नवीन-उल-हक की वापसी: 'शुरुआती छह हफ्ते बैठकर सोया', लैबरम सर्जरी के बाद भारत दौरे पर नज़रें
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक ने लगभग दो साल के लंबे अंतराल के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की पूर्व संध्या पर अपनी कठिन रिकवरी यात्रा को विस्तार से साझा किया है। 26 वर्षीय यह तेज गेंदबाज भारत बनाम अफगानिस्तान टी20 इंटरनेशनल सीरीज में उतरने के लिए तैयार हैं, जिसका पहला मुकाबला 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है।
चोट की दास्तान: दो सर्जरी, यूके में रिहैब
नवीन को लगातार चोटों ने बुरी तरह प्रभावित किया, जिनमें सबसे गंभीर उनके दाहिने कंधे का स्ट्रेस फ्रैक्चर था। इसी चोट के कारण वह आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से बाहर हो गए थे। उन्होंने बताया, 'स्ट्रेस फ्रैक्चर तो आठ से दस हफ्तों में अपने आप ठीक हो गया था। मगर मुझे लैबरम रिपेयर के लिए दूसरी सर्जरी करवानी पड़ी।' रिकवरी की शुरुआत और भी कठिन रही — उन्हें यूके में रिहैबिलिटेशन के दौरान शुरुआती छह हफ्तों तक बैठकर सोना पड़ा।
मानसिक चुनौती: अकेलापन और असहायता
नवीन ने माना कि मैदान से दूर रहना मानसिक रूप से बेहद भारी था। उनके शब्दों में, 'यह अकेलापन भरा होता है। किसी भी व्यक्ति के लिए यह बहुत मुश्किल समय होता है।' सबसे पीड़ादायक क्षण तब आया जब टी20 विश्व कप 2026 के दौरान अहमदाबाद में अफगानिस्तान को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 'डबल सुपर ओवर' में हार का सामना करना पड़ा। नवीन ने कहा, 'मुझे लगता था कि अगर मैं टीम के साथ होता, तो शायद डेथ ओवरों में कुछ अलग कर पाता।' यह ऐसे समय में आया है जब गेंदबाजों की मानसिक सेहत पर वैश्विक क्रिकेट में चर्चा तेज हुई है।
करियर की झलक: विश्व कप 2024 का हीरो
नवीन ने 2016 में महज 17 साल की उम्र में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच से अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। टी20 विश्व कप 2024 में वह अफगानिस्तान की ऐतिहासिक सेमीफाइनल यात्रा के अहम सूत्रधार रहे, जहाँ उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 12.30 की औसत और 6.0 की इकोनॉमी से 13 विकेट चटकाए। डेथ ओवरों में उनकी विशेषज्ञता अफगान गेंदबाजी आक्रमण की धुरी रही है। गौरतलब है कि 2023 में उन्होंने वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी, जिसमें लगातार चोटों की बड़ी भूमिका थी।
अफगानिस्तान की युवा पीढ़ी: एकजुट टीम का जज्बा
नवीन ने मौजूदा अफगान टीम के मजबूत तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा, 'इस पीढ़ी में आपको 9 या 10 ऐसे खिलाड़ी दिखेंगे जो 2018 से अंडर-19 स्तर से ही अफगानिस्तान के लिए एक साथ खेल रहे हैं। वे खिलाड़ी अब नेशनल टीम में हैं और दुनिया भर में फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल रहे हैं।' यह सामूहिकता अफगानिस्तान क्रिकेट के तेज उभार की बड़ी वजह मानी जाती है।
आगे की राह: हर पल खेलने की ललक
शारीरिक चुनौतियों से पार पाने के बाद नवीन का जज्बा और दृढ़ हुआ है। उन्होंने कहा, 'हमें जितना हो सके उतना क्रिकेट खेलना चाहिए, लेकिन एक दिन यह सब खत्म हो जाएगा। हर किसी को जाना ही है, और एक क्रिकेटर के तौर पर हम इसे बहुत याद करेंगे। हमें खेलना है, मैदान पर उतरना है और उस दबाव को महसूस करना है।' भारत के खिलाफ टी20 सीरीज नवीन के लिए न केवल क्रिकेट में वापसी है, बल्कि अपनी काबिलियत फिर से साबित करने का मौका भी है।