ट्रंप का दावा: ईरान 'पूरी तरह ढहने की कगार' पर, होर्मुज खोलने की लगाई गुहार
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप ने 28 अप्रैल 2026 को दावा किया कि ईरान "पूरी तरह ढहने की कगार" पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की गुहार लगा रहा है।
- ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अमेरिका ईरान में किस पक्ष से बातचीत कर रहा है।
- न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार कुछ ईरानी अधिकारी होर्मुज खोलने पर विचार के बदले स्थायी युद्धविराम और नाकेबंदी समाप्त करने की माँग कर रहे हैं।
- ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाएई-निक ने कहा कि ईरान ट्रंप का दबाव नहीं सहेगा।
- ट्रंप दो दिन पहले ही तीन दिन में होर्मुज नियंत्रण न हटाने पर पाइपलाइन फटने की चेतावनी दे चुके थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को दावा किया कि ईरान "पूरी तरह ढहने की कगार" पर है और उसने अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द खोलने की अपील की है। ट्रंप ने यह दावा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए किया, हालाँकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका ईरान में किस पक्ष से बातचीत कर रहा है।
ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ने अभी-अभी अमेरिका को सूचित किया है कि वह "पूरी तरह से ढहने की कगार" पर है और चाहता है कि अमेरिका "होर्मुज जलडमरूमध्य को जितनी जल्दी हो सके खोल दे", ताकि वह अपनी "नेतृत्व से जुड़ी उलझन को सुलझा सके।" ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान यह कर पाएगा। गौरतलब है कि यह दावा ऐसे समय में आया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई घायल बताए जा रहे हैं और उनकी स्थिति को लेकर खुद अमेरिकी सरकार कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट
अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कुछ ईरानी अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर विचार करने को तैयार हैं। हालाँकि इसके बदले में वे युद्ध पर स्थायी विराम और अमेरिकी नाकेबंदी समाप्त करने की माँग कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने मंगलवार को ट्रंप के दावों को सिरे से नकारते हुए कड़ा जवाब दिया। ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाएई-निक ने सरकारी टेलीविज़न पर कहा कि अमेरिका उस स्थिति में नहीं है कि वह दूसरे देशों को यह बताए कि उन्हें क्या करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान ट्रंप का दबाव सहन नहीं करेगा।
पृष्ठभूमि: तीन दिन की चेतावनी
यह ताज़ा बयान ट्रंप की उस चेतावनी के दो दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर से तीन दिन में नियंत्रण नहीं हटाया, तो तकनीकी कारणों से उसकी तेल पाइपलाइनें अगले तीन दिनों में फट जाएंगी। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग माना जाता है, जिससे दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है।
आगे क्या होगा
फिलहाल अमेरिका-ईरान के बीच किसी औपचारिक वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर डाल सकता है। दोनों देशों के बीच अगले कुछ दिनों में कोई ठोस कूटनीतिक कदम उठाया जाता है या नहीं, यह देखना अहम होगा।