30 जुलाई 2026
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ट्रंप की चेतावनी: 'अब ईरान पर हमला हमारी बारी', पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं

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ट्रंप की चेतावनी: 'अब ईरान पर हमला हमारी बारी', पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं

सारांश

पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें पैट्रियट सिस्टम से नाकाम करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलकर कहा — 'अब हमारी बारी है।' मिस्र के पास एलएनजी टैंकर पर ड्रोन हमले और चीन-पाकिस्तान के रास्ते ईरान को हथियार मिलने की खबरों के बीच मध्य पूर्व में टकराव का खतरा और गहरा हो गया है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को ईरान पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी।
ईरान समर्थित बलों द्वारा दागी गई पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम ने 8,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार पर रोकीं।
मिस्र के पास एक एलएनजी टैंकर पर भी ड्रोन हमले की सूचना मिली।
ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का हवाला देते हुए कहा कि बीजिंग ने ईरान को हथियार न देने का भरोसा दिलाया था।
ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से ईरान पर प्रतिबंधों के साथ-साथ टैरिफ लगाने का भी आग्रह किया।
हमलावर समूह ने माफी माँगी, लेकिन ट्रंप ने कहा — 'सबक सिखाना ज़रूरी है।'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को वाशिंगटन में स्पष्ट चेतावनी दी कि ईरान समर्थित बलों द्वारा दागी गई पाँच बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम से नाकाम करने के बाद अब जवाबी कार्रवाई की बारी अमेरिका की है। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर 'बहुत जोरदार हमला' करने की तैयारी में है, हालाँकि उन्होंने भविष्य में किसी समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया।

मिसाइल हमले का विवरण

ट्रंप के अनुसार, ईरान समर्थित समूहों ने 8,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पाँच रॉकेट दागे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम के ज़रिये जमीन पर ही नष्ट कर दिया। ट्रंप ने इसे अमेरिकी रक्षा तकनीक की सफलता बताते हुए कहा, 'हमारे लोग दुनिया के सबसे बेहतरीन उपकरण ऑपरेट कर रहे थे।' उन्होंने संकेत दिया कि इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं।

इससे अलग, ट्रंप को मिस्र के पास एक एलएनजी टैंकर पर हुए ड्रोन हमले की भी जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई के संकेत और भी स्पष्ट किए।

ट्रंप के बयान: 'पलटवार हमारी बारी'

राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा, 'हम उन पर जोरदार हमला करेंगे, क्योंकि अब पलटवार करने की हमारी बारी है। मुझे पता है कि ऐसा होने वाला है। वे हमें ऐसा न करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन कल रात उन्होंने हमला करने की कोशिश की।'

यह पूछे जाने पर कि क्या भविष्य में होने वाले हमलों पर अमेरिका हमेशा सैन्य जवाब देगा, ट्रंप ने कहा, 'काफी हद तक।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन हमलों के कारण अमेरिका क्षेत्र से अपनी सेना नहीं हटाएगा।

माफी और सबक की बात

ट्रंप ने यह भी बताया कि जिस समूह ने यह हमला किया, उसने पहले ही तनाव कम करने की कोशिश की है और माफी भी माँग ली है। उन्होंने कहा, 'यह उस ग्रुप से अलग ग्रुप था जिससे हम निपट रहे हैं। उन्होंने पहले ही माफी मांग ली है, लेकिन हमें उन्हें थोड़ा सबक सिखाना होगा।'

चीन और पाकिस्तान पर आरोप

ट्रंप ने उन खबरों का भी जिक्र किया जिनमें कहा गया है कि ईरान को पाकिस्तान के रास्ते चीन से सैकड़ों रॉकेट लॉन्चर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बीजिंग ईरान को हथियार नहीं देगा। ट्रंप ने कहा, 'वे जानते हैं कि इससे मुझे बहुत निराशा होगी।'

यूक्रेन और ईरान प्रतिबंध

इसी दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की अपनी इच्छा दोहराई। उन्होंने कहा, 'बैठक अच्छी रही। राष्ट्रपति पुतिन और जेलेंस्की के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं — मैंने कहा, बस युद्ध खत्म करो।' साथ ही ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से ईरान के खिलाफ केवल प्रतिबंध नहीं, बल्कि टैरिफ भी लगाने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान समर्थित समूहों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों के बीच कई हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। वाशिंगटन राजनयिक प्रयास जारी रखते हुए सैन्य विकल्पों को भी खुला रख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे अमेरिकी नीति की दिशा अस्पष्ट बनी हुई है। चीन-पाकिस्तान-ईरान हथियार आपूर्ति की खबरें अगर सच साबित हुईं तो यह संकट एक नए और खतरनाक आयाम में प्रवेश कर सकता है — जिसका असर सिर्फ मध्य पूर्व नहीं, वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और भारत की रणनीतिक स्थिति पर भी पड़ेगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान पर जवाबी हमले की बात क्यों कही?
ईरान समर्थित बलों ने पाँच बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम ने नाकाम किया। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अब जवाबी कार्रवाई की बारी अमेरिका की है।
पैट्रियट सिस्टम ने कितनी मिसाइलें रोकीं?
अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने 8,500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दागी गई पाँच रॉकेट/मिसाइलें जमीन पर ही नष्ट कर दीं। ट्रंप ने इसे अमेरिकी रक्षा तकनीक की सफलता बताया।
क्या अमेरिका मध्य पूर्व से अपनी सेना हटाएगा?
नहीं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इन हमलों के बावजूद अमेरिका क्षेत्र से अपनी सेना नहीं हटाएगा। उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसा नहीं लगता — नहीं, हम ऐसा नहीं करेंगे।'
चीन और पाकिस्तान का इस विवाद से क्या संबंध है?
ट्रंप ने उन खबरों का जिक्र किया जिनमें कहा गया है कि ईरान को पाकिस्तान के रास्ते चीन से सैकड़ों रॉकेट लॉन्चर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बीजिंग ईरान को हथियार नहीं देगा।
ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस से ईरान के बारे में क्या माँग की?
ट्रंप ने कांग्रेस से आग्रह किया कि ईरान पर केवल प्रतिबंध नहीं, बल्कि टैरिफ भी लगाए जाएँ। उन्होंने इसे ज़रूरी बताया और लंबित कानून को और मजबूत करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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