कह रहे हैं। ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट ने इस बहुपक्षीय दबाव अभियान का खुलासा किया, जिसमें समय-सीमा और परिणामों की चेतावनी भी शामिल है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्यक्तिगत रूप से वैश्विक नेताओं को फोन कर ईरान से संबंध तोड़ने का आग्रह कर रहे हैं।
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने लक्ष्य स्पष्ट किया — तेहरान की हर आर्थिक जीवनरेखा काटकर उसे पूरी तरह अलग-थलग करना।
किन देशों को फोन किए गए, यह जानकारी देने से बेसेंट ने इनकार किया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय ट्रंप की बातचीत के बाद अनुवर्ती संपर्क कर रहे हैं।
देशों को स्पष्ट समय-सीमा दी गई है; समय पर प्रतिक्रिया न देने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने 25 अगस्त 2026 को खुलासा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे 'आर्थिक युद्ध' के तहत दुनियाभर के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से फोन पर संपर्क कर रहे हैं और उनसे तेहरान के साथ हर प्रकार के संबंध और संपर्क समाप्त करने का अनुरोध कर रहे हैं। बेसेंट के अनुसार, अमेरिका का स्पष्ट लक्ष्य ईरानी शासन को आर्थिक रूप से पूरी तरह अलग-थलग करना है।

अमेरिका की रणनीति क्या है

बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन की रणनीति ईरान की हर आर्थिक जीवनरेखा को काटने पर केंद्रित है। उनके शब्दों में, 'हमारा लक्ष्य इस दमनकारी शासन को सहारा देने वाली हर आर्थिक जीवनरेखा को काट देना है, जब तक कि तेहरान पूरी तरह अकेला न पड़ जाए।' यह बयान स्पष्ट करता है कि अमेरिका केवल प्रतिबंधों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि कूटनीतिक दबाव के ज़रिये अन्य देशों को भी इस अभियान में शामिल करना चाहता है।

किन देशों को किए गए फोन

बेसेंट ने उन देशों या नेताओं के नाम बताने से स्पष्ट रूप से इनकार किया, जिन्हें ट्रंप ने फोन किए हैं। उन्होंने कहा, 'हम किसी का नाम नहीं बताएंगे। हमने पहले ही इसके कुछ नतीजे देखे हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि राष्ट्रपति लोगों को अपनी बात समझाने में काफी प्रभावशाली हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव चरम पर है।

विदेश और वित्त मंत्रालय की भूमिका

बेसेंट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप की इन व्यक्तिगत बातचीतों के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय और अमेरिकी वित्त मंत्रालय संबंधित देशों से अनुवर्ती संपर्क कर रहे हैं। मुलाकातों और फोन कॉल के ज़रिये यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो देश अभी तक ईरान से व्यापारिक या कूटनीतिक संबंध बनाए हुए हैं, वे अमेरिकी अपेक्षाओं को समझें।

देशों को दी गई समय-सीमा और चेतावनी

बेसेंट ने कहा कि अमेरिका संबंधित देशों, उनके नेताओं और संस्थाओं को स्पष्ट रूप से बता रहा है कि उनसे क्या अपेक्षाएँ हैं और इन्हें पूरा करने की समय-सीमा क्या है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश समय पर प्रतिक्रिया नहीं देंगे, उन्हें 'बहुत जल्द अपने फैसलों के परिणाम देखने पड़ेंगे।' गौरतलब है कि अमेरिका पहले भी ईरान पर कई दौर के प्रतिबंध लगा चुका है, और यह अभियान उससे कहीं अधिक व्यापक और बहुपक्षीय दबाव की रणनीति प्रतीत होती है।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि प्रमुख व्यापारिक साझेदार देश अमेरिकी दबाव में ईरान से संबंध तोड़ते हैं, तो तेहरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। हालाँकि, यह भी देखना होगा कि चीन और रूस जैसे देश, जो ईरान के प्रमुख आर्थिक साझेदार हैं, इस अमेरिकी दबाव के प्रति किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा वहाँ होगी जहाँ अमेरिकी दबाव और ईरान के बड़े व्यापारिक साझेदारों — खासकर चीन और रूस — के हित टकराएँगे। बेसेंट ने किसी देश का नाम न बताकर यह भी संकेत दिया कि अब तक के 'नतीजे' संभवतः छोटे या मध्यम देशों से जुड़े हैं। समय-सीमा और परिणाम की भाषा नई नहीं है — 2018 में भी ईरान पर 'अधिकतम दबाव' की यही रणनीति अपनाई गई थी, जिसके बावजूद तेहरान ने परमाणु कार्यक्रम जारी रखा। बिना बहुपक्षीय सहमति के, यह अभियान एकतरफा दबाव की उसी सीमा को दोहरा सकता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ईरान के खिलाफ 'आर्थिक युद्ध' में क्या कर रहे हैं?
राष्ट्रपति ट्रंप व्यक्तिगत रूप से दुनियाभर के नेताओं को फोन कर ईरान के साथ सभी संबंध और संपर्क समाप्त करने का अनुरोध कर रहे हैं। इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय भी अनुवर्ती कार्रवाई कर रहे हैं।
स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर क्या बयान दिया?
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरानी शासन को सहारा देने वाली हर आर्थिक जीवनरेखा काटकर तेहरान को पूरी तरह अलग-थलग करना है। उन्होंने यह भी कहा कि देशों को स्पष्ट समय-सीमा दी गई है और प्रतिक्रिया न देने पर परिणाम भुगतने होंगे।
किन देशों को ट्रंप ने फोन किए हैं?
बेसेंट ने किसी भी देश या नेता का नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि इन बातचीतों के कुछ नतीजे पहले ही सामने आ चुके हैं।
अमेरिका की ईरान को अलग-थलग करने की रणनीति क्या है?
अमेरिका तीन स्तरों पर काम कर रहा है — राष्ट्रपति ट्रंप की सीधी कूटनीतिक फोन कॉल, विदेश मंत्रालय की अनुवर्ती बैठकें और वित्त मंत्रालय के ज़रिये आर्थिक दबाव। लक्ष्य है कि ईरान के सभी प्रमुख व्यापारिक और कूटनीतिक साझेदार उससे दूरी बना लें।
ईरान पर अमेरिकी दबाव का असर क्या हो सकता है?
यदि प्रमुख देश अमेरिकी दबाव में ईरान से संबंध तोड़ते हैं, तो तेहरान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। हालाँकि, चीन और रूस जैसे देशों की प्रतिक्रिया इस अभियान की सफलता तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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