गांधीनगर में 15 सितंबर से WCEF-2026: 65 देशों के 2,000 प्रतिनिधि सर्कुलर इकोनॉमी पर करेंगे मंथन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 13 सितंबर 2026 को घोषणा की कि गांधीनगर में 15 सितंबर से तीन-दिवसीय वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF) 2026 का आयोजन होगा, जिसमें 65 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक हितधारक भाग लेंगे। यह पहली बार है जब यह वैश्विक मंच दक्षिण एशिया में आयोजित हो रहा है, जो भारत की सर्कुलर इकोनॉमी नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
फोरम का उद्घाटन और थीम
फोरम की थीम है — 'सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव'। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल संयुक्त रूप से फोरम का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा, गुजरात के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अर्जुनभाई मोधवाडिया और फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोसकी भी उपस्थित रहेंगे।
यह आयोजन संयुक्त रूप से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), फिनिश इनोवेशन फंड SITRA, फिनलैंड सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, गुजरात सरकार और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य सत्र और विषय
15 और 16 सितंबर को होने वाले मुख्य आयोजन में चार प्रमुख सत्र और 16 समानांतर विषय-आधारित सत्र शामिल होंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग, रोज़गार की संभावनाओं, ऊर्जा उत्पादन, सर्कुलर फाइनेंस, गवर्नेंस, सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स, इंडस्ट्रियल समाधान, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर विमर्श होगा।
इवेंट में 125 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों के साथ एक एक्सपो भी आयोजित किया जाएगा, जहाँ स्टार्ट-अप्स द्वारा विकसित व्यावहारिक सर्कुलर समाधान और निवेश के लिए तैयार इनोवेशन प्रदर्शित किए जाएंगे।
भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका
यह फोरम ग्लोबल साउथ के साथ वैश्विक सहयोग और जुड़ाव को सुदृढ़ करने, सर्कुलर फाइनेंस में निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने, और इनोवेशन एवं डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में 'सस्टेनेबल कंजम्पशन एंड प्रोडक्शन पैटर्न्स पर 10-वर्षीय प्रोग्राम फ्रेमवर्क' (10YFP) बोर्ड के सह-अध्यक्ष की भूमिका संभाली है। इस बोर्ड की प्रत्यक्ष बैठक भी 15 सितंबर को गांधीनगर में ही होगी।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर्यावरण प्रशासन में बड़े बदलाव का नेतृत्व करते हुए एक आधुनिक सर्कुलर इकोनॉमी की ओर अग्रसर है।
एक्सेलेरेटर सत्र और आगे का कार्यक्रम
17 और 18 सितंबर को वैश्विक सहयोगी गांधीनगर तथा दुनिया भर के अन्य स्थानों पर ऑनलाइन/हाइब्रिड और प्रत्यक्ष रूप में 80 एक्सेलेरेटर सत्रों का स्वतंत्र रूप से आयोजन करेंगे। सर्कुलरिटी का मूल सिद्धांत मौजूदा सामग्री और उत्पादों के पुनः उपयोग, मरम्मत और रीसाइक्लिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें मूल्यवान संसाधनों के रूप में अर्थव्यवस्था में वापस लाना है।
यह फोरम ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर संसाधनों की बर्बादी और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए सर्कुलर इकोनॉमी को एक कारगर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।