13 सितंबर 2026
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वाशिम: 'कारवा-ए-उकाब' कार्यक्रम मामले में एटीएस केस के बाद उर्दू शिक्षक मोहम्मद फुरकान निलंबित

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वाशिम: 'कारवा-ए-उकाब' कार्यक्रम मामले में एटीएस केस के बाद उर्दू शिक्षक मोहम्मद फुरकान निलंबित

सारांश

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक सरकारी उर्दू शिक्षक पर एटीएस का शिकंजा कसा — 2024 के 'कारवा-ए-उकाब' कार्यक्रम में बच्चों को कथित सांप्रदायिक प्रशिक्षण देने के आरोप में मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया, और अब जिला परिषद ने निलंबन की कार्रवाई की।

मुख्य बातें

मोहम्मद फुरकान शेख हसन , पोहरादेवी उर्दू स्कूल के सहायक शिक्षक, एटीएस केस के बाद वाशिम जिला परिषद द्वारा निलंबित।
19 से 22 जून 2024 के बीच पुसद में आयोजित ' कारवा-ए-उकाब ' कार्यक्रम में बच्चों को कथित सांप्रदायिक प्रशिक्षण देने का आरोप।
शिक्षक समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मुंबई के काला चौकी पुलिस स्टेशन में BNS धारा 196(1) के तहत केस दर्ज।
निलंबन आदेश में देशविरोधी साजिश, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना और मुख्यालय में अनुपस्थिति जैसे आरोप शामिल।
निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय पंचायत समिति, मंगरुलपीर तय; बिना अनुमति वहाँ से बाहर जाने पर रोक।

महाराष्ट्र के वाशिम जिले के पोहरादेवी स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल के सहायक शिक्षक मोहम्मद फुरकान शेख हसन को आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद जिला परिषद प्रशासन ने 13 सितंबर 2026 को निलंबित कर दिया। कथित तौर पर इस्लामिक यूथ फेडरेशन (IYF) द्वारा आयोजित 'कारवा-ए-उकाब' कार्यक्रम में बच्चों को धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाला प्रशिक्षण देने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

क्या है 'कारवा-ए-उकाब' मामला

19 जून 2024 से 22 जून 2024 के बीच यवतमाल जिले के पुसद में इस्लामिक यूथ फेडरेशन (IYF) की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस आयोजन में छोटे बच्चों को कथित तौर पर सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने वाली सामग्री के ज़रिए प्रशिक्षित किए जाने का आरोप लगाया गया है। मूल रूप से पुसद के निवासी बताए जा रहे शिक्षक मोहम्मद फुरकान पर इस कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेह जताया गया है।

एटीएस और पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में शिक्षक मोहम्मद फुरकान शेख हसन समेत कुल छह व्यक्तियों के खिलाफ मुंबई के काला चौकी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिला परिषद के निलंबन आदेश में उल्लेख है कि शिक्षक के खिलाफ BNS की धारा 196(1)(3) के तहत भी कार्यवाही की गई है। जाँच के दौरान संबंधित दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जाँच की गई, यह प्रशासन के आदेश में कहा गया है।

निलंबन आदेश में लगाए गए आरोप

जिला परिषद प्रशासन के निलंबन आदेश में निम्नलिखित आरोपों का उल्लेख किया गया है — कर्तव्य में लापरवाही, जिला परिषद की छवि को नुकसान पहुँचाना, देशविरोधी साजिश में कथित संलिप्तता, छोटे बच्चों के मन में सांप्रदायिक वैमनस्य का बीजारोपण करना, और निर्धारित मुख्यालय में निवास न करना। प्रशासन ने इन सभी आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू की है। गौरतलब है कि मनोरा तालुका के तीर्थ स्थल पोहरादेवी में स्थित इस उर्दू स्कूल में वह सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।

निलंबन अवधि की शर्तें

निलंबन आदेश के अनुसार, संबंधित शिक्षक के लिए निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय पंचायत समिति, मंगरुलपीर तय किया गया है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। अधिकारियों के अनुसार, मामले की आगे की जाँच अभी जारी है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में सामने आया है जब देश भर में शिक्षण संस्थानों में कथित रूप से कट्टरपंथी सामग्री के प्रसार को लेकर जाँच एजेंसियाँ सतर्क हैं। जिला परिषद प्रशासन द्वारा शुरू की गई विभागीय जाँच और एटीएस की आपराधिक जाँच समानांतर रूप से चलती रहेंगी। शिक्षक के खिलाफ आरोप अभी कथित हैं और न्यायिक प्रक्रिया के तहत उनकी जाँच होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

कार्रवाई 2026 में — यह भी संकेत देता है कि ऐसे मामलों में प्रशासनिक प्रतिक्रिया में देरी होती है। आरोप अभी कथित हैं और न्यायिक जाँच से ही तथ्य स्पष्ट होंगे; फिर भी, यह प्रकरण शैक्षणिक कार्यकर्ताओं की जवाबदेही बनाम व्यक्तिगत स्वतंत्रता की उस बहस को फिर से केंद्र में ला देता है जो बार-बार छोटे शहरों से उठती है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'कारवा-ए-उकाब' कार्यक्रम क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
'कारवा-ए-उकाब' इस्लामिक यूथ फेडरेशन (IYF) द्वारा 19 से 22 जून 2024 के बीच यवतमाल जिले के पुसद में आयोजित एक कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में छोटे बच्चों को कथित तौर पर धार्मिक वैमनस्य उत्पन्न करने वाला प्रशिक्षण दिए जाने का आरोप है, जिसके आधार पर एटीएस ने जाँच शुरू की।
मोहम्मद फुरकान शेख हसन के खिलाफ क्या आरोप हैं?
उन पर BNS की धारा 196(1) और 196(1)(3) के तहत मामला दर्ज है। आरोपों में देशविरोधी साजिश में संलिप्तता, बच्चों में सांप्रदायिक वैमनस्य का बीजारोपण, कर्तव्य में लापरवाही और निर्धारित मुख्यालय में निवास न करना शामिल हैं।
इस मामले में कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ है?
शिक्षक मोहम्मद फुरकान शेख हसन समेत कुल छह व्यक्तियों के खिलाफ मुंबई के काला चौकी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। एटीएस इस मामले की जाँच कर रहा है।
जिला परिषद ने निलंबन के दौरान शिक्षक के लिए क्या शर्तें तय की हैं?
निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय पंचायत समिति, मंगरुलपीर तय किया गया है। वे बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते और विभागीय जाँच जारी है।
आगे इस मामले में क्या होगा?
जिला परिषद की विभागीय जाँच और एटीएस की आपराधिक जाँच दोनों समानांतर रूप से जारी हैं। आरोप अभी कथित हैं और न्यायिक प्रक्रिया के तहत इनकी जाँच होगी।
राष्ट्र प्रेस
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