ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: बातचीत नहीं तो पावर प्लांट और पुल होंगे तबाह
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 जुलाई को ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि वह अगले सप्ताह तक वार्ता की मेज पर नहीं लौटा, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाएगा। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और अधिक तीव्र होगी।
ट्रंप के बयान का मूल सार
ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा, "हम आज रात बहुत जोरदार हमला करेंगे। फिर कल रात हमला करेंगे। उसके अगले दिन भी हमला करेंगे। और अगले हफ्ते ईरान के लिए हालात और भी खराब हो जाएंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऊर्जा ढाँचे को अंतिम चरण में निशाना बनाया जाएगा — "ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को हम आखिर में निशाना बनाएंगे, लेकिन अंत में उन पर भी हमला होगा।"
ट्रंप ने दो-टूक कहा, "अगर वे बातचीत की मेज पर नहीं आए, तो हम उनके सभी पावर प्लांट और सभी पुल तबाह कर देंगे।" जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान समझौते के लिए गंभीर है, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उनके पास अब कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।"
हमलों की समय-सीमा और दायरा
ट्रंप के अनुसार अमेरिकी हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक वे स्वयं यह न कह दें कि अभियान का उद्देश्य पूरा हो गया। उनके शब्दों में, "हमले तब तक चलते रहेंगे, जब तक मैं नहीं कह देता कि अब काफी है। उनमें अभी भी थोड़ी लड़ने की ताकत बची है, लेकिन ज्यादा नहीं।"
गौरतलब है कि ट्रंप ने खार्ग द्वीप — ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र — पर कब्जे की संभावना पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह भी साफ तौर पर नकारा नहीं कि अमेरिका जमीनी सैन्य अभियान चला सकता है, यह कहते हुए कि "कभी-कभी जमीनी अभियान की जरूरत पड़ती है, लेकिन हमारे लिए यह काम दूसरे लोग भी कर सकते हैं।"
खार्ग द्वीप और तेल ढाँचे पर रुख
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका पहले ही खार्ग द्वीप पर हमला कर चुका है, लेकिन वहाँ की तेल सुविधाओं को जानबूझकर नुकसान नहीं पहुँचाया गया — क्योंकि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होती। उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ी तो भविष्य में तेल से जुड़े ढाँचे पर भी हमला किया जा सकता है, लेकिन मुझे इसकी संभावना कम लगती है।"
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान से बातचीत
ट्रंप ने दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है, किंतु ईरानी जहाजों के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ ईरान के लिए ही बंद है — आना-जाना दोनों।" जहाजों की आवाजाही के आँकड़ों के अनुसार, सोमवार को इस जलमार्ग से केवल 10 जहाज गुजरे, जो सामान्य दिनों की तुलना में 10 प्रतिशत से भी कम है।
ट्रंप ने यह भी बताया कि इंटरव्यू से करीब एक घंटे पहले उनके प्रतिनिधियों की ईरानी अधिकारियों से बातचीत हुई थी। ईरान को दिए संदेश के बारे में उन्होंने कहा, "उन्हें साफ कहा गया कि समझौता कर लो, वरना तुम्हारे पास कुछ भी नहीं बचेगा और न ही कोई बचेगा।"
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव अपने चरम पर है और वैश्विक ऊर्जा बाजार इस संघर्ष की दिशा पर नजर गड़ाए हुए हैं। आने वाले दिनों में ईरान का रुख ही तय करेगा कि यह संकट कूटनीति की राह पकड़ता है या सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है।