उत्तरकाशी में दो प्रधानाध्यापक निलंबित, समग्र शिक्षा धनराशि के गबन का आरोप; मोरी क्षेत्र में औचक निरीक्षण
सारांश
Key Takeaways
- जिला शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल ने 29 अप्रैल को मोरी विकासखंड में औचक निरीक्षण के बाद दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय दौणी के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार और राजकीय प्राथमिक विद्यालय सट्टा, गोरी के हरिचंद्र पर समग्र शिक्षा अभियान धनराशि के गबन का आरोप।
- सहायक अध्यापक जय सिंह कठैत को नेटवाड़ बाजार में शराब के नशे में होने के वायरल वीडियो के बाद निलंबित किया गया।
- शिक्षामित्र संजय कुमार से स्पष्टीकरण तलब; परिचारक पंकज कुमार की लगातार अनुपस्थिति पर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ।
- मई माह में पूरे जिले में लगातार औचक निरीक्षण अभियान चलाने की घोषणा; लापरवाही पर सेवा समाप्ति या अनिवार्य सेवानिवृत्ति तक की चेतावनी।
उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड में 29 अप्रैल 2026 को शिक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण और जनसुनवाई अभियान के दौरान दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) एवं प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल ने अनुपस्थिति और समग्र शिक्षा अभियान की धनराशि के कथित दुरुपयोग को निलंबन का आधार बताया। इसके अतिरिक्त एक सहायक अध्यापक को भी निलंबित किया गया है, जबकि एक शिक्षामित्र और एक परिचारक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड मोरी के दूरस्थ क्षेत्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कई विद्यालयों का अघोषित निरीक्षण किया गया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय दौणी के प्रभारी प्रधानाध्यापक संतोष कुमार बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय सट्टा, गोरी के प्रभारी प्रधानाध्यापक हरिचंद्र जनसुनवाई कार्यक्रम में भी उपस्थित नहीं हुए।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि दोनों विद्यालयों को समग्र शिक्षा अभियान के तहत जारी धनराशि का धरातल पर कोई उपयोग नहीं हुआ। विभाग ने प्रथम दृष्टया इसे सरकारी धनराशि के गबन का मामला मानते हुए दोनों शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया।
तीसरा निलंबन: वायरल वीडियो बना कारण
राजकीय इंटर कॉलेज दौणी, मोरी में औचक निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक (एलटी व्यायाम) जय सिंह कठैत भी अनुपस्थित मिले। जनप्रतिनिधियों और विद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों को बताया कि एक दिन पूर्व नेटवाड़ बाजार में संबंधित शिक्षक के शराब के नशे में होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिलाधिकारी और यमुनोत्री विधायक के निर्देश पर निलंबन की संस्तुति की गई, जिस पर अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल ने तत्काल निलंबन आदेश जारी कर दिया।
अन्य कार्रवाइयाँ
राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठडियार में कार्यरत शिक्षामित्र संजय कुमार विद्यालय समय में अवकाश प्रार्थना पत्र देकर चले गए, जिस पर विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। कार्यालय विकासखंड भटवाड़ी में कार्यरत परिचारक पंकज कुमार की लगातार अनुपस्थिति की शिकायत भी जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में आई है और उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है।
आम जनता और अभिभावकों पर असर
ग्रामीण क्षेत्रों से आए अभिभावकों ने जनसुनवाई में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराईं। उनका कहना था कि कई विद्यालयों में शिक्षक नियमित रूप से नहीं पहुँचते, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कुछ स्थानों पर विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद जमीन पर कोई काम दृष्टिगोचर नहीं है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सरकारी विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा।
क्या होगा आगे
जिला शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल ने स्पष्ट किया है कि मई माह में लगातार विद्यालयों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए जाने वाले किसी भी शिक्षक या कर्मचारी के खिलाफ निलंबन, सेवा समाप्ति अथवा अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार विभाग अब उन विद्यालयों की सूची तैयार कर रहा है जहाँ शिक्षकों की उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता लगातार खराब पाई गई है, और वहाँ विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।