ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों और खार्ग द्वीप को नष्ट करने की दी चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को नष्ट करने की धमकी दी है।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
- ट्रंप की ईरान के तेल पर रुचि है।
वाशिंगटन, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फिर से ईरान को विनाश की धमकी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तुरंत नहीं खोला गया और कोई समझौता नहीं हुआ, तो उसके ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर दिया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ट्रंप ने अपनी बात दोहराई। उन्होंने बातचीत की प्रगति की प्रशंसा की और फिर कहा कि पावर प्लांट, ऑयल वेल (तेल के कुंए) और खार्ग द्वीप को पूरी तरह से उड़ा दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर डीसेलिनेशन प्लांट्स (खारे पानी को मीठा करने वाला संयंत्र) को भी निशाना बनाया जा सकता है।
उन्होंने ईरान में बातचीत की प्रगति का उल्लेख करते हुए दावा किया, "बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन यदि किसी कारणवश जल्द ही कोई डील नहीं होती, और अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत 'बिजनेस के लिए खुला' नहीं होता, तो हम ईरान के अपने प्यारे 'स्टे' (बसेरे) को उनके सभी इलेक्ट्रिक जेनरेटिंग प्लांट, तेल के कुएं और खार्ग द्वीप को (और शायद सभी डीसैलिनाइजेशन प्लांट्स!) उड़ाकर पूरी तरह खत्म कर देंगे, जिन्हें हमने जानबूझकर अभी तक "छुआ" नहीं है।"
ट्रंप ने फिर से कहा कि यह कदम अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला लेने के लिए उठाया जाएगा, "जिसके लिए ईरान जिम्मेदार है।"
इससे पहले सोमवार को, ट्रंप का फाइनेंशियल टाइम्स को दिया गया इंटरव्यू चर्चा में रहा। इस इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि उन्हें ईरान के तेल में दिलचस्पी है। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना है।" उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की, जहां वाशिंगटन जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद कथित तौर पर तेल उद्योग पर लंबे समय तक नियंत्रण रखना चाहता है।
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का तेल लेना खार्ग द्वीप पर कब्जा करने का मतलब होगा, जिसके जरिए ईरान के 90 प्रतिशत से ज्यादा तेल का निर्यात होता है।