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इजरायल-ईरान तनाव: ट्रंप ने नेतन्याहू से जवाबी हमला न करने की अपील की, बोले — 'बातचीत पर लौटो'

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इजरायल-ईरान तनाव: ट्रंप ने नेतन्याहू से जवाबी हमला न करने की अपील की, बोले — 'बातचीत पर लौटो'

सारांश

ईरान के 10 बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप ने एक साथ दो मोर्चे संभाले — ईरान से बातचीत पर लौटने की अपील और नेतन्याहू से जवाबी हमला न करने का आग्रह। जो परमाणु समझौता 'कुछ दिन दूर' था, वह अब अधर में है।

मुख्य बातें

ट्रंप ने 8 जून को ईरान से इजरायल पर मिसाइल हमले बंद कर बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की।
ट्रंप के अनुसार, हमले से पहले अमेरिका और ईरान परमाणु समझौते के 'बहुत करीब' थे — संभावित हस्ताक्षर उसी सप्ताह सोमवार से बुधवार के बीच हो सकते थे।
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन कर जवाबी कार्रवाई न करने की अपील करने की बात कही।
ईरान ने रविवार को कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें तीन चरणों में दागीं; IDF ने सभी को रोकने का दावा किया।
IDF प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा — ईरान ने 'बड़ी गलती' की; IDF प्रमुख एयाल जमीर अगले कदम की योजना पर काम कर रहे हैं।
इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने खुले इलाकों में 200 से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक लगाई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जून को ईरान से आग्रह किया कि वह इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागना बंद करे और परमाणु वार्ता की मेज पर वापस लौटे। यह बयान उस वक्त आया जब ईरान ने रविवार को कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं — और इजरायली सेना के अनुसार, अब तक ईरान चार अलग-अलग बार मिसाइल हमले कर चुका है।

ट्रंप का बयान और शांति की अपील

फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'मैं ईरान से यही कहूंगा कि आपने अपनी मिसाइलें चला दीं, अब बस कीजिए। वापस बातचीत की मेज पर आइए और समझौता कीजिए।' उन्होंने यह भी दावा किया कि मिसाइल हमले से ठीक पहले दोनों देश किसी परमाणु समझौते के बेहद करीब पहुँच चुके थे।

ट्रंप ने कहा, 'हम बहुत करीब थे। मेरा मानना है कि इस आने वाले हफ्ते में — सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक — समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। लेकिन अब यह सब हो गया।' उन्होंने जोड़ा कि यह घटनाक्रम 'बातचीत और समझौते की कोशिशों के लिए बिल्कुल भी मददगार नहीं होगा।'

नेतन्याहू से संपर्क और जवाबी हमले पर रोक की अपील

अमेरिकी मीडिया संस्थान Axios को दिए एक अलग इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन करेंगे और उनसे जवाबी कार्रवाई न करने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं अभी बीबी को फोन करने वाला हूं और उनसे कहूंगा कि जवाबी हमला न करें। दोनों पक्ष अपना-अपना कदम उठा चुके हैं — इजरायल ने हमला किया और ईरान ने भी जवाब दिया। अब हमें और टकराव की जरूरत नहीं है।'

ईरान के हमले और इजरायल की सैन्य प्रतिक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने रविवार को कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं, जो कम से कम तीन अलग-अलग चरणों में छोड़ी गईं। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि सभी मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया। फिलहाल किसी के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, हालांकि उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए।

IDF के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने मिसाइलें दागकर 'बड़ी गलती' की है और सेना किसी भी संभावित अगले हमले के लिए 'पूरी तरह तैयार' है। उन्होंने बताया कि IDF प्रमुख एयाल जमीर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और आगे उठाए जाने वाले कदमों की योजनाओं को मंजूरी दे रहे हैं।

दो इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल इस हमले का 'कड़ा जवाब' देगा, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

इजरायल में सुरक्षा उपाय कड़े

ईरानी हमलों के बाद इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने पूरे देश में सुरक्षा नियम और सख्त कर दिए हैं। खुले इलाकों में 200 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में पहले से ही गाज़ा संघर्ष को लेकर तनाव चरम पर है। ट्रंप की शांति अपील और नेतन्याहू से संभावित बातचीत के नतीजे यह तय करेंगे कि क्या यह संकट कूटनीतिक रास्ते पर लौट सकता है, या क्षेत्रीय युद्ध की आशंका और गहरी होगी। गौरतलब है कि इजरायल और ईरान के बीच यह प्रत्यक्ष टकराव पहले भी हो चुका है — और हर बार वैश्विक कूटनीति पर दबाव बढ़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कूटनीतिक नुकसान को बड़ा दिखाने की कोशिश है — लेकिन इसे सत्यापित करने का कोई स्वतंत्र ज़रिया नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या ट्रंप की नेतन्याहू से अपील में कोई दबाव होगा, या यह महज़ सार्वजनिक बयानबाज़ी है। इजरायल पहले भी अमेरिकी 'संयम' की सलाह के बावजूद जवाबी कार्रवाई कर चुका है। मध्य-पूर्व में यह सीधा मिसाइल टकराव एक नई और खतरनाक सीमा-रेखा है — और अगले 48 घंटे तय करेंगे कि कूटनीति जीतती है या बारूद।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान से क्या अपील की?
ट्रंप ने ईरान से इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले बंद करने और परमाणु वार्ता की मेज पर वापस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमले से पहले दोनों देश समझौते के बेहद करीब थे।
ईरान ने इजरायल पर कितनी मिसाइलें दागीं?
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने रविवार को कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें तीन अलग-अलग चरणों में दागीं। IDF का दावा है कि सभी मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया और अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
क्या इजरायल जवाबी हमला करेगा?
दो इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल 'कड़ा जवाब' देगा। IDF प्रमुख एयाल जमीर अगले कदम की योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई विवरण नहीं दिया गया है।
ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन क्यों करने की बात कही?
ट्रंप ने कहा कि वह नेतन्याहू से जवाबी हमला न करने की अपील करेंगे, यह तर्क देते हुए कि दोनों पक्ष अपने-अपने कदम उठा चुके हैं और अब और टकराव की ज़रूरत नहीं है। यह अपील क्षेत्रीय संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश का हिस्सा है।
इजरायल में आम नागरिकों पर क्या असर पड़ा?
उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। होम फ्रंट कमांड ने खुले इलाकों में 200 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब तक किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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