23 जुलाई 2026
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अमेरिका के ईरान पर नए हवाई हमले, तेहरान ने पश्चिम एशिया से तेल निर्यात रोकने की चेतावनी दी

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अमेरिका के ईरान पर नए हवाई हमले, तेहरान ने पश्चिम एशिया से तेल निर्यात रोकने की चेतावनी दी

सारांश

अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले किए और राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी उकसावे पर तेहरान के बुनियादी ढाँचे को तबाह करने की खुली चेतावनी दी। जवाब में ईरान ने पूरे पश्चिम एशिया से तेल निर्यात रोकने की धमकी दी — एक कदम जो वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को हिला सकता है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेना ने 23 जुलाई 2026 को ईरान के सैन्य ठिकानों पर बुधवार शाम 5:30 बजे नए हवाई हमले शुरू किए।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी हमले पर तेहरान के पुल या पावर प्लांट तबाह किए जाएँगे।
ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने पश्चिम एशिया से सभी तेल निर्यात रोकने और क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने की धमकी दी।
मंगलवार रात के हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन के एक शहर पर मिसाइल दागी; बहरीन और सऊदी अरब में सतर्कता जारी।
वाशिंगटन पोस्ट-इप्सोस सर्वेक्षण के अनुसार 68% अमेरिकी ईरान के साथ युद्ध को अनुचित मानते हैं।

अमेरिकी सेना ने 23 जुलाई 2026 को ईरान के सैन्य ठिकानों पर बुधवार शाम करीब 5:30 बजे IST नए हवाई हमले शुरू किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह अभियान ईरान की उस क्षमता को कमज़ोर करता रहेगा जिससे वह आम नाविकों और क्षेत्रीय जलमार्गों में चलने वाले वाणिज्यिक जहाज़ों को धमकाता है।

ट्रंप की खुली चेतावनी

इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी जहाज़ पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला किया, तो अमेरिका बमबारी कर एक पुल या पावर प्लांट को नष्ट कर देगा — जिसमें राजधानी तेहरान के निकट या उसके भीतर स्थित संयंत्र भी शामिल हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है और क्षेत्रीय देश सतर्क हो गए हैं।

ईरान की जवाबी धमकी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के मुख्य सैन्य मुख्यालय खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरानी बुनियादी ढाँचे पर हमला करता है, तो ईरान पश्चिम एशिया से सभी तेल निर्यात बंद कर देगा और पूरे क्षेत्र में तेल, गैस, बिजली तथा आर्थिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाएगा। ईरान ने कहा कि अमेरिका की लगातार धमकियाँ इस संघर्ष को क्षेत्र और उससे परे तक विस्तार देने का कारण बनेंगी।

मंगलवार रात के हमले और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

मंगलवार देर रात भी अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमलों की एक और श्रृंखला चलाई, जिसके बाद तेहरान के आसमान में ईरानी वायु रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय हो गईं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इज़रायल सीमा के निकट जॉर्डन के एक शहर पर मिसाइल हमला किया, जिसके बाद बहरीन और सऊदी अरब में भी सतर्कता की चेतावनियाँ जारी की गईं। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम क्षेत्रीय तनाव के एक नए और खतरनाक दौर का संकेत देता है।

अमेरिकी जनमत

पिछले सप्ताह जारी द वाशिंगटन पोस्ट-इप्सोस के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 68 प्रतिशत अमेरिकी वयस्क मानते हैं कि ईरान के साथ युद्ध लड़ना उचित नहीं है, जबकि केवल 28 प्रतिशत ने इसे सही ठहराया। यह आँकड़ा दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन की आक्रामक नीति घरेलू समर्थन के बिना आगे बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

होर्मुज़ स्ट्रेट, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, पर किसी भी नाकेबंदी का वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल और गंभीर असर पड़ सकता है। भारत समेत कई एशियाई देश इस जलमार्ग पर अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए निर्भर हैं, और स्थिति के और बिगड़ने पर तेल की कीमतों में उछाल की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत गंभीर सवाल खड़े करता है। ईरान की तेल निर्यात रोकने की धमकी महज़ बयानबाज़ी नहीं है — होर्मुज़ से गुजरने वाले वैश्विक तेल का पाँचवाँ हिस्सा भारत जैसे देशों की ऊर्जा सुरक्षा को सीधे प्रभावित करता है। 68 प्रतिशत अमेरिकी जनता के विरोध के बावजूद जारी यह आक्रामकता दर्शाती है कि प्रशासन घरेलू राय से कटा हुआ है। असली खतरा यह है कि जॉर्डन और खाड़ी देशों तक फैलती यह लड़ाई एक ऐसे क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो सकती है जिसे नियंत्रित करना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर ये हवाई हमले क्यों किए?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमले ईरान की उस क्षमता को कमज़ोर करने के लिए किए गए जिससे वह क्षेत्रीय जलमार्गों में नाविकों और वाणिज्यिक जहाज़ों को धमकाता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी उकसावे का जवाब ईरानी बुनियादी ढाँचे पर हमले से दिया जाएगा।
ईरान ने तेल निर्यात रोकने की धमकी क्यों दी?
ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा कि यदि अमेरिका ईरानी बुनियादी ढाँचे पर हमला करता है, तो ईरान पश्चिम एशिया से सभी तेल निर्यात रोक देगा और क्षेत्रीय ऊर्जा तथा आर्थिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाएगा। यह धमकी अमेरिकी हमलों के सीधे जवाब में आई है।
होर्मुज़ स्ट्रेट पर नाकेबंदी से भारत पर क्या असर पड़ेगा?
होर्मुज़ स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है और भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए इस जलमार्ग पर बड़े पैमाने पर निर्भर है। किसी भी नाकेबंदी से भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है और पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में तेज़ उछाल आ सकता है।
क्या अमेरिकी जनता इस युद्ध के पक्ष में है?
नहीं। वाशिंगटन पोस्ट-इप्सोस के पिछले सप्ताह जारी सर्वेक्षण के अनुसार, 68 प्रतिशत अमेरिकी वयस्क ईरान के साथ युद्ध को अनुचित मानते हैं, जबकि केवल 28 प्रतिशत ने इसे सही ठहराया। यह आँकड़ा ट्रंप प्रशासन की नीति और घरेलू जनमत के बीच गहरी खाई दर्शाता है।
क्षेत्र के अन्य देशों पर इस संघर्ष का क्या असर हो रहा है?
मंगलवार रात के अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने इज़रायल सीमा के निकट जॉर्डन के एक शहर पर मिसाइल दागी। इसके बाद बहरीन और सऊदी अरब में भी सतर्कता की चेतावनियाँ जारी की गईं, जो संकेत देती हैं कि यह संघर्ष तेज़ी से पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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