ट्रंप की चेतावनी: 'अब ईरान पर हमला हमारी बारी', पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को वाशिंगटन में स्पष्ट चेतावनी दी कि ईरान समर्थित बलों द्वारा दागी गई पाँच बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम से नाकाम करने के बाद अब जवाबी कार्रवाई की बारी अमेरिका की है। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर 'बहुत जोरदार हमला' करने की तैयारी में है, हालाँकि उन्होंने भविष्य में किसी समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया।
मिसाइल हमले का विवरण
ट्रंप के अनुसार, ईरान समर्थित समूहों ने 8,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पाँच रॉकेट दागे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम के ज़रिये जमीन पर ही नष्ट कर दिया। ट्रंप ने इसे अमेरिकी रक्षा तकनीक की सफलता बताते हुए कहा, 'हमारे लोग दुनिया के सबसे बेहतरीन उपकरण ऑपरेट कर रहे थे।' उन्होंने संकेत दिया कि इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं।
इससे अलग, ट्रंप को मिस्र के पास एक एलएनजी टैंकर पर हुए ड्रोन हमले की भी जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई के संकेत और भी स्पष्ट किए।
ट्रंप के बयान: 'पलटवार हमारी बारी'
राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा, 'हम उन पर जोरदार हमला करेंगे, क्योंकि अब पलटवार करने की हमारी बारी है। मुझे पता है कि ऐसा होने वाला है। वे हमें ऐसा न करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन कल रात उन्होंने हमला करने की कोशिश की।'
यह पूछे जाने पर कि क्या भविष्य में होने वाले हमलों पर अमेरिका हमेशा सैन्य जवाब देगा, ट्रंप ने कहा, 'काफी हद तक।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन हमलों के कारण अमेरिका क्षेत्र से अपनी सेना नहीं हटाएगा।
माफी और सबक की बात
ट्रंप ने यह भी बताया कि जिस समूह ने यह हमला किया, उसने पहले ही तनाव कम करने की कोशिश की है और माफी भी माँग ली है। उन्होंने कहा, 'यह उस ग्रुप से अलग ग्रुप था जिससे हम निपट रहे हैं। उन्होंने पहले ही माफी मांग ली है, लेकिन हमें उन्हें थोड़ा सबक सिखाना होगा।'
चीन और पाकिस्तान पर आरोप
ट्रंप ने उन खबरों का भी जिक्र किया जिनमें कहा गया है कि ईरान को पाकिस्तान के रास्ते चीन से सैकड़ों रॉकेट लॉन्चर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बीजिंग ईरान को हथियार नहीं देगा। ट्रंप ने कहा, 'वे जानते हैं कि इससे मुझे बहुत निराशा होगी।'
यूक्रेन और ईरान प्रतिबंध
इसी दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की अपनी इच्छा दोहराई। उन्होंने कहा, 'बैठक अच्छी रही। राष्ट्रपति पुतिन और जेलेंस्की के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं — मैंने कहा, बस युद्ध खत्म करो।' साथ ही ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से ईरान के खिलाफ केवल प्रतिबंध नहीं, बल्कि टैरिफ भी लगाने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान समर्थित समूहों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों के बीच कई हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। वाशिंगटन राजनयिक प्रयास जारी रखते हुए सैन्य विकल्पों को भी खुला रख रहा है।