जापान मई से 20 दिनों का अतिरिक्त तेल भंडार जारी करने जा रहा है
सारांश
Key Takeaways
- जापान मई से 20 दिनों का अतिरिक्त तेल भंडार जारी करेगा।
- मध्य पूर्व में चल रही स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
- जापान का तेल आयात मुख्यतः मध्य-पूर्व पर निर्भर है।
- संघर्ष-विराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरना अनिश्चित है।
- जापान वैकल्पिक तेल स्रोतों की तलाश कर रहा है।
टोक्यो, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने शुक्रवार को बताया कि उनकी सरकार मई से 20 दिनों का अतिरिक्त तेल भंडार बाजार में उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। यह निर्णय मार्च के मध्य से जारी प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है।
उन्होंने यह जानकारी एक मंत्रिस्तरीय बैठक में साझा की, जिसमें मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा हुई। बैठक में इस बात की चिंता जताई गई कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का सुरक्षित गुजरना अभी भी संदेहास्पद है।
जापान सरकार ने 16 मार्च से लगभग 50 दिनों के तेल भंडार को बाजार में जारी करना शुरू किया था, ताकि आपूर्ति सुनिश्चित रहे। फरवरी के अंत में मध्य पूर्व में शुरू हुए संघर्ष के कारण तेल परिवहन के इस महत्वपूर्ण मार्ग में बाधा उत्पन्न हो गई थी।
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ है, लेकिन अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज पहले की तरह आसानी से गुजर सकेंगे या नहीं। ताकाइची ने कहा कि कच्चे तेल की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मई तक, जापान अपने तेल आयात का आधे से अधिक हिस्सा ऐसे मार्गों से प्राप्त करने में सक्षम हो जाएगा, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य शामिल नहीं है। हालांकि, उन्होंने इन वैकल्पिक स्रोतों के नाम साझा नहीं किए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, जापान अपने कच्चे तेल के आयात का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मध्य-पूर्व पर निर्भर है, और यह तेल का अधिकांश भाग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
इससे पहले, 8 अप्रैल को, जापान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के संघर्ष-विराम समझौते पर सहमति बनने के बाद, सनाए ताकाइची ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बातचीत की थी। उन्होंने ईरान से आग्रह किया कि वह सभी देशों के जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में जल्द से जल्द सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करे।
करीब 25 मिनट चली इस बातचीत में ताकाइची ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और दोनों देशों ने आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।