जो केंट का ट्रंप को सुझाव: अमेरिका ही नहीं, ईरान के खिलाफ कार्रवाई खतरनाक हो सकती है
सारांश
Key Takeaways
- जो केंट ने ट्रंप की धमकियों को अनावश्यक बताया।
- अमेरिका की छवि को बचाने के लिए गंभीर संवाद की आवश्यकता है।
- ईरान के खिलाफ कार्रवाई अमेरिका के लिए खतरनाक सिद्ध हो सकती है।
वाशिंगटन, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'जमीर को गवारा नहीं' कहकर शीर्ष पद से इस्तीफा देने वाले जो केंट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को अनावश्यक और तुच्छ बताया है। उन्होंने ट्रंप को बेवजह गुस्से से बचने और गंभीर संवाद करने की सलाह दी।
मंगलवार को ट्रंप के एक बड़े बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रकार के कदम अमेरिका की वैश्विक छवि और उसकी महाशक्ति की स्थिति को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
जो केंट वही हैं जिन्होंने 17 मार्च को नेशनल काउंटर-टेररिज्म सेंटर के निदेशक पद से ईरान संघर्ष को गलत ठहराते हुए इस्तीफा दिया था।
अपने विश्लेषणात्मक टिप्पणी में, जो ने ट्रंप को चेतावनी दी है। उनके अनुसार, ट्रंप भले ही ईरान को कड़ी चेतावनी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम अमेरिका के लिए खतरा बन सकते हैं। इसमें आशंका जताई गई है कि यदि ईरान के खिलाफ किसी प्रकार की व्यापक सैन्य कार्रवाई या उसकी सभ्यता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका की वैश्विक भूमिका पर सवाल खड़े हो सकते हैं और उसका इकबाल बुलंद नहीं रहेगा।
उन्होंने एक्स पर ट्रंप की पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ट्रंप को लगता है कि वह ईरान को बर्बादी की धमकी दे रहे हैं, लेकिन सच ये है कि अमेरिका खतरे में है। अगर वह ईरानी सभ्यता को खत्म करने की कोशिश करते हैं, तो अमेरिका को दुनिया में स्थिरता लाने वाली ताकत के तौर पर नहीं, बल्कि अव्यवस्था फैलाने वाले एजेंट के तौर पर देखा जाएगा। नतीजतन दुनिया की सबसे बड़ी सुपरपावर के तौर पर हमारा दर्जा खत्म हो जाएगा।
केंट ने ये भी कहा कि इससे विश्व व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और आर्थिक मोर्चे पर भी गंभीर असर देखने को मिल सकता है।
पूर्व शीर्ष अधिकारी के अनुसार, प्रक्रिया पहले से ही चल रही है, फिर भी हमारे पास तबाही को टालने का समय है, "अगर ट्रंप बेवजह गुस्से और तबाही के बजाय गंभीर बातचीत करने की हिम्मत दिखाते हैं।"