इजरायल-ईरान तनाव: ट्रंप ने नेतन्याहू से जवाबी हमला न करने की अपील की, बोले — 'बातचीत पर लौटो'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जून को ईरान से आग्रह किया कि वह इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागना बंद करे और परमाणु वार्ता की मेज पर वापस लौटे। यह बयान उस वक्त आया जब ईरान ने रविवार को कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं — और इजरायली सेना के अनुसार, अब तक ईरान चार अलग-अलग बार मिसाइल हमले कर चुका है।
ट्रंप का बयान और शांति की अपील
फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'मैं ईरान से यही कहूंगा कि आपने अपनी मिसाइलें चला दीं, अब बस कीजिए। वापस बातचीत की मेज पर आइए और समझौता कीजिए।' उन्होंने यह भी दावा किया कि मिसाइल हमले से ठीक पहले दोनों देश किसी परमाणु समझौते के बेहद करीब पहुँच चुके थे।
ट्रंप ने कहा, 'हम बहुत करीब थे। मेरा मानना है कि इस आने वाले हफ्ते में — सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक — समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। लेकिन अब यह सब हो गया।' उन्होंने जोड़ा कि यह घटनाक्रम 'बातचीत और समझौते की कोशिशों के लिए बिल्कुल भी मददगार नहीं होगा।'
नेतन्याहू से संपर्क और जवाबी हमले पर रोक की अपील
अमेरिकी मीडिया संस्थान Axios को दिए एक अलग इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन करेंगे और उनसे जवाबी कार्रवाई न करने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं अभी बीबी को फोन करने वाला हूं और उनसे कहूंगा कि जवाबी हमला न करें। दोनों पक्ष अपना-अपना कदम उठा चुके हैं — इजरायल ने हमला किया और ईरान ने भी जवाब दिया। अब हमें और टकराव की जरूरत नहीं है।'
ईरान के हमले और इजरायल की सैन्य प्रतिक्रिया
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने रविवार को कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं, जो कम से कम तीन अलग-अलग चरणों में छोड़ी गईं। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि सभी मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया। फिलहाल किसी के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, हालांकि उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए।
IDF के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने मिसाइलें दागकर 'बड़ी गलती' की है और सेना किसी भी संभावित अगले हमले के लिए 'पूरी तरह तैयार' है। उन्होंने बताया कि IDF प्रमुख एयाल जमीर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और आगे उठाए जाने वाले कदमों की योजनाओं को मंजूरी दे रहे हैं।
दो इजरायली सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल इस हमले का 'कड़ा जवाब' देगा, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
इजरायल में सुरक्षा उपाय कड़े
ईरानी हमलों के बाद इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने पूरे देश में सुरक्षा नियम और सख्त कर दिए हैं। खुले इलाकों में 200 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में पहले से ही गाज़ा संघर्ष को लेकर तनाव चरम पर है। ट्रंप की शांति अपील और नेतन्याहू से संभावित बातचीत के नतीजे यह तय करेंगे कि क्या यह संकट कूटनीतिक रास्ते पर लौट सकता है, या क्षेत्रीय युद्ध की आशंका और गहरी होगी। गौरतलब है कि इजरायल और ईरान के बीच यह प्रत्यक्ष टकराव पहले भी हो चुका है — और हर बार वैश्विक कूटनीति पर दबाव बढ़ा है।